केंद्र द्वारा 6500 रुपये प्रति टन पर आलू खरीद किसानों को राहत नहीं बल्कि सीधे घाटे का सौदा, रालोद ने लागत मूल्य बताकर मांगे 12000 रुपये टन के दाम

आगरा। केंद्र सरकार द्वारा आलू की खरीद 6500 रुपये प्रति टन पर किये जाने के फैसले पर किसानों में असंतोष तेज हो गया है। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश उपाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने इस मूल्य को पूरी तरह नाकाफी बताते हुए कहा कि इससे किसानों को राहत नहीं, बल्कि और नुकसान होगा क्योंकि इससे बाजार भाव में और गिरावट आने की आशंका है।

Apr 19, 2026 - 20:26
 0
केंद्र द्वारा 6500 रुपये प्रति टन पर आलू खरीद किसानों को राहत नहीं बल्कि सीधे घाटे का सौदा, रालोद ने लागत मूल्य बताकर मांगे 12000 रुपये टन के दाम

कप्तान सिंह चाहर ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आलू की वास्तविक लागत कहीं अधिक है। केवल कोल्ड स्टोरेज तक आलू पहुंचाने में ही भारी खर्च आता है। शीतगृह का भाड़ा करीब 2700 रुपये प्रति टन, ढुलाई 500 रुपये प्रति टन, भराई-सिलाई 500 रुपये प्रति टन, बोरे का खर्च 700 रुपये प्रति टन और लोडिंग 150 रुपये प्रति टन जोड़ने पर कुल खर्च लगभग 4450 रुपये प्रति टन बैठता है। इसके अलावा खेत की जुताई, बीज, खाद (डीएपी, यूरिया, सल्फर, पोटाश, जिंक, बोरॉन), सिंचाई, कीटनाशक, बुवाई, खुदाई और अन्य कृषि कार्यों को जोड़ने पर लागत लगभग 1200 से 1300 रुपये प्रति कुंतल तक पहुंच जाती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब लागत ही इतनी अधिक है, तो 6500 रुपये प्रति टन का सरकारी खरीद मूल्य किसानों के साथ अन्याय है। इससे न केवल किसानों को घाटा होगा, बल्कि बाजार में कीमतें और नीचे जाने का खतरा भी बढ़ेगा।

राष्ट्रीय लोकदल की ओर से केंद्र सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गई है। कप्तान सिंह चाहर ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से अपील करते हुए कहा कि आलू का न्यूनतम खरीद मूल्य कम से कम 1200 से 1300 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया जाए, ताकि किसानों को उचित लाभ मिल सके।

उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जिलाधिकारी से मिलकर केंद्रीय कृषि मंत्री को ज्ञापन भेजेगा और इस मुद्दे पर किसानों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग करेगा।

राष्ट्रीय लोकदल ने यह मुद्दा ऐसे समय में उठाया गया है जब आलू के गिरते दामों से पहले ही किसान आर्थिक दबाव झेल रहे हैं और अब सरकारी खरीद मूल्य को लेकर असंतोष और गहराता जा रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor