पश्चिम बंगाल का ओपिनियन पोल के नतीजे सांसें अटकाने वाले, किसकी बनेगी सरकार, स्थिति साफ नहीं
इस साल देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसमें पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव पूरे देश की नजर है। इसे लेकर मैट्रिज ने ओपिनियन पोल किया है। ये ओपिनियन पोल राजनीतिक दलों की सांसें अटकाने वाली है। सर्वे की मानें तो टीएमसी को 43 फीसदी, बीजेपी को 42 फीसदी और अन्य को 16 फीसदी वोट मिलने की संभावना है।
कोलकाता। मैट्रिज के सर्वे की मानें तो बंगाल की 294 सीटों पर कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। मैट्रिज ओपिनियन पोल के अनुसार टीएमसी 140-160 सीटें, बीजेपी को 130-150 सीटें ओर अन्य को 8-16 सीटें मिलने की संभावना है। बंगाल में बहुमत का आंकड़ा 148 है। बंगाल का राजनीतिक परिदृश्य इस बार बदला हुआ है।
टीएमसी से अलग होकर हुमायूं कबीर ने अपनी अलग पार्टी बनाई है, जिसका नाम आम जनता उन्नयन पार्टी है। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम से गठबंधन किया है। कई मुश्लिम सीटों पर ये गठबंधन ममता बनर्जी की टीएमसी को टक्कर देगी, जिससे बीजेपी को फायदा पहुंच सकता है। यही कारण है कि अधिकतर सीटों पर बीजेपी और टीएमसी के उम्मीदवारों के बीच कड़े मुकाबले हो सकते हैं।
पहले चरण के लिए अधिसूचना 30 मार्च 2026 को जारी होगी, जबकि दूसरे चरण के लिए 2 अप्रैल 2026 को अधिसूचना जारी की जाएगी। पहले चरण के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 6 अप्रैल है और दूसरे चरण के लिए 9 अप्रैल तय की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अप्रैल और 10 अप्रैल को होगी। उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तारीख 9 अप्रैल और 13 अप्रैल है। चुनाव प्रक्रिया 6 मई 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।
चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 3.28 करोड़ पुरुष और 3.16 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं, जबकि थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 1152 है। 18 से 19 साल के फर्स्ट टाइम वोटरों की संख्या 5.23 लाख है। 20 से 29 साल के मतदाताओं की संख्या 1.31 करोड़ है। 85 साल से अधिक उम्र के 3.79 लाख मतदाता हैं और 4.16 लाख दिव्यांग मतदाता भी इस चुनाव में हिस्सा लेंगे। ईवीएम को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
साल 2021 में पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव हुए थे। राज्य की 294 सीटों और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लंबा चुनाव कराया गया था। पिछले चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी ने शानदार जीत दर्ज की थी। टीएमसी ने 294 में से 215 सीटें जीतकर करीब 48% वोट हासिल किए थे।