एसएन की इमरजेंसी के बाल रोग विभाग में छत का प्लास्टर गिरा, बच्चे को मामूली चोट
आगरा इमरजेंसी के बाल रोग विभाग में शुक्रवार को छत का प्लास्टर अचानक गिरने से हड़कंप मच गया। हादसे में एक बच्चे को मामूली खरोंच आई। सुरक्षा के मद्देनजर वार्ड में भर्ती सभी बच्चों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम शुरू करा दिया है।
प्लास्टर गिरने से मची अफरा-तफरी, भर्ती मरीजों को दूसरे वार्ड में किया शिफ्ट
आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी स्थित बाल रोग विभाग में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वार्ड की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। हादसे के समय वार्ड में बच्चे भर्ती थे। अचानक प्लास्टर गिरने से मरीजों और तीमारदारों में दहशत फैल गई। हादसे में एक बच्चे को मामूली खरोंच आने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों और तीमारदारों ने तत्काल बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कवायद शुरू की। सुरक्षा को देखते हुए वार्ड में भर्ती सभी बच्चों को तत्काल दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इस दौरान कुछ देर के लिए अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
छत का प्लास्टर गिरने की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई। अस्पताल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्षतिग्रस्त हिस्से को खाली कराने के बाद उसकी मरम्मत का काम शुरू करा दिया है। संबंधित कर्मचारियों को क्षतिग्रस्त छत और आसपास के हिस्से की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोबारा इस तरह की घटना न हो।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि वार्ड के एक कोने का प्लास्टर गिर गया था। इससे किसी भी मरीज को हानि नहीं हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है और क्षतिग्रस्त छत को सही कराने का काम प्रारंभ करा दिया गया है।
हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर भवन के जर्जर हिस्सों की समय-समय पर जांच और मरम्मत बेहद जरूरी है। फिलहाल बच्चों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किए जाने के बाद स्थिति सामान्य बताई जा रही है।