आगरा बारिश से बेहाल: दीवानी कचहरी बनी दरिया, नगला हरमुख और महावीर नगर जलमग्न, खिड़की काले खां में 100 साल पुराना पेड़ गिरा, अधिवक्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी

आगरा। शुक्रवार दोपहर हुई तेज बारिश ने नगर निगम और प्रशासन की मानसून तैयारियों की पोल खोल दी। शहर के कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सबसे गंभीर स्थिति दीवानी कचहरी परिसर में देखने को मिली, जहां पूरा परिसर तालाब में तब्दील हो गया। अधिवक्ताओं के चैंबरों में पानी घुस गया, वाहन आधे तक पानी में डूब गए और वादकारियों व अधिवक्ताओं को पानी में होकर अदालत तक पहुंचना पड़ा। दूसरी ओर वार्ड-12 नगला हरमुख भी जलमग्न हो गया, जबकि थाना मदन मोहन गेट क्षेत्र में पुलिस चौकी खिड़की काले खां के सामने जमीन धंसने से लगभग 100 वर्ष पुराना पेड़ गिर पड़ा। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।

Aug 7, 2026 - 19:25
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आगरा बारिश से बेहाल: दीवानी कचहरी बनी दरिया, नगला हरमुख और महावीर नगर जलमग्न, खिड़की काले खां में 100 साल पुराना पेड़ गिरा, अधिवक्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी
गुरुवार को आगरा में हुई बारिश के कारण सिविल कोर्ट परिसर में भरा पानी।

दीवानी कचहरी में हर वर्ष बारिश के दौरान होने वाला जलभराव इस बार भी बड़ी परेशानी का कारण बना। परिसर में पानी भर जाने से अधिवक्ताओं के चैंबरों में पानी पहुंच गया और पार्किंग में खड़े कई दोपहिया व चारपहिया वाहन आधे तक पानी में डूब गए। कई वाहनों को स्टार्ट करने में भी दिक्कतें आईं। अदालत परिसर के अधिकांश रास्ते जलमग्न होने से अधिवक्ताओं और वादकारियों को कमर तक पानी में होकर गुजरना पड़ा। इस दौरान कई लोग फिसलकर गिर भी गए, जिससे उन्हें चोटें आईं।

अधिवक्ताओं का कहना है कि जरा सी बारिश में दीवानी कचहरी का यही हाल हो जाता है, लेकिन वर्षों से इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि न्यायिक प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या के प्रति पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं।

राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा, बी.एस. फौजदार, गोपाल सक्सेना, दिनेश चंद्र शर्मा, पवन कुमार गौतम, नरेंद्र शर्मा राठौर तथा डॉ. अंबेडकर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र कुमार कर्दम, सिद्धार्थ जी कर्दम, राजा बाबू शर्मा, अजय कुमार शर्मा, ओ.पी. वर्मा सहित अनेक अधिवक्ताओं ने दीवानी परिसर में लगातार हो रहे जलभराव पर गहरा रोष व्यक्त किया है।

अधिवक्ताओं ने कहा कि परिसर की स्थिति देखकर यह विश्वास करना कठिन है कि यह न्यायालय परिसर है, जहां प्रतिदिन हजारों लोग न्याय की उम्मीद लेकर आते हैं। उनका कहना है कि शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब है। वहां भारी गंदगी और बदबू रहती है तथा नियमित सफाई नहीं कराई जाती। इस संबंध में कई बार शिकायतें और मांगें उठाई गईं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही जलभराव और सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो अधिवक्ता समाज आंदोलन करने को बाध्य होगा।

इधर वार्ड-12 नगला हरमुख में भी बारिश के कारण सड़कें और गलियां पानी में डूब गईं। भाजपा पार्षद किशन नायक का कहना है कि नालों की समय पर सफाई नहीं होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से हर वर्ष यही स्थिति बनती है। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि मानसून से पहले प्रशासन को आवश्यक तैयारियां करनी चाहिए थीं, लेकिन लापरवाही का खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है। इसी तरह लंगड़े की चौकी क्षेत्र के महावीर नगर में नाले उफनने से घरों में पानी भर गया। 

लंगड़े की चौकी क्षेत्र के महावीर नगर में जलभराव का दृश्य।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बीते दिनों हुई भारी बारिश में भी शहर का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया था। इसके बावजूद संबंधित विभागों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। मौसम विभाग द्वारा आगे और अधिक वर्षा की संभावना जताई जा रही है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

उधर थाना मदन मोहन गेट क्षेत्र स्थित पुलिस चौकी खिड़की काले खां के सामने लगातार बारिश के कारण जमीन धंस गई, जिससे लगभग 100 वर्ष पुराना विशाल पेड़ अचानक गिर पड़ा। पेड़ गिरने से कुछ देर के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सौभाग्य से उस समय पेड़ के नीचे कोई व्यक्ति या वाहन नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों और संबंधित विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाने की कार्रवाई शुरू कराई।

खिड़की काले खां में गिरा सौ साल पुराना पेड़।

लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की जल निकासी व्यवस्था आखिर कब सुधरेगी। हर वर्ष बारिश के साथ सामने आने वाली यही तस्वीरें प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई, जल निकासी और सड़क मरम्मत जैसे कार्य पूरे कर लिए जाते, तो लोगों को इस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।

SP_Singh AURGURU Editor