ताजमहल की सुरक्षा का रियलिटी टेस्ट, आग, घुसपैठ और इमरजेंसी पर एजेंसियों की बड़ी मॉक ड्रिल

ताजमहल परिसर में गुरुवार को व्यापक सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें आग लगने, संदिग्ध घुसपैठ और इमरजेंसी रिस्पॉन्स जैसी परिस्थितियों का अभ्यास किया गया। ड्रिल के दौरान पुलिस, सीआईएसएफ, फायर सर्विस और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई का प्रदर्शन किया। इस दौरान फायर पंप रूम में तकनीकी खामी भी सामने आई, जिसे गंभीर मानते हुए सुधार के निर्देश दिए गए।

May 29, 2026 - 18:03
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ताजमहल की सुरक्षा का रियलिटी टेस्ट, आग, घुसपैठ और इमरजेंसी पर एजेंसियों की बड़ी मॉक ड्रिल
ताजमहल की सुरक्षा को लेकर मॉकड्रिल करते सुरक्षाकर्मी।

आगरा। ताज महल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत और चुस्त बनाने के लिए गुरुवार को परिसर में हाई अलर्ट स्तर की व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस विशेष अभ्यास में पुलिस, सीआईएसएफ, फायर सर्विस और कई अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर अलग-अलग आपात परिस्थितियों का सामना करने का अभ्यास किया। ड्रिल का मकसद यह जांचना था कि आग लगने, संदिग्धों की घुसपैठ या किसी बड़े हादसे की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया देती हैं।

भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए सबसे पहले फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल कराई गई। इसके तहत होटल अमर विलास के सामने स्थित भूमिगत फायर पंप रूम की तकनीकी जांच की गई। इसके बाद ताजमहल के ईस्ट गेट पर आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई।
सूचना मिलते ही थाना ताज सुरक्षा पुलिस, फायर सर्विस और अन्य सुरक्षा टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। ईस्ट गेट पर मौजूद जल बिंदुओं से पाइप जोड़कर आग बुझाने का अभ्यास किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने यह भी परखा कि इमरजेंसी कॉल मिलने के बाद टीम कितनी तेजी से घटनास्थल तक पहुंचती है और आग पर नियंत्रण पाने में कितना समय लगता है।

ड्रिल में सामने आई तकनीकी खामी

मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में एक अहम तकनीकी कमी भी उजागर हुई। होटल अमर विलास के सामने स्थित भूमिगत फायर पंप रूम निर्धारित दबाव (प्रेशर) बनाने में सफल नहीं हो सका। अधिकारियों ने इसे गंभीर मामला मानते हुए संबंधित विभाग को तत्काल तकनीकी सुधार कराने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि भविष्य में किसी वास्तविक आपात स्थिति से पहले इस कमी को दूर किया जाएगा।

संदिग्ध घुसपैठ रोकने का अभ्यास

फायर ड्रिल के बाद एंटी-इन्ट्रूजन मॉक ड्रिल कराई गई। इसमें काल्पनिक रूप से दो संदिग्ध व्यक्तियों को ईस्ट गेट के लेबर गेट से ताजमहल परिसर में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए दिखाया गया। सूचना मिलते ही सीआईएसएफ और थाना ताज सुरक्षा पुलिस की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तुरंत सक्रिय हो गई। टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी करते हुए संदिग्धों को पकड़ने और संभावित हमले को नाकाम करने का अभ्यास किया। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय, संदिग्धों तक पहुंचने की रणनीति और सुरक्षा जांच प्रक्रिया को भी बारीकी से परखा गया।

बुकिंग विंडो पर आग लगने की काल्पनिक सूचना

तीसरे चरण की ड्रिल में ईस्ट गेट स्थित बुकिंग विंडो पर आग लगने की सूचना प्रसारित की गई। सूचना मिलते ही फायर सर्विस, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और संयुक्त रूप से आग पर काबू पाने का अभ्यास किया। अधिकारियों ने खासतौर पर यह देखा कि अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल कितना प्रभावी है और सूचना मिलने के बाद रिस्पॉन्स टाइम कितना बेहतर रहता है।

कई एजेंसियों ने लिया हिस्सा

पूरे मॉक ड्रिल अभियान में थाना ताज सुरक्षा पुलिस, सीआईएसएफ, थाना ताजगंज पुलिस, जल पुलिस चौकी, थाना पर्यटन, पीएसी, फायर सर्विस, बम डिस्पोजल दस्ता, डॉग स्क्वाड, एएस चेक टीम और अभिसूचना विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।
अधिकारियों ने बताया कि ताजमहल दुनिया के सबसे संवेदनशील और प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां रोजाना हजारों पर्यटक पहुंचते हैं, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को लगातार अपडेट और मजबूत बनाए रखने के लिए समय-समय पर इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की जाती हैं।