बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में भारत को बड़ा झटका, एक और पदक की उम्मीद टूटी; सात्विक-चिराग की स्टार जोड़ी क्वार्टर फाइनल में हारकर मेडल की दौड़ से बाहर
बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी को चीन के लियांग वेई केंग और वांग चांग से 18-21, 9-21 से शिकस्त का सामना करना पड़ा।
नई दिल्ली। बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का सफर निराशाजनक तरीके से थम गया। लगातार तीसरा पदक जीतने का सपना संजोए उतरी भारतीय जोड़ी को क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। दुनिया की तीसरे नंबर की चीनी जोड़ी लियांग वेई केंग और वांग चांग ने महज 36 मिनट में भारतीय जोड़ी को सीधे गेमों में शिकस्त देकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
मुकाबले की शुरुआत में सात्विक और चिराग ने काफी आक्रामक अंदाज दिखाया। पहले गेम में दोनों जोड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। भारतीय जोड़ी ने नेट के पास बेहतरीन नियंत्रण दिखाते हुए हाफ-टाइम ब्रेक तक 11-10 की मामूली बढ़त बना रखी थी। ब्रेक के बाद भी सात्विक-चिराग ने अपने कोण वाले रिटर्न के दम पर 16-14 की बढ़त हासिल कर ली थी।
लेकिन इसके बाद खेल का पासा अचानक पलट गया। भारतीय जोड़ी की ओर से हुई गलतियों का फायदा उठाकर चीनी खिलाड़ियों ने वापसी की और स्कोर 18-18 से बराबर कर दिया। इसके बाद चिराग की नेट एरर और सात्विक के बाहर गए शॉट के चलते चीन की जोड़ी ने लगातार अंक बटोरे। चीनी जोड़ी ने दबाव बनाते हुए पहला गेम 21-18 से अपने नाम कर लिया।
पहला गेम जीतने के बाद चीनी जोड़ी के हौसले बुलंद हो गए और दूसरे गेम में उन्होंने सात्विक-चिराग को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। शुरुआत से ही चीनी जोड़ी ने तेज रैलियों में अपना दबदबा बनाया और ब्रेक तक 11-5 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। दूसरी ओर चिराग ने सर्विस में गलतियां कीं और पूरी भारतीय जोड़ी अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करती नजर आई।
गेम के उत्तरार्ध में चीनी खिलाड़ियों ने मैदान के हर कोने में बेहतरीन शॉट जमाए और भारतीय रक्षापंक्ति को पूरी तरह छिन्न-भिन्न कर दिया। 17-9 के बड़े अंतर से आगे चल रही चीन की जोड़ी ने आसानी से 9 मैच प्वाइंट हासिल किए और पहले ही मौके को भुनाते हुए दूसरा गेम 21-9 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। इस तरह सात्विक और चिराग का तीसरा विश्व चैंपियनशिप पदक जीतने का सपना टूट गया।