सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री ने कहा,  हम पाक की तरह दलाल देश नहीं,  सरकार के कदमों से विपक्ष संतुष्ट

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच हुई ऑल पार्टी मीटिंग खत्म हो गई है। इस मीटिंग की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री जयशंकर भी मौजूद रहे।

Mar 25, 2026 - 20:10
 0
सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री ने कहा,  हम पाक की तरह दलाल देश नहीं,  सरकार के कदमों से विपक्ष संतुष्ट


नई दिल्ली। पश्चिम एशिया के हालात पर बुधवार को हुई ऑल पार्टी मीटिंग खत्म हो गई है। इस मीटिंग की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। मीटिंग में गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी मौजूद थे। मीटिंग के दौरान सरकार ने सभी पार्टियों से कहा कि घबराने जैसा कुछ भी नहीं है। सरकार ने बताया कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। एलपीजी का घरेलू उत्पादन 60% तक बढ़ गया है।
ईरान जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों के बारे में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि 4 जहाज आ गए हैं और कुछ और जहाज आने वाले हैं। खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को लेकर सरकार ने कहा कि हमारे दूतावास लगातार काम कर रहे हैं और अब तक 4.25 लाख भारतीयों को सुरक्षित लाया जा चुका है।

सरकार ने मीटिंग के दौरान बताया कि हम सभी से बात कर रहे हैं और पैनिक की कोई बात नहीं है। मीटिंग के दौरान धर्मेंद्र यादव और मुकुल वासनिक ने पाकिस्तान की भूमिका के बारे में पूछा तो सरकार ने कहा कि पाकिस्तान ऐसा 1981 से कर रहा है। इसमें कुछ नई बात नहीं है। इस पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि हम पाकिस्तान की तरह 'दलाल देश' नहीं बन सकते।

दरअसल, ईरान जंग खत्म करवाने के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थता की पेशकश की है। पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट किया था कि संघर्ष को खत्म करने के लिए सार्थक और निर्णायक वार्ता की मेजबानी के लिए उनका देश तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी शरीफ की इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया था।
 
पश्चिम एशिया के हालात पर लगभग दो घंटे तक ऑल पार्टी मीटिंग चली। बैठक के बारे में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि जितने भी सवाल थे और जो भी भ्रम था, उन सभी को सरकार ने पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया।
 
उन्होंने बताया कि कई सदस्य होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते गैस और पेट्रोलियम की आपूर्ति से जुड़ी जानकारी जानना चाहते थे और वे सभी इस बात से संतुष्ट थे कि भारत ने पहले ही चार जहाज सुरक्षित कर लिए हैं. इसलिए विपक्षी सदस्य सरकार के काम से संतुष्ट थे। 
 
उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों ने कई सवाल पूछे कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष से पश्चिम एशिया में पैदा हुई स्थिति का भारत पर क्या असर पड़ेगा और भारत के लोगों के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। सरकार ने इन सवालों के विस्तृत और पूरी तरह से जवाब दिए। मुझे यह बताते हुए संतोष हो रहा है कि सरकार ने पूरे विपक्ष के सभी सवालों के जवाब दिए हैं।

रिजिजू ने बताया कि आखिर में विपक्ष के सभी साथियों ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में, सरकार जो भी फैसला लेगी, मौजूदा हालात के हिसाब से जो भी कदम उठाएगी, सभी उसका एकजुट होकर समर्थन करेंगे।

विपक्ष ने सरकार की विदेश नीति की आलोचना की थी। कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने विदेश नीति पर सवाल उठाए थे। ऑल पार्टी मीटिंग में सरकार ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया। सरकार ने पश्चिम एशिया संकट से निपटने के अपने तरीके का जोरदार बचाव किया।