एआई फ्यूचररेडी कॉन्क्लेव 2026: सात और आठ अगस्त को आगरा से तय होगी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य की नई दिशा, दिग्गज विशेषज्ञ और नीति निर्माता होंगे शामिल, केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद करेंगे उद्घाटन

आगरा। आगरा। ताज नगरी आगरा 7 और 8 अगस्त को देश के प्रमुख कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आयोजनों में से एक एआई फ्यूचररेडी कॉन्क्लेव 2026 की मेजबानी करेगा। जेपी पैलेस होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में देश के शीर्ष एआई विशेषज्ञ, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत, शिक्षाविद, स्टार्टअप और तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे।

Aug 6, 2026 - 12:48
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एआई फ्यूचररेडी कॉन्क्लेव 2026: सात और आठ अगस्त को आगरा से तय होगी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य की नई दिशा, दिग्गज विशेषज्ञ और नीति निर्माता होंगे शामिल, केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद करेंगे उद्घाटन
आगरा में सात और आठ अगस्त को होने जा रहे एआई फ्यूचररेडी कॉन्क्लेव 2026 की उद्घोषणा करते आयोजकगण।

कॉर्पोरेट काउंसिल फॉर लीडरशिप एंड अवेयरनेस (सीसीएलए) तथा एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ऐसोचेम) द्वारा भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस कॉन्क्लेव में 26 से अधिक एआई आधारित प्रदर्शनी स्टॉल, लाइव तकनीकी प्रदर्शन, स्टार्टअप नवाचार, छात्र परियोजनाओं का प्रदर्शन और विभिन्न क्षेत्रों में एआई के व्यावहारिक उपयोग पर विशेषज्ञ मंथन होगा।

बुधवार को बाईपास रोड स्थित होटल लेमन ट्री में आयोजित आधिकारिक उद्घोषणा कार्यक्रम में आयोजकों ने कॉन्क्लेव की विस्तृत रूपरेखा, प्रमुख तकनीकी सत्रों, एआई प्रदर्शनी तथा राष्ट्रीय स्तर के वक्ताओं की जानकारी साझा की।

एआई को समझना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता : पूरन डावर

सीसीएलए एवं डीसीएफएलआई के चेयरमैन तथा भारत सरकार की ट्रेड काउंसिल के सदस्य पूरन डावर ने कहा कि एआई को लेकर समाज में अनेक भ्रांतियां हैं, जबकि यह भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान की सबसे प्रभावशाली तकनीकी शक्ति बन चुका है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति और संस्थान एआई को सीखेंगे, समझेंगे और अपने कार्यों में अपनाएंगे, वही आने वाले समय की प्रतिस्पर्धा में आगे रहेंगे। यह कॉन्क्लेव व्यापार, उद्योग, स्टार्टअप, शिक्षा और युवाओं को एआई के व्यावहारिक उपयोग से जोड़ने का प्रभावी मंच बनेगा।

आगरा को मिलेगा राष्ट्रीय एआई विशेषज्ञों से सीखने का अवसर

एम.पी.एस. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरपर्सन एवं एआई एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन स्क्वाड्रन लीडर ए.के. सिंह ने कहा कि यह आयोजन आगरा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, इंडियाएआई मिशन के निदेशक मोहम्मद वाई. सफीरुल्ला (आईएएस) सहित अनेक राष्ट्रीय विशेषज्ञ दो दिनों तक प्रतिभागियों को एआई की नवीनतम तकनीकों, सरकारी योजनाओं और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराएंगे।

युवा नवाचारों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

सीसीएलए के प्रदेश अध्यक्ष राजेश गर्ग ने कहा कि एआई अब भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान की आवश्यकता बन चुका है। कॉन्क्लेव में विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और आईटी कंपनियों द्वारा विकसित एआई आधारित प्रोजेक्ट, स्टार्टअप नवाचार और तकनीकी समाधान प्रदर्शित किए जाएंगे। इससे युवाओं को अपने नवाचार प्रस्तुत करने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

