ब्रज की रसमयी धारा मंच पर साकार: गीता शोध संस्थान के प्रशिक्षु कलाकारों की रासलीला महोत्सवों और विश्वविद्यालयों में बिखेर रही भक्ति का रंग
वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी के प्रशिक्षु कलाकार इन दिनों देश के विभिन्न सांस्कृतिक मंचों पर ब्रज की रसमयी परंपरा को जीवंत कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा संचालित इस संस्थान के बालक-बालिकाओं ने रंगोत्सव 2026, ताज महोत्सव, शारदा विश्वविद्यालय और मंगलायतन विश्वविद्यालय सहित कई प्रतिष्ठित मंचों पर श्रीकृष्ण की लीलाओं का भव्य मंचन कर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति और सजीव अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा।
वृंदावन। ब्रज की सांस्कृतिक परंपरा और श्रीकृष्ण की लीलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी के प्रशिक्षु कलाकार लगातार विभिन्न मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के ‘रंगोत्सव 2026’ के अंतर्गत गीता शोध संस्थान वृंदावन के ओपन एयर थिएटर में 10 मार्च को प्रशिक्षणार्थी बालक-बालिकाओं ने मुदरिया चोरी लीला का भव्य मंचन किया।
इस अवसर पर डिप्टी मेयर मुकेश सारस्वत, समाजसेवी उदयन शर्मा, कथावाचक मोहिनी कृष्ण दासी, भजन गायक शिवम, विनय गोस्वामी और कपिल उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का निर्देशन संस्थान के निदेशक दिनेश खन्ना ने किया, जबकि संयोजन समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने संभाला।
मंचन की कोरियोग्राफी और कथक नृत्य का प्रशिक्षण कु. मानसी राजपूत ने दिया। आकाश शर्मा ने हारमोनियम पर संगति दी, जबकि ऋतु सिंह ने वस्त्र-विन्यास की जिम्मेदारी निभाई। संगीत और प्रस्तुति में मनमोहन कौशिक, सुनील पाठक और अन्य कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। इस कार्यक्रम में लगभग दो दर्जन बालक-बालिकाओं ने भाग लेकर दर्शकों का मन मोह लिया।
इसी क्रम में 19 फरवरी को शारदा विश्वविद्यालय, आगरा में प्रशिक्षु कलाकारों द्वारा “नित्य रासलीला” का भव्य मंचन किया गया। इस प्रस्तुति को विश्वविद्यालय परिसर में उपस्थित छात्रों और शिक्षकों ने बेहद सराहा।

इसके अलावा 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़ में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। विश्वविद्यालय के कुलपति और रजिस्ट्रार ने कलाकारों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बताया गया कि गीता शोध संस्थान और विश्वविद्यालय के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कला तथा आर्ट-क्राफ्ट गतिविधियों के लिए एमओयू भी संपादित हो चुका है।
25 फरवरी को ताज महोत्सव 2026, आगरा के भव्य मंच पर भी संस्थान के कलाकारों ने मुदरिया चोरी और होली की लीलाओं का आकर्षक मंचन किया। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों को खूब सराहा और कलाकारों की प्रतिभा की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
गीता शोध संस्थान वृंदावन के समन्वयक (जनसंपर्क विभाग) चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने बताया कि उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा संचालित इस संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बालक-बालिकाओं ने ब्रज कला केंद्र दिल्ली सहित कई प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
उन्होंने बताया कि रासलीला के प्रशिक्षण और मंचन का क्रम आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि ब्रज की सांस्कृतिक विरासत नई पीढ़ी तक पहुंचती रहे।