आगरा में भोले की भक्ति में डूबा शहर, परिक्रमा पर निकले शिवभक्त, गूंज रहे ‘बम-बम भोले’ के जयकारे
सावन के दूसरे सोमवार से पहले आगरा में 47 किलोमीटर लंबी परिक्रमा के लिए शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। रविवार शाम से हजारों श्रद्धालु ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ परिक्रमा पर निकल चुके हैं। मनकामेश्वर, राजेश्वर, पृथ्वीनाथ और बल्केश्वर महादेव मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है। मार्ग में जगह-जगह भंडारे, प्याऊ और सेवा शिविर लगाए गए हैं। बल्केश्वर मेला समिति की ओर से आयोजित मेले का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने किया। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के भी व्यापक इंतजाम किए हैं।
सावन के दूसरे सोमवार से पहले उमड़ा आस्था का सैलाब, चारों शिवालयों में विशेष सजावट; भंडारों और सेवा पंडालों से भक्तों की राह हुई आसान
आगरा। सावन के दूसरे सोमवार से पहले आगरा में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा शहर भोलेनाथ की भक्ति में डूब गया। रविवार शाम से ही हजारों शिवभक्त ‘बम-बम भोले’, ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ 47 किलोमीटर लंबी आगरा परिक्रमा पर निकल पड़े। कोई नंगे पैर परिक्रमा कर रहा है तो कोई हाथ में घंटी लेकर भोलेनाथ का नाम जपते हुए आगे बढ़ रहा है। जैसे-जैसे रात गहराती जा रही है, परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रात 12 बजे के आसपास परिक्रमा अपने चरम पर पहुंचने की संभावना है। इस दौरान परिक्रमा मार्ग पर पैर रखने तक की जगह नहीं बचेगी। शहर की सड़कों पर चारों तरफ भगवा वस्त्र पहने शिवभक्तों की कतारें और भोलेनाथ के जयकारे दिखाई और सुनाई देंगे।
चार शिवालयों के दर्शन को निकलते हैं लाखों भक्त
आगरा की ऐतिहासिक परिक्रमा शहर के चार प्रमुख शिव मंदिरों मनकामेश्वर महादेव, राजेश्वर महादेव, पृथ्वीनाथ महादेव और बल्केश्वर महादेव से जुड़ी है। मान्यता है कि सावन में इन शिवालयों के दर्शन और परिक्रमा करने से भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है। शिवभक्त अपनी सुविधा और आस्था के अनुसार अलग-अलग स्थानों से परिक्रमा शुरू कर रहे हैं। कोई चारों प्रमुख शिवालयों के दर्शन का संकल्प लेकर निकला है तो कोई अपने घर के नजदीकी मंदिर से ही यात्रा शुरू कर रहा है। कई श्रद्धालु नंगे पैर चलकर भोलेनाथ की आराधना कर रहे हैं। हाथों में घंटियां, कांवड़ और भगवा ध्वज लिए भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है।
भंडारे और सेवा पंडाल बने सहारा
परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जगह-जगह भंडारे, प्याऊ और सेवा शिविर लगाए गए हैं। भक्त रास्ते में प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं और पानी पीने के बाद अपनी यात्रा जारी रख रहे हैं। कई स्थानों पर शिवभक्तों के लिए चाय, फल, भोजन और पेयजल की व्यवस्था की गई है। मार्ग में पड़ने वाले शिव मंदिरों में श्रद्धालु रुककर भगवान शिव को जल अर्पित कर रहे हैं और परिवार की सुख-समृद्धि एवं मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना कर रहे हैं। पूरे परिक्रमा मार्ग पर भजन-कीर्तन और धार्मिक गीतों की गूंज सुनाई दे रही है। साउंड सिस्टम के माध्यम से जगह-जगह भक्ति संगीत बजाया जा रहा है, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।
बल्केश्वर मेले का भव्य शुभारंभ
सावन के दूसरे सोमवार के पावन अवसर पर बल्केश्वर मेला समिति, आगरा की ओर से आयोजित भव्य मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। इसके बाद भगवान भोलेनाथ के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
इस अवसर पर उत्तर विधानसभा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड के अध्यक्ष राकेश गर्ग, मेला समिति अध्यक्ष महेश निषाद समेत समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बल्केश्वर महादेव के दर्शन और पूजन किए। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।
दुल्हन की तरह सजे चारों शिव मंदिर
सावन के दूसरे सोमवार को लेकर आगरा के चारों प्रमुख शिव मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है। मनकामेश्वर, राजेश्वर, पृथ्वीनाथ और बल्केश्वर महादेव मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की सजावट से जगमगा रहे हैं। मंदिर परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में विशेष प्रकाश व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिरों में दर्शन और जलाभिषेक की व्यवस्थाओं को भी व्यवस्थित किया गया है।
‘भोले की मस्ती’ में चल रहे श्रद्धालु
परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। कोई ढोल की थाप पर भोलेनाथ के जयकारे लगा रहा है तो कोई भजन गाते हुए आगे बढ़ रहा है। कई श्रद्धालु परिवार के साथ परिक्रमा कर रहे हैं, जबकि युवाओं की बड़ी संख्या भी इस धार्मिक यात्रा में शामिल है। श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन में भगवान शिव की परिक्रमा करने और चारों प्रमुख शिवालयों के दर्शन करने का विशेष महत्व है। भक्तों को विश्वास है कि सच्ची श्रद्धा से की गई परिक्रमा से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
प्रशासन ने संभाली व्यवस्था
लाखों श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। परिक्रमा मार्ग पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ यातायात को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई है। भीड़ वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को परिक्रमा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे।
रात बढ़ेगी, आस्था का सैलाब भी बढ़ेगा
रविवार शाम से शुरू हुई परिक्रमा के साथ आगरा की सड़कें धीरे-धीरे शिवभक्ति के रंग में रंगती जा रही हैं। रात बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा होगा। आधी रात के आसपास परिक्रमा मार्ग पर भक्तों का सबसे बड़ा सैलाब दिखाई देने की उम्मीद है। उस समय आगरा की सड़कों पर एक तरफ श्रद्धालुओं की लंबी कतारें होंगी तो दूसरी तरफ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजेंगे। सावन के दूसरे सोमवार से पहले आगरा का यह धार्मिक उत्सव शहर की आस्था, परंपरा और शिवभक्ति की अनूठी तस्वीर पेश कर रहा है।