ट्रंप का युद्ध-ऐलान: ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने देंगे- हम उनकी नेवी परमाणु सेंटर और मिसाइलों को नष्ट करेंगे, हमले में खामनेई के आवास पर भी सात मिसाइलें दागी गई थीं, लेकिन सर्वोच्च नेता पहले ही सुरक्षित स्थान पर जा चुके थे, ईरान बोला- लड़ाई तुमने शुरू की-खत्म हम करेंगे

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खुले युद्ध-ऐलान के साथ ही मध्य पूर्व में टकराव निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि ईरान के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन शुरू हो चुका है, ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा था और अमेरिका उसे किसी भी सूरत में परमाणु शक्ति नहीं बनने देगा। इस बयान के बाद यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि ईरान पर हुए ताज़ा हमलों में इज़राइल को अमेरिका का पूरा सैन्य साथ मिला। खामनेई के घर पर एक साथ सात मिसाइलें दागी गईं, लेकिन ईरान की सुरक्षा एजेंसियां अपने सर्वोच्च लीडर को पहले ही किसी सुरक्षित स्थान पर ले जा चुकी थीं।

Feb 28, 2026 - 13:38
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ट्रंप का युद्ध-ऐलान: ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने देंगे- हम उनकी नेवी परमाणु सेंटर और मिसाइलों को नष्ट करेंगे, हमले में खामनेई के आवास पर भी सात मिसाइलें दागी गई थीं, लेकिन सर्वोच्च नेता पहले ही सुरक्षित स्थान पर जा चुके थे, ईरान बोला- लड़ाई तुमने शुरू की-खत्म हम करेंगे

ट्रंप के पहले बयान में सीधी चेतावनी

ईरान में आज तड़के हुए हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले अधिकारिक बयान में कहा कि हमने ईरान पर बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है। ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हम कभी उसे परमाणु शक्ति नहीं बनने देंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान अमेरिका और दूसरों को निशाना बनाना चाहता था। उन्होंने कहा कि हम ईरान की नेवी को खत्म करेंगे। यही नहीं, ईरान के एटमी सेंटर और मिसाइल ठिकानों को भी ध्वस्त किया जाएगा।

ट्रंप के इन शब्दों ने वॉशिंगटन की रणनीति को खुले युद्ध में तब्दील कर दिया है।

बता दें कि शनिवार, 28 फरवरी 2026 को इज़राइल ने तड़के ईरान की राजधानी तेहरान पर बड़ा सैन्य हमला शुरू किया है। एक साथ 30 ठिकानों पर मिसाइलें दागी गईं। इस दौरान डाउनटाउन से धुएं के घने गुबार उठे और धमाकों की गूंज शहर भर में सुनाई दी। शुरुआती सूचनाओं के अनुसार, यह प्रहार ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के आवास और कार्यालयों के आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचा। खामनेई के आवास पर एक साथ सात मिसाइलें दागी गईं, लेकिन ईरान की सुरक्षा एजेंसियां उन्हें पहले ही आवास से दूसरे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर चुकी थीं।

हमलों के दौरान क़ोम, ख़ोर्रमाबाद और इस्फ़हान जैसे रणनीतिक शहरों पर भी हवाई हमले हुए। इज़राइली रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 30 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें ईरानी राष्ट्रपति का आवास और एक खुफिया मुख्यालय, तेहरान एयरोपोर्ट भी शामिल है।

इस बीच इज़राइली रक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह अभियान अमेरिका के साथ समन्वित था। जानकारी के अनुसार अमेरिकी फाइटर जेट्स ने भी हमलों में भाग लिया। वॉशिंगटन डीसी से अधिकारियों का कहना है कि आगे की रणनीति सक्रिय रूप से तैयार है। राष्ट्रपति ट्रंप के ऐलान के बाद पूरी तरह साफ हो गया कि ईरान पर हमले में अमेरिका-इजराइल एक साथ हैं।

ट्रंप के युद्ध-एलान और संयुक्त हमलों के बाद पूरे मध्य पूर्व में हाई अलर्ट है। जवाबी कार्रवाई की आशंका के बीच वैश्विक बाजारों और कूटनीतिक मोर्चों पर भी हलचल तेज हो गई है।

SP_Singh AURGURU Editor