आगरा पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ताजमहल के दीदार के बीच भारत-अमेरिका रिश्तों पर दुनिया की नजर

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो सोमवार को पत्नी जीनेट रुबियो के साथ आगरा पहुंचे और ताजमहल का दीदार किया। उनकी यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। इसके बाद वह होटल अमर विलास में लंच कर जयपुर रवाना हुए। यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, खासकर चीन, पाकिस्तान और ट्रम्प प्रशासन की नई एशिया नीति को लेकर। दिल्ली की गर्मी पर रुबियो का मजाकिया बयान भी चर्चा में रहा।

May 25, 2026 - 10:50
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आगरा पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ताजमहल के दीदार के बीच भारत-अमेरिका रिश्तों पर दुनिया की नजर
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की आगवानी करते पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार व डीएम मनीष बंसल।

पत्नी जीनेट रुबियो संग आगरा पहुंचे, ताजमहल में हाई अलर्ट सुरक्षा व्यवस्था

आगरा। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो सोमवार सुबह अपनी पत्नी जीनेट रुबियो के साथ आगरा पहुंचे। चार दिन के भारत दौरे पर आए रुबियो का यह दौरा सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है। खेरिया एयरपोर्ट पर पुलिस कमिश्नर  दीपक कुमार और डीएम मनीष बंसल ने उनका स्वागत किया।

आगरा पहुंचने के बाद उनका काफिला सीधे विश्व प्रसिद्ध ताज महल के लिए रवाना हुआ, जहां उन्होंने करीब एक घंटे तक भ्रमण किया। इस दौरान गाइड नितिन गुप्ता ने उन्हें ताजमहल के इतिहास, वास्तुकला और मुगलकालीन विरासत की विस्तार से जानकारी दी।

ताजमहल में पर्यटकों की एंट्री रोकी गई, कई स्तरों पर सुरक्षा घेरा

रुबियो की यात्रा को लेकर ताजमहल परिसर में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए। स्मारक के अंदर बैरिकेडिंग की गई और विजिट के दौरान पर्यटकों को अस्थायी रूप से बाहर निकाला गया। रविवार को एयरपोर्ट से लेकर ताजमहल तक पूरे रूट का फुल ड्रेस रिहर्सल किया गया था। इस दौरान अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी, स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम संयुक्त रूप से मौजूद रही। पूरे रूट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और कई जगह ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किए गए।

अमर विलास में लंच, फिर जयपुर के लिए रवाना

ताजमहल भ्रमण के बाद रुबियो होटल अमर विलास पहुंचेंगे, जहां उनके लिए विशेष लंच की व्यवस्था की गई है। इसके बाद दोपहर करीब 12:50 बजे वह विशेष विमान से जयपुर के लिए रवाना होंगे।

क्यों अहम माना जा रहा है रुबियो का भारत दौरा?

रुबियो का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पिछले कुछ महीनों से भारत-अमेरिका संबंधों में हल्का तनाव देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को फिर मजबूती देने की कोशिश का हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार नई दिल्ली यह समझना चाहती है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार एशिया में आगे किस तरह की रणनीति अपनाने जा रही है, खासकर चीन और पाकिस्तान को लेकर उसका रुख क्या रहेगा।

ट्रंप के टैरिफ और नोबेल विवाद से बढ़ी थी तल्खी

पिछले साल भारत-अमेरिका संबंधों में उस समय तनाव बढ़ गया था जब ट्रंप प्रशासन ने भारतीय उत्पादों पर भारी टैरिफ लगा दिए थे। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित न किए जाने से दोनों देशों के संबंधों में खटास आई। ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान तनाव कम कराने में बड़ी भूमिका निभाई थी, लेकिन भारत सरकार ने सार्वजनिक रूप से इस दावे को खारिज कर दिया था।

पाकिस्तान को लेकर अमेरिका के बदले सुर से भारत सतर्क

हाल के दिनों में ट्रंप द्वारा पाकिस्तान के नेताओं की खुलकर तारीफ किए जाने से भी नई दिल्ली में चिंता बढ़ी है। ट्रंप ने पाकिस्तान को ईरान युद्ध में संभावित मध्यस्थ के रूप में पेश किया, जिससे भारत में यह संदेश गया कि अमेरिका एक बार फिर पाकिस्तान को रणनीतिक महत्व देने की कोशिश कर रहा है। कूटनीतिक जानकार मानते हैं कि रुबियो की यह यात्रा भारत को भरोसा दिलाने और दोनों देशों के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम हो सकती है।

दिल्ली की गर्मी पर रुबियो का हल्का-फुल्का मजाक

दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान रुबियो ने गर्मी को लेकर मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्होंने अपना भाषण छोटा रखने का फैसला इसलिए किया क्योंकि यहां की गर्मी बेहद ज्यादा है। उन्होंने हंसते हुए कहा कि मैं यह भाषण छोटा रखना चाहता हूं क्योंकि यहां बहुत गर्मी है। मैं मियामी से आता हूं और वहां भी काफी उमस और गर्मी होती है, लेकिन यहां की गर्मी तो अलग ही है। अभी कितना बजा है? अब तक तो मौसम थोड़ा ठंडा हो जाना चाहिए था! उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच हल्की हंसी और तालियां गूंज उठीं।

भारत-अमेरिका रिश्तों में नई शुरुआत के संकेत?

रुबियो की भारत यात्रा को सिर्फ एक औपचारिक दौरे के तौर पर नहीं देखा जा रहा। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में एशिया की राजनीति, चीन की बढ़ती ताकत और पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अमेरिका भारत के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है।
ऐसे में आगरा से शुरू हुई यह तस्वीरें सिर्फ ताजमहल की खूबसूरती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे वैश्विक कूटनीति के कई बड़े संकेत भी छिपे हुए हैं।