आगरा में पानी के लिए सड़क पर उतरी महिलाएं, छीपीटोला चौराहे पर जाम लगाकर जताया विरोध, भीषण गर्मी में पेयजल संकट पर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी
आगरा। भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों का गुस्सा बुधवार को सड़क पर फूट पड़ा। चिलचिलाती धूप में छीपीटोला चौराहा पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने पानी की गंभीर समस्या को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने आरोप लगाया कि इलाके में लंबे समय से पानी की सप्लाई बाधित है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
छीपीटोला मोह्ल्ले की गुस्साई महिलाओं ने चौराहे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
‘पानी नहीं तो चैन नहीं’ के नारों से गूंजा इलाका
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि भीषण गर्मी में घरों में पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। महिलाओं ने खाली बाल्टियां और बर्तन लेकर सड़क पर बैठकर विरोध जताया। महिलाओं का कहना था कि इसी पानी संकट के कारण बस्ती के दो लड़कों की जान जा चुकी है। पिछले चार सालों से वे संकट का सामना कर रही हैं।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई दिनों से क्षेत्र में पानी की सप्लाई या तो बंद है या बेहद कम दबाव से हो रही है। पानी की कमी से वे इस भीषण गर्मी में अपने कूलरों में पानी तक नहीं डाल पा रहीं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं हैं।
जाम से थमा यातायात, राहगीर परेशान
चौराहे पर प्रदर्शन और सड़क जाम के चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कई वाहन लंबे समय तक जाम में फंसे रहे। दफ्तर जाने वाले लोग, स्कूली बच्चे और अन्य राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना था कि गर्मी में पानी संकट लगातार गहराता जा रहा है, लेकिन प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है। इससे लोगों में भारी नाराजगी है।
प्रदर्शन और जाम की सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया और प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर समस्या के जल्द समाधान का भरोसा दिलाया।
काफी देर तक चले हंगामे के बाद महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पानी सप्लाई बहाल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।