पीएम से मिलेंगे शरद पवार के सभी सांसद, सुप्रिया सुले बोलीं, 'हमने समय मांगा है, पीके को बताया दोस्त
एनसीपी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि महाराष्ट्र में सांसदों को फंड नहीं मिल रहा था, इसलिए हमने बात की और पीएम से मिलने के लिए औपचारिक समय मांगा।
नई दिल्ली। शरद पवार की पार्टी एनसीपी के सभी सांसद पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाले हैं। इसे लेकर अब पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि यह दिन के उजाले में होने वाली मीटिंग है और प्रधानमंत्री मोदी से औपचारिक समय लेकर मुलाकात हो रही है।
सुप्रिया सुले ने आगे कहा, ''कल लोकसभा में कई सांसदों से चर्चा हो रही थी। महाराष्ट्र में मदद के लिए सांसदों को फंड नहीं मिल रहा था, इसलिए हमने बात की और पीएम से मिलने के लिए औपचारिक समय मांगा। पीएम ने सभी 8 लोकसभा सांसदों से मिलने के लिए सोमवार (10 अगस्त) का समय दिया है।''
प्रशांत किशोर को लेकर सुप्रिया सुले ने कहा कि वो मेरे अच्छे दोस्त हैं। उनका एक प्रोफेशन भी है। अब उनके साथ कौन काम कर रहा है या वे किसके लिए काम कर रहे हैं, यह उनका और पार्टी का निजी विषय है लेकिन उन्होंने हाल ही में एक बड़ी जीत दर्ज की है। बिहार की बांकीपुर सीट पर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने बीजेपी को हराया था।
एकनाथ शिंदे के सांसदों की पीएम से मुलाकात पर उन्होंने कहा, ''संविधान का अपमान हुआ और पवार साहब को पार्टी से निकाल दिया। अभी उद्धव ठाकरे और शरद पवार साहब का हक छीना है तो कल आपका भी हक छीना जा सकता है।''
महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी को लेकर एनसीपी सांसद ने कहा, ''यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसानों के कर्जमाफी पर नियम लगाए जा रहे हैं। इलेक्शन सेंट्रिक काम करते है। इसका हम विरोध करते हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत को लेकर कहा कि उन्होंने जेन जी को ईमानदारी का सर्टिफिकेट दे दिया।'' इसके साथ ही सुप्रिया सुले ने जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान जो हुआ उस पर सरकार को एसआईटी गठित कर जांच करनी चाहिए।
सुनेत्रा पवार को कांग्रेस की ओर से 'गूंगी गुड़िया' कहे जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर सुप्रिया सुले ने कहा, ''मैने इस मुद्दे पर जब कांग्रेस से बात की तो उसके तुरंत बाद उन्होंने अपना स्टैंड क्लीयर किया। किसी महिला पर इस प्रकार से नहीं बोला जाना चाहिए।''
बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि एफसीआरए बिल अभी जिस तरीके से ड्राफ्ट किया गया है, हम उसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ''एनसीपी इस बिल का विरोध कर रही है। सरकार जल्दी ना करे। बिल को ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी को भेजना चाहिए।'' डिलिमिटेशन बिल को लेकर उन्होंने कहा कि वह तो अब तक पटल पर आया नहीं है, तो उस पर क्या बोला जाए। जब बिल आएगा तो इंडिया गठबंधन में भी इसपर चर्चा की जाएगी।