टाइगर के दीदार से रोमांचित हो रहे पर्यटक, हवाई सेवाओं और प्रस्तावित लेपर्ड सफारी से पीलीभीत टाइगर रिजर्व बनने जा रहा देश का सबसे बड़ा वन्य पर्यटन आकर्षण
-आरके सिंह- बरेली। उत्तर प्रदेश का पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) तेजी से देश के पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। घने जंगलों, बाघों की भरपूर मौजूदगी, रोमांचकारी जंगल सफारी और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खास बात यह है कि यहां पहुंचने वाले अधिकांश पर्यटक टाइगर के दीदार कर रहे हैं, जिससे पीटीआर देशभर के वन्य पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। अब प्रस्तावित लेपर्ड सफारी और बढ़ती हवाई सेवाएं पीटीआर की लोकप्रियता को और ऊंचाई देने वाली हैं।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व का यह चित्र कुछ दिन पहले सामने आया था, जिसमें सड़क पर तीन टाइगर्स को विचरण करते देख पर्यटक रोमांचित हो उठे थे।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एवं बरेली के मुख्य वन संरक्षक पी.पी. सिंह ने बताया कि पीटीआर में आने वाले पर्यटकों की संख्या हर वर्ष लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023-24 में नवंबर 2023 से जून 2024 तक कुल 48,550 पर्यटक पीटीआर पहुंचे, जिनमें 143 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। वहीं वर्ष 2024-25 में नवंबर 2024 से अप्रैल 2025 तक 35,395 भारतीय और 342 विदेशी पर्यटकों ने जंगल सफारी और इको-टूरिज्म का आनंद लिया। वर्ष 2025 के कैलेंडर वर्ष में अब तक कुल 54,567 पर्यटक पीटीआर का भ्रमण कर चुके हैं। इन आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख वन्य पर्यटन केंद्रों में तेजी से अपनी जगह बना रहा है।
पी.पी. सिंह ने कहा कि पीटीआर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां आने वाला शायद ही कोई पर्यटक ऐसा होता हो, जिसे टाइगर के दीदार न हों। जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को बाघों के बेहद नजदीक से दर्शन हो रहे हैं, जिससे उनका रोमांच कई गुना बढ़ जाता है। हाल ही में शनिवार शाम की सफारी के दौरान एक बाघ पर्यटकों के सामने पेड़ पर चढ़ गया। इस अद्भुत दृश्य ने पर्यटकों को रोमांचित कर दिया और यह अनुभव पीटीआर के प्रचार-प्रसार के लिए भी बड़ा आकर्षण बन गया।
उन्होंने बताया कि बरेली के नाथ टर्मिनल से मुंबई और बेंगलुरू के लिए हवाई सेवाएं शुरू होने के बाद पीटीआर पहुंचने वाले पर्यटकों को काफी सुविधा मिल रही है। यदि यह हवाई सेवाएं प्रतिदिन शुरू हो जाएं और बरेली से दिल्ली तथा आगे पुणे जैसे शहरों के लिए बेहतर एयर कनेक्टिविटी विकसित हो जाए, तो पीटीआर आने वाले पर्यटकों की संख्या चार गुना तक बढ़ सकती है। जुलाई से बरेली-दिल्ली उड़ान विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा चल रही है, जिससे देश के बड़े शहरों से पीटीआर तक पहुंच और आसान हो जाएगी।
मुख्य वन संरक्षक पी.पी. सिंह ने बताया कि पीटीआर में लगभग 1716 हेक्टेयर क्षेत्र में लेपर्ड सफारी विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम चल रहा है। प्रस्तावित लेपर्ड सफारी स्थल का स्थलीय निरीक्षण भी किया जा चुका है। शाहजहांपुर और पीलीभीत वन विभाग की संयुक्त टीमों ने मौके पर पानी की उपलब्धता, बुनियादी ढांचे, एंट्री गेट और भूमि अभिलेखों का विस्तृत निरीक्षण किया है। यह परियोजना पूरी होने के बाद पर्यटकों को बाघों के साथ तेंदुओं को भी करीब से देखने का रोमांच मिलेगा।
पीटीआर में चूका इको-टूरिज्म क्षेत्र, जंगल सफारी, वन्यजीव दर्शन और प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को लगातार आकर्षित कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एयर कनेक्टिविटी और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार इसी गति से होता रहा, तो आने वाले वर्षों में पीलीभीत टाइगर रिजर्व देश के सबसे लोकप्रिय वन्य पर्यटन स्थलों में शामिल हो जाएगा।