पाक ने तुर्की से गुपचुप मगवाए हथियार,  भारत की चिंता बढ़ी,  बलूचिस्तान भी हो सकता है निशाने पर

पाकिस्तान-सऊदी अरब-तुर्की के बीच मक्का में हुए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते के बाद सामने आई नई रिपोर्ट खासतौर से भारत की चिंता बढ़ाती है। यह पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर हथियार पहुंचने का दावा करती है।

Aug 23, 2026 - 19:52
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पाक ने तुर्की से गुपचुप मगवाए हथियार,  भारत की चिंता बढ़ी,  बलूचिस्तान भी हो सकता है निशाने पर


 
 
इस्लामाबाद। तुर्की से पाकिस्तान को कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हथियारों की सप्लाई की गई है। इसमें खासतौर से ड्रोन पाकिस्तान पहुंचाए गए हैं। यह बेहद सीक्रेट तरीके से किया गया और इसके बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई। पाकिस्तान को हथियारों की ये सप्लाई मक्का समझौते के करीब दो हफ्ते बाद हुई है। इस समझौते में सऊदी-अरब, तुर्की और पाकिस्तान शामिल हैं। यह भारत की चिंता बढ़ाता है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के समय भी पाकिस्तान को तुर्की से सैन्य मदद मिल चुकी है। इससे पाकिस्तान में सैन्य स्तर पर किसी बड़ी तैयारी का संकेत मिलता है।

सूत्रों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट बताती हैं कि पाकिस्तान को इस हफ्ते तुर्की से हथियारों का जखीरा मिला है। यह 19 से 21 अगस्त के बीच हुआ, जब तुर्की के सी-130 और ए-400-एम जैसे सैन्य विमान हथियार लेकर पाकिस्तान के एयरबेस पर उतरे। तीन दिन, करीब 60-65 घंटे तक जहाजों की आवाजाही ट्रैक की गई है।  

रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते रावलपिंडी के नूरखान और कराची के मसरूर एयरबेस पर तुर्की के सी-130 सैन्य विमानों की आवाजाही देखी गई। वहीं ए-400-एम विमान तुर्की से मुरीद एयरबेस पर उतरा। ये आवाजाही रात में हुई, जिसके जरिए तुर्की ने पाकिस्तान को ड्रोन की बड़ी खेप पहुंचाई है। पाकिस्तान को तुर्की से बायरक्तार TB2 और अकिंसी ड्रोन के अलावा AI-गाइडेड क्रूज मिसाइल भी मिली हैं।

सुरक्षा सूत्रों का दावा है कि मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान तकरीबन 60 घंटों के दौरान पाकिस्तानी एयरबेस पर कई बार उतरे और यहां से उड़ान भरी। तुर्की के अलावा चीन के मिलिट्री विमानों को रावलपिंडी के पास पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस और कराची के मसरूर एयरबेस पर उतरते देखा गया है। इससे सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान कोई बड़ी सैन्य तैयारी कर रहा है।

पाकिस्तान ने हाल ही में तुर्की और सऊदी के साथ त्रिपक्षीय रक्षा समझौता किया है। वहीं चीन से भी पाकिस्तान ने हालिया वर्षों में लगातार हथियार खरीदे हैं। तुर्की और चीन की मदद से पाकिस्तान का अपना हथियारों का जखीरा बढ़ाना मई बात नहीं है। इस दफा ये सब जिस गुपचुप तरीके से अंजाम दिया गया है, उसने कई सवाल खड़े किए हैं।

डिफेंस एक्सपर्ट का कहना है कि चीन और तुर्की से पाकिस्तान में आई इस सीक्रेट खेप पर भारत को लगातार अलर्ट रहने की जरूरत है। बहुत मुमकिन है कि इसे किसी चोर दरवाजे से भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया जाए। वहीं कई क्षेत्रीय विशेषज्ञों को लगता है कि इन ड्रोन का इस्तेमाल बलूचिस्तान जैसे प्रांत में विद्रोहियों के खिलाफ हो सकता है।