100 करोड़ के जीएसटी फर्जीवाड़े का खुलासा, बरेली में फर्जी फर्मों और बैंक खातों का जाल बिछाकर सरकार को लगाया चूना; पांच गिरफ्तार

-आरके सिंह- बरेली। बरेली पुलिस ने फर्जी फर्मों और बैंक खातों के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के कथित फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह बिना वास्तविक माल की खरीद-बिक्री किए फर्जी बिल और इनवॉयस तैयार कर आईटीसी का दावा करता था। जांच में फर्जी आधार-पैन के जरिए फर्म तैयार कराने, बैंक खातों के इस्तेमाल और कई स्थानों के लोगों की संलिप्तता की जानकारी सामने आई है।

Aug 11, 2026 - 21:31
Aug 11, 2026 - 21:54
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100 करोड़ के जीएसटी फर्जीवाड़े का खुलासा, बरेली में फर्जी फर्मों और बैंक खातों का जाल बिछाकर सरकार को लगाया चूना; पांच गिरफ्तार

जीएसटी फर्जीवाड़े में बरेली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये आरोपी। 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फरजान हाशमी, सागर अग्रवाल, विनीत अरोड़ा, अनुज अग्रवाल और शिवम गुप्ता उर्फ लाला के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक कथित सरगना सागर अग्रवाल लाभ प्राप्त करने वाली फर्मों और फर्जी आईटीसी उपलब्ध कराने वाली फर्मों के बीच कड़ी का काम करता था।

प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार धीर ने बताया कि मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके सद्दाम हुसैन और मोहम्मद समद उर्फ शाहसरुख से आगे की विवेचना में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसी क्रम में फरजान हाशमी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में कथित गिरोह के अन्य सदस्यों और फर्जी फर्मों के संचालन से जुड़ी जानकारी सामने आई।

पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी फर्मों के नाम पर जीएसटी पंजीकरण कराते थे। इसके बाद वास्तविक माल की खरीद-बिक्री किए बिना फर्जी इनवॉयस जारी कर आईटीसी का दावा किया जाता था। जांच में फर्जी आधार और पैन कार्ड के जरिए फर्म तैयार कराने तथा उनके नाम पर बैंक खाते इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है।

प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार धीर के अनुसार गिरोह के कुछ सदस्य गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल चले गए थे। इनमें से एक आरोपी कथित तौर पर ‘संदीप’ के फर्जी नाम से वहां रह रहा था और जांगी एप के माध्यम से अपने साथियों के संपर्क में था। पुलिस के मुताबिक वह नेपाल से भी फर्जी इनवॉयस काटने का काम कर रहा था।

जांच में अब तक विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से 100 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य फरार और वांछित आरोपियों तथा फर्जी फर्मों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी डीएम कंपाउंड के सामने कार्यालय खोलकर वहां से फर्जी कंपनियों के बिल तैयार करने और जीएसटी संबंधी दावों का काम करते थे। जांच में एफएस ट्रेडर्स, सिद्धि विनायक एंटरप्राइजेज, मां एंटरप्राइजेज, नाइट स्टार, आर्ट लाइफ हुडा, आर्ट लाइफ एसोसिएट, अरहम एग्रो फूड्स और केएच एंटरप्राइजेज समेत कई फर्मों के नाम सामने आए हैं।

पुलिस ने बताया कि इन फर्मों के माध्यम से कई लाभार्थी कंपनियों के बीच फर्जी इनवॉयस का इस्तेमाल किया गया। जांच में दिल्ली, बरेली और अन्य स्थानों के लोगों के इस नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, एक लैपटॉप चार्जर, एक माउस और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की जा रही है, ताकि फर्जी फर्मों, लेनदेन और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा सके।

एसएसपी अनुराग आर्य ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम को 15 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। मामले में थाना किला, जनपद बरेली में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस तथा धारा 132 माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 के तहत मुकदमा दर्ज है।

पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों, फरार और वांछित लोगों तथा सामने आई फर्जी फर्मों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही 100 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन से जुड़े वित्तीय नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।

SP_Singh AURGURU Editor