नई तकनीकी क्रांति का आधार बन चुका है एआई

प्रिल्यूड स्कूल के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि एआई केवल मशीनों की तकनीक नहीं है, बल्कि यह मानव की सोच और निर्णय क्षमता को सशक्त बनाने वाला माध्यम है। इसके उपयोग के साथ नैतिकता, जागरूकता और जिम्मेदारी भी उतनी ही आवश्यक है।

विख्यात चिकित्सक डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने कहा कि दुनिया एआई आधारित नई तकनीकी क्रांति के दौर में प्रवेश कर चुकी है। स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और अनुसंधान सहित प्रत्येक क्षेत्र में एआई की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि चैटजीपीटी तो केवल शुरुआत है, आने वाले वर्षों में एआई की असीम संभावनाएं सामने आएंगी।

व्यापार, उद्योग और शिक्षा में तेजी से बढ़ रही एआई की भूमिका

भारतीय स्टेट बैंक के सहायक महाप्रबंधक संजय संदीप गुप्ता तथा वरुण कपूर ने कहा कि एआई व्यापार, डिजिटल विपणन और ग्राहक सेवाओं को नई दिशा दे रहा है। उद्यमी गोपाल गुप्ता ने कहा कि एआई सीमित तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों को भी उच्च गुणवत्ता का कार्य करने में सक्षम बना रहा है। डॉ. रेनुका डंग ने कहा कि एआई विचारों को वास्तविक स्वरूप देने का प्रभावी माध्यम है।

डॉ. अशोक शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में एआई जीवन और कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बन जाएगा। दीपक अग्रवाल ने कहा कि एआई उद्योगों के लिए भविष्य का सबसे बड़ा सहयोगी सिद्ध होगा, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और लागत में कमी आएगी।

एफएएफएम के अध्यक्ष कुलदीप सिंह कोहली, शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा तथा सीफी के अध्यक्ष ओपिंदर लवली ने भी एआई कॉन्क्लेव और प्रदर्शनी की उपयोगिता पर अपने विचार व्यक्त किए।

केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद होंगे मुख्य अतिथि

कॉन्क्लेव में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद मुख्य अतिथि होंगे।

इसके अतिरिक्त भारत सरकार के इंडियाएआई मिशन के निदेशक मोहम्मद वाई. सफीरुल्ला (आईएएस), ओएनजीसी के निदेशक (स्ट्रेटजी एंड कॉर्पोरेट अफेयर्स) सत्यन कुमार, अंकित धीर, रामाकृष्णन 'रामा', गगन दीप, सौरभ मनचंदा तथा पीयूष श्रीवास्तव सहित देश के अनेक प्रतिष्ठित एआई विशेषज्ञ विभिन्न तकनीकी सत्रों को संबोधित करेंगे।

कॉन्क्लेव के प्रमुख आकर्षण

कॉन्क्लेव में 26 से अधिक एआई आधारित प्रदर्शनी स्टॉल लगेंगे। एआई प्रदर्शनी एवं लाइव तकनीकी प्रदर्शन, स्टूडेंट इनोवेशन शोकेस, स्टार्टअप एवं उद्योग नवाचार पवेलियन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, विनिर्माण आदि के स्टॊल होंगे। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं डिजिटल वाणिज्य पर विशेष पैनल चर्चा होगी। प्रमुख व्याख्यान एवं विशेषज्ञ संवाद। एआई आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा।

ये रहे मौजूद

उद्घोषणा कार्यक्रम में नेशनल चैंबर के उपाध्यक्ष अंबा प्रसाद गर्ग, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल, ब्रश एंड क्लीनिंग प्रोडक्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित मोरियानी, सीएस अनुज अशोक अग्रवाल, आगरा रेडीमेड गारमेंट्स ट्रेडर्स एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आर.के. नैय्यर, आगरा आईटी एसोसिएशन के सचिव अचयेंद्र शर्मा, कुलदीप ठाकुर, शकुन बंसल, डॉ. तरुण शर्मा, डॉ. रजनीश त्यागी, अजय शर्मा, ब्रजेश शर्मा, अविनाश वर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor