सीकरी में सोमवार के तीन घटनाक्रम: शिक्षकों ने मंदिर में की टीईटी से मुक्ति के लिए प्रार्थना, मस्जिद के पास आग से मची अफरा-तफरी, गौशाला में गाय के अवशेष मिलने पर प्रशासन बजरंगी आक्रोशित
-महावीर सिंह वर्मा- फतेहपुर सीकरी। कस्बे में मंगलवार को एक ही दिन में तीन अलग-अलग घटनाओं ने क्षेत्र में चर्चा और हलचल पैदा कर दी। जहां एक ओर शिक्षकों ने टीईटी से मुक्ति के लिए मंदिर में प्रार्थना की, वहीं दूसरी ओर मस्जिद के पास कूड़े के बड़े ढेर में लगी आग से अफरा-तफरी मच गई। इसके साथ ही गौशाला में गाय के अवशेष मिलने के मामले में बजरंग दल ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।
फतेहपुर सीकरी में डॊ. आंबेडकर की जयंती के अवसर पर युवा शिक्षक मंडल द्वारा ताल वाले हनुमान मंदिर, सामरा में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। चौधरी देवेशपाल और मोहन सिंह चाहर के नेतृत्व में शिक्षकों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ और आरती की। इस दौरान आरटीई अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्ति दिलाने की मांग को लेकर प्रार्थना की गई।
कार्यक्रम में हरिप्रसाद, हरिभान इंदौलिया, रामवीर सोगरवाल, विजयपाल सिंह, भानुप्रताप सिंह, मनोज फौजी, महाजीत, दिनेश भगौर, सतीश, महीपाल सिंह, महातप सिंह, ओमवीर डागुर, धर्मेंद्र, कृष्णवीर, गजेन्द्र, रतन सिंह, जिग्नेश, राहुल चौधरी, शिव सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे। अंत में शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया।
मस्जिद के पास आग लगने से अफरा-तफरी
कस्बे के कचहरी मार्ग स्थित संगतराश मस्जिद के पीछे पड़े कूड़े के बड़े ढेर में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड, पुलिस और नगर पालिका परिषद का पानी का टैंकर मौके पर पहुंचा। दमकल कर्मियों और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
गाय के अवशेष को लेकर आक्रोशित हैं बजरंगी
ग्राम सामरा स्थित गौशाला में एक गाय के धड़ से अलग सिर मिलने के मामले ने विवाद खड़ा कर दिया है। गौ रक्षकों ने इसका वीडियो बनाकर एसडीएम को कार्रवाई के लिए सौंपा, लेकिन कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर उन्होंने जिलाधिकारी आगरा को शिकायत भेजी है। ओपी कुशवाहा और अंकुश बजरंगी ने बताया कि 8 अप्रैल को गौ सेवा के दौरान यह दृश्य देखने को मिला। हालांकि ग्राम विकास एवं पंचायत अधिकारी राहुल रावत का कहना है कि गाय की मृत्यु पिछले वर्ष हो चुकी थी और उसे जमीन में दबाया गया था, जिसे जंगली कुत्तों ने बाहर निकाल दिया।