आगरा में साइबर ठगी का ट्रिपल अटैक, गैस मीटर, यूपीआई और ट्रेडिंग बने ठगी के हथियार

आगरा में साइबर ठगी के तीन मामलों में लाखों रुपये की धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आई हैं। कैलाशपुरी रोड स्थित निर्मल अपार्टमेंट के नेकराम से ग्रीन गैस मीटर अपडेट के नाम पर एपीके फाइल डाउनलोड कराकर तीन बैंक खातों से 10.87 लाख रुपये निकालने का आरोप है। जगदीशपुरा क्षेत्र में मोबाइल हैक कर यूपीआई के जरिए 1.18 लाख रुपये निकालने की शिकायत दर्ज हुई है। वहीं, फिनसोल सिक्योरिटीज ट्रेडिंग ग्रुप के माध्यम से निवेश का भरोसा देकर एक महिला से 11.60 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया गया है। तीनों मामलों में पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Oct 12, 2026 - 13:56
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आगरा में साइबर ठगी का ट्रिपल अटैक, गैस मीटर, यूपीआई और ट्रेडिंग बने ठगी के हथियार

महज 13 रुपये बकाया बताकर APK फाइल डाउनलोड कराई, मोबाइल हैक कर तीन बैंक खातों से निकाली रकम,

दूसरे मामले में यूपीआई से 1.18 लाख पार, ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप पर 21.31 लाख का बैलेंस दिखाकर महिला से और पैसे जमा कराने का आरोप

आगरा। साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। कहीं गैस मीटर अपडेट कराने के नाम पर मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड कराकर बैंक खाते साफ किए जा रहे हैं, तो कहीं यूपीआई के जरिए रकम निकाली जा रही है। ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर भी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। आगरा में सामने आए साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामलों में लाखों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। ग्रीन गैस मीटर अपडेट के नाम पर एक व्यक्ति के तीन बैंक खातों से 10.87 लाख रुपये निकाल लिए गए। दूसरे मामले में मोबाइल फोन हैक कर यूपीआई के माध्यम से 1.18 लाख रुपये निकालने की शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं, ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर एक महिला से 11.60 लाख रुपये की ठगी का आरोप है। तीनों मामलों में पुलिस ने शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

तीन खातों से 10.87 लाख रुपये निकाले

ग्रीन गैस मीटर अपडेट कराने के नाम पर साइबर ठगी का मामला कैलाशपुरी रोड स्थित निर्मल अपार्टमेंट का है। यहां रहने वाले नेकराम ने पुलिस को बताया कि 20 अगस्त की शाम उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ग्रीन गैस लिमिटेड का कर्मचारी बताया और कहा कि उनका गैस मीटर अपडेट होना है। इसके साथ ही उसने खाते में महज 13 रुपये बकाया होने की जानकारी दी। कम रकम बकाया होने और मीटर अपडेट कराने की बात सुनकर नेकराम कॉल करने वाले के झांसे में आ गए। आरोप है कि इसके बाद उनके मोबाइल पर मीटर अपडेट करने के नाम से एक एपीके फाइल भेजी गई। कॉल करने वाले ने उन्हें फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा। नेकराम के मुताबिक, वह फोन पर बताए गए निर्देशों का पालन करते रहे। इसके बाद साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल फोन को हैक कर बैंक खातों तक पहुंच बना ली। पीड़ित के अनुसार, दो दिनों के भीतर उनके तीन बैंक खातों से कई बार में कुल 10.87 लाख रुपये निकाल लिए गए। खाते से बड़ी रकम निकलने की जानकारी होने पर उन्हें ठगी का पता चला। नेकराम ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

एक लाख से अधिक गैस कनेक्शन, 78 हजार सक्रिय उपभोक्ता

आगरा में ग्रीन गैस लिमिटेड के एक लाख से अधिक कनेक्शन धारक हैं, जिनमें करीब 78 हजार सक्रिय कनेक्शन बताए गए हैं। बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को देखते हुए गैस मीटर अपडेट, बिल भुगतान और कनेक्शन से जुड़ी सेवाओं के नाम पर होने वाली साइबर ठगी को लेकर सतर्कता जरूरी है। किसी अनजान नंबर से भेजी गई एपीके फाइल डाउनलोड करना मोबाइल और उसमें मौजूद बैंकिंग जानकारी के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

