आगरा में जलती कार में फंसे तीन युवकों के लिए देवदूत बने दरोगा, जान जोखिम में डालकर बचाई जान
आगरा के एत्मादपुर क्षेत्र में NH-19 के भागूपुर पुल पर तेज रफ्तार क्विड कार ओवरटेक के दौरान डिवाइडर से टकराकर पलट गई और उसमें आग लग गई। कार में फंसे तीन युवकों को कांवड़ ड्यूटी पर गश्त कर रहे उपनिरीक्षक अवनीश अग्निहोत्री ने अपनी जान जोखिम में डालकर बाहर निकाला। तीनों घायलों को एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। फायर ब्रिगेड ने कार की आग बुझाई।
आगरा। एत्मादपुर थाना क्षेत्र में रविवार रात NH-19 पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद एक पुलिसकर्मी की बहादुरी ने तीन युवकों की जान बचा ली। भागूपुर पुल पर तेज रफ्तार क्विड कार ओवरटेक करने के प्रयास में अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। हादसे के कुछ ही क्षण बाद कार में आग लग गई और तीनों युवक उसके भीतर फंस गए। इसी दौरान कांवड़ ड्यूटी में गश्त कर रहे उपनिरीक्षक अवनीश अग्निहोत्री मौके पर पहुंचे और अपनी जान की परवाह किए बिना आग की लपटों के बीच घुसकर तीनों युवकों को बाहर निकाल लिया।
ओवरटेक के प्रयास में बेकाबू हुई कार
जानकारी के मुताबिक रविवार रात एक क्विड कार में तीन युवक फिरोजाबाद की ओर से आ रहे थे। भागूपुर पुल पर कार सवारों ने आगे निकलने के लिए ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान कार अनियंत्रित हो गई और तेज रफ्तार में डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार सड़क पर पलट गई। हादसे के तुरंत बाद कार में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने वाहन को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। कार के भीतर फंसे युवकों में चीख-पुकार मच गई। हाईवे पर हादसा देखकर राहगीरों में भी अफरा-तफरी मच गई।
कार में फंसे थे तीन युवक
हादसे के समय कार में फिरोजाबाद के कोटला निवासी जतिन पुत्र परविंदर कुशवाह, पवन पुत्र सुनील और रुद्र पुत्र मनीष पचौरी सवार थे। दुर्घटना के बाद तीनों कार के अंदर फंस गए थे और बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था। इसी बीच कांवड़ ड्यूटी के दौरान क्षेत्र में गश्त कर रहे उपनिरीक्षक अवनीश अग्निहोत्री अपने हमराही आरक्षी के साथ वहां पहुंच गए।
आग की लपटों के बीच घुसे दरोगा
मौके की स्थिति बेहद खतरनाक थी। कार धू-धूकर जल रही थी और किसी भी समय आग और तेजी से फैल सकती थी। इसके बावजूद उपनिरीक्षक अवनीश अग्निहोत्री ने बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालते हुए जलती कार के पास पहुंचकर उसमें फंसे तीनों युवकों को बाहर निकालने का प्रयास किया। आग की लपटों के बीच साहस दिखाते हुए उन्होंने एक-एक कर तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दरोगा की इस तत्परता से कुछ ही देर में तीनों युवकों की जान बच गई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने भी पुलिसकर्मी के इस साहस की सराहना की।
पुलिस और फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। तीनों घायल युवकों को तत्काल थाना मोबाइल के माध्यम से आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उनका उपचार कराया गया। उपचार के बाद तीनों युवकों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। इधर, सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने जलती कार पर पानी डालकर आग पर काबू पाया। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को हाईवे से हटवाया, जिसके बाद यातायात को सामान्य कराया जा सका।
हादसे से ज्यादा चर्चा दरोगा की बहादुरी की
भागूपुर पुल पर हुए इस हादसे में जहां तेज रफ्तार और ओवरटेक के प्रयास ने तीन युवकों को जिंदगी और मौत के बीच पहुंचा दिया, वहीं उपनिरीक्षक अवनीश अग्निहोत्री की सूझबूझ और साहस ने हालात बदल दिए। जलती कार में फंसे लोगों को बचाने के लिए किसी भी क्षण जान का खतरा हो सकता था, लेकिन दरोगा ने खतरे की परवाह किए बिना बचाव अभियान शुरू किया। उनकी इस बहादुरी को पुलिस महकमे के साथ-साथ क्षेत्रीय लोगों द्वारा भी सराहा जा रहा है।