आगरा यूनिवर्सिटी में रिजल्ट पर बवाल, फेल होने से नाराज छात्र पानी की टंकी पर चढ़े
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में बीए-एलएलबी प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम को लेकर सोमवार को हंगामा हो गया। फेल होने से नाराज छात्र विरोध जताने के लिए विश्वविद्यालय परिसर की पानी की टंकी पर चढ़ गए। विद्यार्थियों का आरोप है कि रिजल्ट जारी करने में देरी हुई और परिणाम में कथित गड़बड़ी की शिकायत के बावजूद कई बार विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पर भी समाधान नहीं मिला। छात्रों ने रिजल्ट की जांच कराने और त्रुटि मिलने पर सुधार की मांग की है।
परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ी और देरी से आक्रोशित विद्यार्थियों का विरोध, कई बार चक्कर लगाने के बाद भी समाधान नहीं मिलने का आरोप; रिजल्ट में सुधार और शिकायतों की जांच की मांग
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में सोमवार को बीए-एलएलबी प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम को लेकर जमकर हंगामा हुआ। परीक्षा में फेल होने से नाराज छात्र विरोध जताने के लिए विश्वविद्यालय परिसर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। छात्रों के इस कदम से परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परीक्षा परिणाम को लेकर लंबे समय से नाराज चल रहे विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति अपना आक्रोश जताते हुए रिजल्ट में कथित गड़बड़ी की जांच और सुधार की मांग उठाई।
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा परिणाम जारी करने में पहले ही काफी देरी की। जब परिणाम घोषित हुआ तो बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को फेल दर्शाया गया। इससे छात्रों के सामने अगली कक्षा में प्रवेश और अपनी पढ़ाई को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। विद्यार्थियों ने परिणाम में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत की, लेकिन उनका कहना है कि बार-बार प्रयास करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप
बीए-एलएलबी प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद कई विद्यार्थी अपने अंकों और परिणाम को लेकर संतुष्ट नहीं थे। छात्रों ने दावा किया कि रिजल्ट में गड़बड़ी की आशंका के चलते उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क किया और सुधार कराने की मांग की। विद्यार्थियों के मुताबिक, वे अपनी शिकायत लेकर कई बार विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे। उन्हें उम्मीद थी कि उनकी समस्या की जांच कर परिणाम में आवश्यक सुधार किया जाएगा, लेकिन आरोप है कि उनकी शिकायतों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला। लगातार चक्कर लगाने के बाद भी राहत नहीं मिलने से छात्रों की नाराजगी बढ़ती गई।
देरी से रिजल्ट जारी होने के बाद फेल होने से बढ़ा आक्रोश
छात्रों का कहना है कि परीक्षा परिणाम जारी करने में देरी के कारण पहले ही उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई। इसके बाद परिणाम में फेल घोषित किए जाने से उनकी चिंता और बढ़ गई। विद्यार्थियों को आशंका है कि यदि रिजल्ट में कथित गड़बड़ी का समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो उनकी आगे की पढ़ाई और शैक्षणिक सत्र पर असर पड़ सकता है। इसी नाराजगी के चलते विद्यार्थियों ने विरोध का रास्ता अपनाया। सोमवार को छात्र विश्वविद्यालय परिसर की पानी की टंकी पर चढ़ गए। इस घटनाक्रम के बाद परिसर में हलचल बढ़ गई और परीक्षा परिणाम का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया।
छात्रों की मांग जांच हो, गलत परिणाम में किया जाए सुधार
विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम की निष्पक्ष जांच कराने और यदि मूल्यांकन या परिणाम तैयार करने में कोई त्रुटि हुई है तो उसे दूर करने की मांग उठाई है। छात्रों का कहना है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और मामले का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए। इस पूरे प्रकरण में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परिणाम में गड़बड़ी की पुष्टि या शिकायतों के निस्तारण को लेकर आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण है। फिलहाल छात्रों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थियों के इस तरह विरोध करने से विश्वविद्यालय की परीक्षा और शिकायत निस्तारण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि छात्रों की शिकायतें लंबे समय से लंबित थीं, तो उनका समय रहते समाधान क्यों नहीं किया गया? क्या परिणाम को लेकर उठाई गई आपत्तियों की जांच की गई? विद्यार्थियों को उनकी शिकायतों पर क्या जवाब दिया गया? इन सवालों का जवाब विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ही स्पष्ट हो सकेगा। अब छात्रों की मांग है कि मामले की जांच कराई जाए, परिणाम में यदि कोई त्रुटि है तो उसे सुधारा जाए और विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए।