बिना डिग्री मरीजों का इलाज, ‘बंगाली क्लीनिक’ संचालक पर मुकदमा
आगरा के टीन का नगला स्थित ‘बंगाली क्लीनिक’ के संचालक पर बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का इलाज करने का आरोप लगा है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में संचालक को चिकित्सा कार्य करते पाया गया था। नोटिस और चेतावनी के बावजूद प्रैक्टिस जारी रखने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर एकता थाने में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आगरा। टीन का नगला क्षेत्र स्थित एक तथाकथित ‘बंगाली क्लीनिक’ में बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का इलाज किए जाने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। विभागीय जांच में क्लीनिक संचालक को चिकित्सा कार्य करते पाए जाने के बाद भी कथित तौर पर प्रैक्टिस जारी रखने का मामला सामने आया। नोटिस और चेतावनी के बावजूद इलाज बंद नहीं करने पर अब क्लीनिक संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
स्वास्थ्य विभाग को शिकायत मिली थी कि टीन का नगला स्थित बंगाली क्लीनिक में संचालक द्वारा मरीजों का इलाज किया जा रहा है, जबकि उसके पास चिकित्सा कार्य करने के लिए आवश्यक वैध चिकित्सकीय योग्यता नहीं है। शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक का निरीक्षण किया। जांच के दौरान संचालक को मरीजों का उपचार करते हुए पाया गया।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण के बाद संचालक को नियमानुसार नोटिस जारी किया गया था। उसे बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के चिकित्सा कार्य नहीं करने की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बावजूद आरोप है कि संचालक ने प्रैक्टिस बंद नहीं की और क्लीनिक में मरीजों का इलाज जारी रखा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से संबंधित थाना एकता में शिकायत दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने क्लीनिक संचालक के खिलाफ राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम (National Medical Commission Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नोटिस के बाद भी जारी रखी प्रैक्टिस
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बावजूद कथित रूप से चिकित्सा कार्य जारी रखने को मामले में अहम माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि बिना आवश्यक योग्यता के मरीजों का इलाज करना गंभीर मामला है। ऐसे लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है, ताकि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ न हो।
पुलिस ने शुरू की जांच
मुकदमा दर्ज होने के बाद एकता थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब क्लीनिक संचालक की शैक्षिक एवं चिकित्सकीय योग्यता, क्लीनिक संचालन से संबंधित दस्तावेज और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट समेत अन्य अभिलेखों की पड़ताल करेगी। मामले में जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बिना पंजीकरण या वैध चिकित्सकीय योग्यता के संचालित हो रहे क्लीनिकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग की ओर से ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी जांच और कार्रवाई किए जाने की संभावना है।