खामेनेई की मौत पर पहले सरकार पर भड़कीं सोनिया गांधी,  फिर कांग्रेस सांसद को संवेदना जताने भेजा!

ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भारत की प्रतिक्रिया को लेकर कांग्रेस मोदी सरकार पर बहुत आक्रामक है। पहले सोनिया गांधी ने इसकी आलोचना की, फिर पार्टी सांसद इमरान मसूद ने खामेनेई के प्रतिनिधि से मुलाकात की।

Mar 3, 2026 - 21:03
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खामेनेई की मौत पर पहले सरकार पर भड़कीं सोनिया गांधी,  फिर कांग्रेस सांसद को संवेदना जताने भेजा!

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मंगलवार को दिल्ली में भारत में रह रहे ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल माजिद हकीम इलाह से मुलाकात करके उनकी मौत पर संवेदनाएं जताई हैं। इससे पहले पार्टी नेता और सांसद सोनिया गांधी ने खामेनेई की हत्या की मोदी सरकार की ओर से औपचारिक निंदा नहीं किए जाने को लेकर इसकी कड़ी आलोचना की थी।

भारत में रह रहे ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल माजिद हकीम इलाह से मुलाकात के बाद कांग्रेस पार्टी के एमपी इमरान मसूद ने कहा,'किसी देश के प्रमुख का जाना बहुत बुरा है,और ईरान के साथ हमारा सदियों पुराना नाता है। मैं खामेनेई की मौत पर संवेदना जताने आया हूं..उनकी इस तरह से हत्या पर..।'

इमरान मसूद ने आगे कहा,'...मैंने भारत में खामेनेई के प्रतिनिधि से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं...उन्होंने (खामेनेई) कहा कि ईरान और भारत की दोस्ती 3,000 साल पुरानी है...भारत के बारे में उनकी जानकारी कई और पढ़े-लिखे और सक्षम लोगों से ज्यादा थी।..उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू कि 'डिस्कवरी ऑफ इंडिया' उन्होंने चार बार पढ़ी।' उन्होंने कहा कि खामेनेई नेहरू-गांधी के विचारों से प्रभावित थे।

कांग्रेस सांसद ने इमरान मसूद ईरान को लेकर अबतक भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा,'ये बात बहुत विचलित कर रही है...जब आप यूएई से बात कर रहे हैं, सऊदी से बात कर रहे हैं, इजरायल से भी बात कर रहे हैं..तो हिंदुस्तान को न्यूट्रल नजर आना चाहिए। यह हमारी विदेश नीति है। लेकिन ईरान के लिए आपसे दो लफ्ज भी नहीं बोले गए। ये हैरान भी करता है और दुखी भी करता है।'

इससे पहले कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की टारगेटेड हत्या पर मोदी सरकार की कथित चुप्पी की आलोचना की और कहा कि 'यह तटस्थ रहना नहीं, बल्कि त्यागना' है। इंडियन एक्सप्रेस में एक ओपनियन के माध्यम से सोनिया ने भारत के रेस्पॉन्स को 'इस त्रासदी के मौन समर्थन का संकेत' बताया है।