बरेली में निकलेंगे 1033 ताजिए, सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों में जुट चुका प्रशासन
उत्तर प्रदेश के अति संवेदनशील शहर बरेली में मोहर्रम को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराना जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। शहर में इस बार 1033 ताजिए निकाले जाएंगे। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। बुधवार से बीट सिपाहियों और उप निरीक्षकों ने मोहल्लों में पहुंचकर ताजियादारों और स्थानीय लोगों को जुलूस के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी देना शुरू कर दिया है।
बरेली। मंगलवार को मोहर्रम का चांद दिखाई देने के साथ ही शहर में हजरत इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला की याद में शोक का सिलसिला शुरू हो गया। सुन्नी समुदाय में मातमी ढोल गूंज उठे, जबकि शिया समुदाय में गम का माहौल छा गया। लोगों ने काले वस्त्र धारण कर लिए और महिलाओं ने शोक स्वरूप चूड़ियां उतार दीं। कई स्थानों से अलम और मातमी जुलूस भी निकाले गए।
मोहर्रम की चांद रात पर गढ़ैया स्थित इमामबाड़ा वसी हैदर से अंजुमन ऑल इंडिया गुलदस्ता-ए-हैदरी की ओर से जुलूस निकाला गया। वहीं इमामबाड़ा हकीम आगा साहब से अंजुमन गुलदस्ता-ए-हैदरी का दूसरा जुलूस निकला। दोनों जुलूस मोहल्ला गढ़ैया स्थित इमामबाड़ा मोहम्मद शाह पहुंचकर संपन्न हुए।
मीडिया प्रभारी शानू काजमी ने बताया कि शोक का सिलसिला दो महीने आठ दिन तक चलेगा। बुधवार सुबह आठ बजे इमामबाड़ा मोहम्मद शाह गढ़ैया में पहली मजलिस आयोजित हुई, जबकि रात की अंतिम मजलिस काला इमामबाड़ा स्थित इमामबाड़ा फतेह अली शाह में होगी।
मोहर्रम को लेकर स्मार्ट सिटी ऑडिटोरियम में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सभी एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस क्षेत्राधिकारियों और अन्य अधिकारियों से तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बिजली के ढीले तार, खराब सड़कें, जलभराव और जुलूस मार्गों पर बने अस्थायी डिवाइडरों जैसी समस्याएं सामने आईं, जिनके समाधान के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मोहर्रम के दौरान कोई नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी तथा ताजिए की ऊंचाई जमीन से 12 फीट से अधिक नहीं होगी। उन्होंने प्रत्येक जुलूस के साथ पुलिस, प्रशासन और विद्युत विभाग के अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही सभी एसडीएम और सीओ को थानावार ताजियादारों के साथ बैठक कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक ने बताया कि बुधवार सुबह से बीट सिपाही और उप निरीक्षक मोहल्लों में जाकर लोगों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दे रहे हैं। उन्होंने जुलूस मार्गों पर बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और विद्युत लाइनों की जांच कराने तथा रिपोर्ट विद्युत विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा ने सभी अधिकारियों को जुलूस शुरू होने से दो घंटे पहले पूरे मार्ग का निरीक्षण करने और ड्रोन कैमरों से निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह, एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा, पुलिस अधीक्षक उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी बहेड़ी इशिता किशोर, अपर नगर आयुक्त, सभी उप जिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।