ताज की सेहत से खिलवाड़ पर एक्शन, कोयले की भट्ठियां जलाने वाले रेस्टोरेंटों पर भारी जुर्माना

आगरा के ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में प्रतिबंधित ईंधन के इस्तेमाल के खिलाफ नगर निगम ने सोमवार को बड़ा अभियान चलाया। फतेहाबाद रोड और आवास विकास क्षेत्र के चार रेस्टोरेंट में कोयले की भट्ठियां जलती मिलीं। नगर निगम की टीम ने बीकानेर वाला पर 25 हजार, जिमबोरा क्लब और पिरामिड पर 10-10 हजार तथा ग्रामीण स्वाद पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। मौके पर ही जुर्माना वसूलने के साथ भट्ठियां बंद कराई गईं। ग्रामीण स्वाद के मैदान में लगाई गई भट्ठियों को टीम ने नष्ट कर दिया। नगर निगम ने साफ किया है कि टीटीजेड में कोयला या कोक का इस्तेमाल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Aug 10, 2026 - 21:32
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ताज की सेहत से खिलवाड़ पर एक्शन, कोयले की भट्ठियां जलाने वाले रेस्टोरेंटों पर भारी जुर्माना
कोयले की भट्टी तोड़ता नगर निगमकर्मी।

आगरा। ताजमहल की खूबसूरती और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए बनाए गए ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में प्रतिबंधित ईंधन का इस्तेमाल करने वाले रेस्टोरेंट संचालकों पर नगर निगम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सोमवार को नगर निगम की टीम ने शहर में रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों में कोयले की भट्ठियों और तंदूरों के इस्तेमाल की जांच के लिए अभियान चलाया। अभियान के दौरान चार रेस्टोरेंट में कोयले की भट्ठियां जलती मिलीं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भट्ठियां बंद कराईं और संबंधित संचालकों पर कुल 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

बीकानेर वाला पर सबसे ज्यादा 25 हजार का जुर्माना

नगर निगम की टीम ने फतेहाबाद रोड स्थित बीकानेर वाला रेस्टोरेंट में कोयले की भट्ठी का इस्तेमाल पाया। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संचालक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। टीम ने मौके पर ही अर्थदंड की राशि वसूल कर भट्ठी को बंद करा दिया। इसी रोड पर जिमबोरा क्लब और पिरामिड रेस्टोरेंट में भी कोयले की भट्ठियां चलती मिलीं। दोनों प्रतिष्ठानों के संचालकों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही जुर्माने की राशि वसूल की और भविष्य में प्रतिबंधित ईंधन का इस्तेमाल नहीं करने की सख्त चेतावनी दी।

ग्रामीण स्वाद में भट्ठी जलती मिली, टीम ने किया नष्ट

नगर निगम की टीम ने सेक्टर-1, आवास विकास स्थित ग्रामीण स्वाद रेस्टोरेंट में भी कोयले की भट्ठी पकड़ी। यहां मैदान में भट्ठियां लगाकर कोयले का इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भट्ठियों को बंद कराया और उन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया। संचालक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि दोबारा कोयले की भट्ठी या प्रतिबंधित ईंधन का इस्तेमाल मिला तो इससे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अब शहरभर में चलेगा अभियान

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शिकायत मिलने के बाद सोमवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों की जांच शुरू की गई। अभियान के दौरान यह देखा जा रहा है कि कहीं टीटीजेड के नियमों का उल्लंघन करते हुए कोयला या कोक तो इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। नगर निगम की टीम आने वाले दिनों में भी अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण करेगी। अधिकारियों ने साफ संकेत दिया है कि अभियान केवल चार प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

1996 में सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी कोयले पर रोक

ताजमहल को वायु प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए ताज ट्रिपेजियम जोन बनाया गया है। 30 दिसंबर 1996 को सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक आदेश में टीटीजेड क्षेत्र में कोयला और कोक के इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसका उद्देश्य ताजमहल समेत क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों को प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचाना और पर्यावरण की गुणवत्ता बनाए रखना है।

धुआं बढ़ाता है प्रदूषण

कोयले के जलने से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण को बढ़ाता है। इससे सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और सूक्ष्म कण जैसे प्रदूषक वातावरण में पहुंचते हैं। इन प्रदूषकों का असर लोगों के स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण की गुणवत्ता पर भी पड़ता है। ताजमहल के आसपास प्रदूषण बढ़ने की स्थिति में उसके सफेद संगमरमर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे में टीटीजेड में प्रतिबंधित ईंधन के इस्तेमाल को लेकर नगर निगम की कार्रवाई को ताजमहल संरक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है।

प्रतिबंधित ईंधन किसी कीमत पर नहीं चलेगा

नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने स्पष्ट कहा कि टीटीजेड क्षेत्र में प्रतिबंधित ईंधन का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। रेस्टोरेंट और अन्य प्रतिष्ठानों में कोयले की भट्ठियों के इस्तेमाल की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां जुर्माना लगाने के साथ भट्ठी बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रतिष्ठान संचालकों से पर्यावरण और ताजमहल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंधित ईंधन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की।

अलग-अलग इलाकों में लगातार होगी चेकिंग

सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि शहर में संचालित रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों में कोयले की भट्ठियों और तंदूरों की जांच का अभियान शुरू किया गया है। टीटीजेड के नियमों का उल्लंघन कर कोयला या कोक इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नगर निगम की टीमें आने वाले दिनों में भी अलग-अलग क्षेत्रों में औचक निरीक्षण करेंगी। अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि प्रतिष्ठान संचालकों को प्रतिबंधित ईंधन के इस्तेमाल से रोकना और ताजमहल समेत पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।