बरेली के डीआईजी अजय साहनी को तीसरी बार राष्ट्रपति वीरता पदक, लुटेरे के एनकाउंटर में दिखाया था साहस
बरेली/लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बरेली परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अजय कुमार साहनी को अदम्य साहस और उत्कृष्ट सेवा के लिए तीसरी बार राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने लखनऊ में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। यह पदक वर्ष 2020 में मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रहते हुए कुख्यात अंतरजनपदीय अपराधी चांद उर्फ काले के साथ हुई साहसिक मुठभेड़ में पुलिस टीम का नेतृत्व करने के लिए दिया गया।
25/26 जनवरी 2020 की रात मेरठ के तत्कालीन एसएसपी अजय साहनी के नेतृत्व में मेरठ पुलिस टीम ने विभिन्न जिलों में लूटपाट करने वाले कुख्यात अपराधी चांद उर्फ काले को मुठभेड़ में मार गिराया था। कार्रवाई के बाद मौके से अवैध हथियार और लूट का सामान बरामद किया गया था।
चांद उर्फ काले पुत्र सत्तार, निवासी अंबेडकर कॉलोनी, कस्बा एवं थाना परीक्षितगढ़, मेरठ का रहने वाला था। वह अंतरजनपदीय लुटेरा और गिरोह का सरगना था। उसके खिलाफ करीब तीन दर्जन मुकदमे दर्ज थे। वह मुजफ्फरनगर के मीरापुर में बैंक लूट, नई मंडी में व्यापारी से लूट, जानसठ में ज्वैलरी शॉप लूट और मेरठ के हस्तिनापुर में पेट्रोल पंप लूट समेत कई संगीन वारदातों में वांछित था। उसके आपराधिक दुस्साहस को देखते हुए मेरठ जोन स्तर से एक लाख रुपये और सहारनपुर परिक्षेत्र स्तर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस अभियान के दौरान चांद उर्फ काले को घेर लिया गया। मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। मौके से अवैध शस्त्र और लूट का सामान बरामद हुआ।
अजय कुमार साहनी को पुलिस सेवा में साहसिक कार्यों के लिए इससे पहले भी राष्ट्रपति वीरता पदक मिल चुके हैं। तीसरी बार यह सम्मान मिलने पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी।