लोकसभा में कांग्रेस पर अमित शाह का तीखा प्रहार, आदिवासियों का क्यों नहीं किया विकास, मोदी सरकार ने किया नक्सलवाद खत्म
अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि देश में वामपंथी विचारधारा की वजह से नक्सवाद फैला। भारत लंबे वक्त तक इससे पीड़ित रहा।
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को लेकर विपक्ष पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सत्ता पाने के लिए आदिवासियों को भड़काया गया है। वामपंथी विचारधारा से नक्सलवाद फैला है। अमित शाह ने सोमवार (30 मार्च) को लोकसभा में कहा कि देश लंबे वक्त तक नक्सवाद से पीड़ित रहा, लेकिन अब देश को इससे आजादी मिल गई है। उन्होंने कहा कि बस्तर से नक्सवाद खत्म हो चुका है। उन्होंने आदिवासियों का जिक्र करते हुए कहा कि वो सालों से चाहते थे कि उनका दर्द, वेदना संसद में उजागर हो, लंबे समय तक इसको मौका नहीं दिया गया।
अमित शाह ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि जो 1970 से 2026 तक चला, उसके बारे में आज संसद में चर्चा हो रही है। उन्होंने लोकसभा में कहा कि आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग लगभग समाप्त हो गया है। शाह ने कहा, 'जो नक्सलवाद पर बोल रहे थे, उनसे इतना ही पूछना चाहता हूं कि 1970 से अब तक क्यों नहीं हुआ। ये बस्तर वाले क्यों छूट गए। लाल आतंक का परछाई थी, इसलिए विकास नहीं पहुंच पाया था।'
उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो नक्सवाद के वकील बन रहे हैं, वे संविधान मानेंगे या नहीं। उन्होंने कहा कि पूरी व्यवस्था को नकार कर हाथ में हथियार उठा लिया था, लेकिन सरकार तो संविधान से ही चलेगी। अमित शाह ने कहा, 'आज पूछना चाहता हूं कि 75 साल में 60 साल आपने शासन किया। आदिवासी क्यों बच गए. विकास तो मोदी जी आज करवा रहे हैं। मोबाइल टावर नहीं दिया और आप हिसाब मांग रहे हैं। 12 करोड़ लोग गरीबी के नीचे जी रहे थे, 20 हजार युवा मारे गए, कई दिव्यांग बन गए। उन तक विकास नहीं पहुंचा. कौन जिम्मेदार है? इस पर चिंतन करना चाहिए।
अमित शाह ने कहा, 'छत्तीसगढ़ के बस्तर में उनका होम मिनिस्टर होता था। अब कह रहे हैं बातचीत करो, मैं 50 बार जा कर कह चुका हूं। हथियार डाल दीजिए, आपके पुर्नवास हम करेंगे। जो गोली चलाता है उसका जवाब गोली से दिया जाता है।'