महाराष्ट्र टीईटी पेपर के लीक हुए चारों सेट आगरा की प्रिंटिंग प्रेस में छापे गए थे, अब प्रिंटिंग प्रेस भी जांच के घेरे में, बिहार का बिजेंद्र गुप्ता था मास्टरमाइंड

मुंबई/आगरा। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले की जांच में अब उत्तर प्रदेश और बिहार तक फैले एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, परीक्षा के प्रश्नपत्रों के चार अलग-अलग सेट आगरा की एक प्रिंटिंग प्रेस में छापे गए थे। इन्हीं चार सेटों में से प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में बिहार के समस्तीपुर निवासी बिजेंद्र गुप्ता का नाम कथित मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया है, जिसकी तलाश में महाराष्ट्र पुलिस की कई टीमें बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में लगातार छापेमारी कर रही हैं।

Jun 29, 2026 - 21:49
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महाराष्ट्र टीईटी पेपर के लीक हुए चारों सेट आगरा की प्रिंटिंग प्रेस में छापे गए थे, अब प्रिंटिंग प्रेस भी जांच के घेरे में, बिहार का बिजेंद्र गुप्ता था मास्टरमाइंड

चार सेट के साथ पकड़े गए आरोपी, डेढ़ करोड़ की डील की तैयारी

भिवंडी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्रों के चार सेट बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि यह प्रश्नपत्र कथित तौर पर दिल्ली के रास्ते लाए गए थे और इन्हें लगभग 1.5 करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी थी। पेपर लीक की पुष्टि के बाद 28 जून को होने वाली महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा ऐन वक्त पर स्थगित कर दी गई।

आगरा की प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका की जांच

जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि प्रश्नपत्रों के चारों अधिकृत सेट आगरा स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस में मुद्रित किए गए थे। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में सेंध कहां लगी और प्रश्नपत्र प्रेस से बाहर कैसे पहुंचे। पुलिस प्रिंटिंग प्रक्रिया, कर्मचारियों की भूमिका तथा प्रश्नपत्रों की आवाजाही से जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच कर रही है। फिलहाल इस स्तर पर किसी प्रिंटिंग प्रेस या उसके कर्मचारियों की संलिप्तता आधिकारिक रूप से सिद्ध नहीं हुई है और जांच जारी है।

25 वर्षों से सक्रिय नेटवर्क का संदेह

पुलिस के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता कोई नया नाम नहीं है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह पिछले लगभग 25 वर्षों से विभिन्न राज्यों में पेपर लीक के मामलों से जुड़ा रहा है। उसका नाम पहले भी बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों की प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ चुका है। वर्ष 2024 में हुए एक स्टिंग ऑपरेशन में भी उसने कथित तौर पर पेपर लीक नेटवर्क को लेकर चौंकाने वाले दावे किए थे।

कई राज्यों में छापेमारी, एसआईटी गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार तीनों आरोपी कथित तौर पर बिजेंद्र गुप्ता के लिए काम करते थे। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने दोषियों के खिलाफ संगठित अपराध कानून (मकोका) लगाने की संभावना भी जताई है।

विधानसभा में भी गूंजा मामला

पेपर लीक प्रकरण ने महाराष्ट्र की राजनीति को भी गरमा दिया है। विपक्ष ने विधानसभा में सरकार को घेरते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग की। इस मुद्दे पर सदन में तीखी नोकझोंक हुई और विपक्ष ने विरोध स्वरूप बहिर्गमन भी किया। विपक्ष ने सरकार को इस मुद्दे पर भी आड़े हाथ लिया कि पेपर प्रिंटिंग के लिए आगरा क्यों भेजे गये।

SP_Singh AURGURU Editor