मोबाइल हैक कर यूपीआई से निकाले 1.18 लाख रुपये

साइबर ठगी का दूसरा मामला जगदीशपुरा थाना क्षेत्र का है। यहां एक पीड़ित ने आरोप लगाया कि उनका मोबाइल फोन हैक कर बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से रकम निकाल ली गई। पीड़ित के मुताबिक, 11 और 12 सितंबर को तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए खाते से कुल 1.18 लाख रुपये निकाले गए। शिकायत के अनुसार, पहली बार में 98,800 रुपये निकाले गए, जबकि इसके बाद दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 10-10 हजार रुपये निकाल लिए गए। इस तरह तीन लेनदेन में खाते से कुल 1,18,800 रुपये की रकम निकल गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उनकी पहचान और बैंकिंग जानकारी का दुरुपयोग कर रकम निकाली गई। मामले में पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद जगदीशपुरा थाने में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बैंक खातों से हुए लेनदेन और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच शुरू कर दी है।

ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर के नाम पर महिला से 11.60 लाख की ठगी

ऑनलाइन निवेश के जरिए कमाई करने का लालच भी साइबर अपराधियों का बड़ा हथियार बन रहा है। आगरा में एक महिला ने ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर के नाम पर 11.60 लाख रुपये की साइबर ठगी किए जाने का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, महिला को फिनसोल सिक्योरिटीज ट्रेडिंग ग्रुप के माध्यम से निवेश कराने का भरोसा दिया गया। आरोप है कि शुरुआत में महिला को निवेश पर मुनाफा होने का भरोसा दिलाया गया और ट्रेडिंग से लाभ मिलने का हिसाब दिखाया गया। इसके बाद अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराई गई। शिकायत के अनुसार, महिला से अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर कराए गए।

महिला को ट्रेडिंग ऐप पर 21.31 लाख रुपये से अधिक का बैलेंस दिखाई देने का दावा किया गया। इस रकम को देखकर उन्हें निवेश से अच्छा मुनाफा होने का भरोसा हुआ। लेकिन जब उन्होंने अपने पैसे निकालने की कोशिश की, तो आरोप है कि उनसे और रकम जमा कराने के लिए कहा गया। इसके बाद उन्हें ठगी की आशंका हुई। महिला ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में की। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच में निवेश के नाम पर रकम जमा कराने वाले बैंक खातों, लेनदेन और कथित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

साइबर ठगों के बदलते तरीके चिंता का विषय

आगरा में सामने आए तीनों मामलों में ठगी का तरीका अलग-अलग बताया गया है। ग्रीन गैस मीटर अपडेट के नाम पर एपीके फाइल डाउनलोड कराने, मोबाइल हैक कर यूपीआई से रकम निकालने और ऑनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर निवेश कराने के आरोप सामने आए हैं। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि साइबर अपराधी लोगों के रोजमर्रा के कामों और निवेश की इच्छा को निशाना बना रहे हैं। उपभोक्ताओं को गैस बिल, मीटर अपडेट या किसी अन्य सेवा के नाम पर आने वाले अनजान लिंक और एपीके फाइल से सावधान रहना चाहिए। इसी तरह, ऑनलाइन निवेश में दिखाए जा रहे मुनाफे को वास्तविक मानने से पहले संबंधित संस्था और प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है।

साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां

अनजान नंबर से भेजी गई एपीके फाइल डाउनलोड न करें।

गैस मीटर अपडेट या बिल भुगतान के लिए संबंधित कंपनी के आधिकारिक माध्यमों का ही इस्तेमाल करें।

किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में ऐप इंस्टॉल न करें और बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

ऑनलाइन ट्रेडिंग में निश्चित या असामान्य रूप से अधिक मुनाफे के दावों से सतर्क रहें।

खाते से अनधिकृत रकम निकलने पर तुरंत बैंक को सूचित करें और राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।

तीनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है। ठगी की रकम की बरामदगी और आरोपियों की पहचान के संबंध में फिलहाल कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।