कैंटर में क्रेटों के नीचे छिपाकर ला रहे थे 51 लाख का गांजा, आगरा पुलिस ने चालक को दबोचा
आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए कैंटर से 101 किलो गांजा बरामद किया है। शाहदरा कट के पास चेकिंग के दौरान पकड़े गए कैंटर में गांजे को खाली क्रेटों के नीचे प्लास्टिक के कट्टों में छिपाया गया था। इसकी कीमत करीब 51 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने चालक दीपक कुमार को गिरफ्तार किया है, जो पहले भी गांजा तस्करी में जेल जा चुका है। पूछताछ में खेप ओडिशा से आगरा और अलीगढ़ लाने की बात सामने आई है। पुलिस अब गैंग के अन्य सदस्यों और सप्लाई नेटवर्क की तलाश कर रही है।
आगरा। अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में थाना ट्रांस यमुना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान शाहदरा कट के पास एक कैंटर से 101 किलो गांजा बरामद किया है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए गांजे को कैंटर में खाली क्रेटों के नीचे प्लास्टिक के कट्टों में छिपाकर रखा था। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 51 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने कैंटर चालक दीपक कुमार को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने गांजे की खेप ओडिशा से लाने और इसे आगरा तथा अलीगढ़ में सप्लाई किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
चेकिंग के दौरान खुला तस्करी का राज
एडीसीपी हिमांशु गौरव के मुताबिक, 21 अगस्त की रात थाना ट्रांस यमुना पुलिस की टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान शाहदरा कट के पास एक कैंटर संदिग्ध नजर आया। पुलिस ने कैंटर को रोककर उसकी तलाशी ली। पहली नजर में कैंटर में खाली क्रेट रखे दिखाई दे रहे थे। पुलिस ने जब क्रेटों को हटाकर नीचे की तरफ जांच की तो प्लास्टिक के कई कट्टे दिखाई दिए। कट्टों को खोलकर देखा गया तो उनमें गांजा भरा हुआ था। इसके बाद पुलिस ने पूरी खेप को कब्जे में लेते हुए चालक को हिरासत में ले लिया। तौल कराने पर गांजे की कुल मात्रा 101 किलोग्राम निकली। पुलिस के मुताबिक इसकी बाजार कीमत करीब 51 लाख रुपये है।
ओडिशा से आगरा-अलीगढ़ पहुंचाई जा रही थी खेप
पुलिस पूछताछ में आरोपी दीपक ने बताया कि गांजे की यह खेप ओडिशा से लाई गई थी। इसे आगरा और अलीगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई किया जाना था। आरोपी ने यह भी बताया कि इस काम के बदले उसे प्रत्येक चक्कर के लिए 50 हजार रुपये दिए जाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा ओडिशा में किस व्यक्ति से लिया गया था और आगरा व अलीगढ़ में इसकी सप्लाई किन लोगों को की जानी थी। पूछताछ के आधार पर पुलिस तस्करी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है।
पहले भी जेल जा चुका है आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी दीपक कुमार पहले भी गांजा तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। वर्ष 2024 में फिरोजाबाद में गांजा तस्करी के मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। इसके बावजूद वह दोबारा इसी धंधे में सक्रिय हो गया। आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी पुलिस खंगाल रही है। पूछताछ में सामने आए गैंग के एक अन्य आरोपी अनिल की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है।
गैंग के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में जुटी पुलिस
101 किलो गांजे की बरामदगी के बाद पुलिस की जांच अब केवल चालक की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ओडिशा से इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कौन उपलब्ध कराता था, परिवहन की व्यवस्था कौन करता था और आगरा-अलीगढ़ में इसकी सप्लाई लेने वाले लोग कौन हैं। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। आरोपी से पूछताछ और सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।
पहले शराब की बड़ी खेप भी पकड़ी थी
ट्रांस यमुना पुलिस इससे पहले भी अंतरराज्यीय तस्करी के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। करीब दस दिन पहले पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक ट्रक से 415 पेटी तस्करी की शराब बरामद की थी। शराब की पेटियों को ट्रक में बनाए गए लकड़ी के गुप्त केबिन में छिपाया गया था और ऊपर पाइप रखे गए थे, ताकि बाहर से ट्रक सामान्य नजर आए। पुलिस के मुताबिक, शराब की खेप बिहार में सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थी। अब गांजे की बड़ी बरामदगी के बाद ट्रांस यमुना पुलिस की कार्रवाई से तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।