पुतिन से मिले एस जयशंकर, कहा-  ब्रिक्स समिट में स्वागत के लिए तैयार हैं

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि पीएम मोदी ने मुझे एक निजी संदेश दिया है, जिसे मैं आपको सौंपना चाहता हूं। साथ ही उन्होंने ब्रिक्स समिट में स्वागत की बात कही।

Aug 24, 2026 - 17:50
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पुतिन से मिले एस जयशंकर, कहा-  ब्रिक्स समिट में स्वागत के लिए तैयार हैं


 
 
मास्को। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सोमवार (24 अगस्त 2026) को मॉस्को में मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कहा कि दिल्ली ब्रिक्स समिट में उनके स्वागत के लिए तैयार है। विदेश मंत्री ने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाओं के साथ अपनी बात शुरू करना चाहता हूं। उन्होंने मुझे एक निजी संदेश दिया है जिसे मैं आपको सौंपना चाहता हूं। हमारी इंटरगवर्नमेंटल कमीशन की बैठक हुई। मुझे लगता है कि कुल मिलाकर हमारे पास आपको देने के लिए एक अच्छी रिपोर्ट है।'

वहीं पुतिन ने किरगिझस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (एसीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी से मिलने की इच्छा जताई। एस. जयशंकर के साथ बैठक के दौरान पुतिन ने कहा, 'मैं अपनी बातचीत की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी शुभकामनाएं भेजने के अनुरोध के साथ करना चाहता हूं।' उन्होंने किरगिझस्तान एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के साथ फेस-टू-फेस मुलाकात की इच्छा जताई।

ये मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका रूस से तेल नहीं खरीदने को लेकर दबाव बनाता रहा है। वहीं भारत अपनी कूटनीतिक स्टैंड पर कायम है। राष्ट्रपति पुतिन ने भारत-रूस व्यापार में बढ़ोतरी का श्रेय पीएम मोदी को दिया। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार में बढ़ोतरी पर कहा कि इसका मुख्य श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। उन्होंने कहा, 'आपकी (जयशंकर) आज की यात्रा रूस और भारत के बीच दशकों से चले आ रहे रिश्तों की मजबूती को दर्शाती है।'

रूसी राष्ट्रपति पुतिन दिल्ली में 12-13 सितंबर को आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आने वाले हैं। इससे पहले दिसंबर 2025 में पुतिन के पिछले भारत दौरे के दौरान दोनों देशों ने साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया था, तब से भारत और रूस के बीच व्यापार में भारी उछाल आया है और भारत अब रूसी तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार देश बन चुका है।