तीसरे सोमवार को शिवमय हुआ आगरा, कैलाश मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

सावन के तीसरे सोमवार को आगरा के शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। कैलाश महादेव मंदिर में रात दो बजे से डाक कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया और दिनभर हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। पृथ्वीनाथ, राजेश्वर, मनकामेश्वर और बल्केश्वर समेत शहर के प्रमुख शिवालय भी भक्तों से गुलजार रहे। यमुना के बढ़े जलस्तर को देखते हुए नदी की ओर जाने वाले रास्ते बंद कर गोताखोर तैनात किए गए। वहीं खंदारी की पंचायती बगीची में मंदिर के पट नहीं खुलने पर डाक कांवड़ियों ने सड़क पर बैठकर हंगामा किया। पुलिस की समझाइश के बाद कांवड़ियों ने दूसरे मंदिर में जलाभिषेक किया, जिसके बाद यातायात और स्थिति सामान्य हो गई।

Aug 17, 2026 - 15:15
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तीसरे सोमवार को शिवमय हुआ आगरा, कैलाश मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
कैलाश महादेव पर जलाभिषेक करते भक्तगण।

हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे शिवालय, रात दो बजे से शुरू हुआ डाक कांवड़ का जलाभिषेक, पंचायती बगीची में जल चढ़ाने को लेकर कांवड़ियों का हंगामा

आगरा। सावन के तीसरे सोमवार को ताजनगरी पूरी तरह शिवमय नजर आई। शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हर तरफ “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारे गूंजते रहे। कैलाश महादेव मंदिर में तो भोर से ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचे। कांवड़ियों का सिलसिला भी रात करीब दो बजे से शुरू हो गया था।

सावन के तीसरे सोमवार पर आगरा में स्थानीय अवकाश होने के कारण इस बार भीड़ और अधिक रही। सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय बंद होने से शहर के साथ-साथ आसपास के जिलों और दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार के साथ शिवालयों में दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं।

रात दो बजे से पहुंचने लगे डाक कांवड़िए

कैलाश महादेव मंदिर में डाक कांवड़ लेकर आने वाले शिवभक्तों का सिलसिला रात करीब दो बजे से ही शुरू हो गया था। कांवड़िए लंबी यात्रा पूरी कर सीधे मंदिर पहुंचे और सबसे पहले भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके बाद सामान्य श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती गई। सुबह होते-होते मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग के बाहर तक श्रद्धालुओं की लाइन पहुंच गई। हाथों में गंगाजल और कांवड़ लिए शिवभक्त अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। तेज धूप और उमस के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी।

कैलाश मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं ने चढ़ाया जल

कैलाश महादेव मंदिर की मान्यता पूरे ब्रज क्षेत्र में है। सावन के प्रत्येक सोमवार यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि सावन के सोमवार को कैलाश महादेव पर जल चढ़ाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। तीसरे सोमवार को भी मंदिर में सुबह से देर रात तक जलाभिषेक का क्रम जारी रहा। मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए जलाभिषेक की व्यवस्था सोमवार रात 12 बजे तक जारी रही। इसके बाद मंदिर के पट बंद कर दिए गए।

यमुना उफान पर, घाटों की ओर जाने वाले रास्ते बंद

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के साथ यमुना के बढ़े जलस्तर ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ाई हुई है। हादसे की आशंका को देखते हुए यमुना की ओर जाने वाले रास्तों को बंद रखा गया। नदी किनारे श्रद्धालुओं के जाने पर रोक लगाई गई। सुरक्षा के लिए गोताखोरों की तैनाती की गई है। पुलिसकर्मियों ने लगातार लोगों से अपील की कि वे यमुना के किनारे न जाएं और जलाभिषेक के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्गों का ही इस्तेमाल करें।

सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस

कैलाश मंदिर और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई और श्रद्धालुओं की आवाजाही को निर्धारित मार्ग से कराया गया। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस के साथ स्वयंसेवकों ने भी सहयोग किया। प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी गई, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन और जलाभिषेक के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में भी उमड़ी भीड़

तीसरे सोमवार पर कैलाश महादेव मंदिर के अलावा आगरा के प्रमुख शिवालयों में भी सुबह से भक्तों की कतारें लगी रहीं। शहर के पृथ्वीनाथ महादेव, राजेश्वर महादेव, मनकामेश्वर महादेव और बल्केश्वर महादेव मंदिर समेत विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। कई मंदिरों में भोर से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। मंदिरों में घंटे-घड़ियाल और शंख की ध्वनि के बीच शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ को दूध, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित किए। मंदिर परिसरों में पूरे दिन भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।

पंचायती बगीची में डाक कांवड़ियों का हंगामा

तीसरे सोमवार को खंदारी स्थित पंचायती बगीची में डाक कांवड़ लेकर पहुंचे शिवभक्तों ने मंदिर में जल चढ़ाने की अनुमति नहीं मिलने पर हंगामा कर दिया। सोरों से डाक कांवड़ लेकर पहुंचे कुछ युवक सुबह करीब छह बजे पंचायती बगीची पहुंचे थे। उनके परिजन भी साथ थे। कांवड़िए पंचायती मंदिर में जलाभिषेक करना चाहते थे, लेकिन उस समय मंदिर के पट नहीं खुले थे। काफी देर इंतजार के बाद भी जल चढ़ाने की अनुमति नहीं मिलने पर कांवड़ियों का आक्रोश बढ़ गया।

गर्मी और इंतजार से कुछ कांवड़ियों की तबीयत बिगड़ी

जलाभिषेक के इंतजार में कांवड़िए काफी देर तक मंदिर के आसपास घूमते रहे। गर्मी और लंबी प्रतीक्षा के बीच कुछ युवकों के चक्कर खाकर गिरने की सूचना भी सामने आई। इसके बाद कांवड़ियों ने सड़क पर बैठकर रास्ता रोक दिया और पंचायती मंदिर में ही जल चढ़ाने की मांग पर अड़ गए। सड़क पर कांवड़ियों के बैठने से यातायात प्रभावित हो गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कांवड़ियों को समझाने का प्रयास शुरू किया।

बातचीत के बाद दूसरे मंदिर में किया जलाभिषेक

पुलिस और कांवड़ियों के बीच काफी देर तक बातचीत और समझाने का दौर चलता रहा। मौके पर गहमागहमी बनी रही। आखिरकार कांवड़िए पास के दूसरे मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए तैयार हो गए। कांवड़ियों ने दूसरे मंदिर में भगवान शिव को जल चढ़ाया और इसके बाद वहां से रवाना हो गए। कांवड़ियों के सड़क से हटने के बाद यातायात सामान्य हो गया और स्थिति पूरी तरह शांत हो गई।

स्थानीय अवकाश से बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सावन के तीसरे सोमवार पर आगरा में स्थानीय अवकाश होने के कारण शिव मंदिरों में सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ दिखाई दी। परिवार के साथ बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही मंदिरों की ओर निकल पड़े। शहर के प्रमुख मार्गों पर सुबह से ही शिवभक्तों और कांवड़ियों की आवाजाही रही। कई जगहों पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। मंदिरों के आसपास प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानें भी सजी रहीं।

जारी है आस्था का सिलसिला

तीसरे सोमवार को आगरा के शिवालयों में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कैलाश महादेव मंदिर में जलाभिषेक का सिलसिला चल रहा है। भक्तों की जुबान पर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे रहे। सावन के तीसरे सोमवार ने एक बार फिर ताजनगरी को पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंग दिया। प्रशासन की कड़ी निगरानी और श्रद्धालुओं के उत्साह के बीच शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है।