हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद मंच का कथित शुद्धिकरण,  खरगे बोले- मेरा अपमान हुआ,  नड्डा ने कहा-  मामले की जांच कराएंगे

उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की 8 अगस्त को हुई रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ को लेकर सियासत गरमा गई है।

Aug 13, 2026 - 13:25
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हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद मंच का कथित शुद्धिकरण,  खरगे बोले- मेरा अपमान हुआ,  नड्डा ने कहा-  मामले की जांच कराएंगे

नई दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। बुधवार को राज्यसभा में खरगे ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि उन्होंने रैली में किसी धर्म या समाज का नाम नहीं लिया था, इसके बावजूद उनके भाषण के बाद बीजेपी से जुड़े लोगों ने हवन कर मंच का शुद्धिकरण किया। इस पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि बीजेपी ऐसे मामलों का समर्थन नहीं करती और इसकी जांच कराई जाएगी।

राज्यसभा में खरगे ने कहा कि वह हल्द्वानी के रामलीला मैदान में सार्वजनिक सभा को संबोधित करने गए थे। वहां लाखों लोग मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अपने भाषण के दौरान उन्होंने किसी समाज या धर्म का नाम नहीं लिया, बल्कि सरकार से जुड़े मुद्दों को उठाया था। खरगे के मुताबिक, उनके भाषण के बाद बीजेपी से जुड़े लोगों ने उसी मंच पर हवन कर उसका ‘शुद्धिकरण’ किया। खरगे ने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में इस तरह की कार्रवाई उचित है और क्या इसी तरह संविधान की रक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं और इस तरह की घटना उनके लिए गंभीर विषय है।

खरगे के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह सभी के लिए दुखद और खेद का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी इस तरह के मामलों का समर्थन नहीं करती है। नड्डा ने कहा कि खरगे ने मामले की जांच कराने की बात कही है और पार्टी इसकी तहकीकात करेगी। नड्डा ने यह भी कहा कि जांच के बाद खरगे की ओर से बीजेपी पर सीधे आरोप लगाना उचित नहीं होगा। इस दौरान राज्यसभा में हंगामा भी जारी रहा।

खरगे ने जवाब देते हुए कहा कि वह इस मामले को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहते। उन्होंने कहा, “मैं एक दलित हूं, लेकिन किसी के सामने गिड़गिड़ाया नहीं, लड़ता हूं।” खरगे ने आरोप लगाया कि शुद्धिकरण कर उनका अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि वह संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में ‘विजय शंखनाद रैली’ को संबोधित किया था। रैली खत्म होने के बाद श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की ओर से रामलीला मैदान में शुद्धिकरण यज्ञ कराया गया। संगठन के सदस्यों ने खरगे को सनातन और हिंदू संगठनों का विरोधी बताते हुए कहा कि जिस मैदान में रामलीला का मंचन होता है, वहां उनके आने के बाद शुद्धिकरण जरूरी था। संगठन की ओर से खरगे के पूर्व के कथित सनातन विरोधी बयानों को भी इसका आधार बताया गया।