आगरा को मिले नये डीएम: मनीष बंसल की एंट्री, संवेदनशीलता की छाप छोड़कर जा रहे हैं अरविंद मलप्पा बंगारी  

आगरा। प्रशासनिक हलकों में बड़ा फेरबदल करते हुए सरकार ने आगरा के जिलाधिकारी पद पर मनीष बंसल को नियुक्त किया है, जो अब तक सहारनपुर में जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत थे। वहीं आगरा के निवर्तमान डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव बनाकर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगरा में डीएम पद से एक ऐसे अधिकारी की विदाई हो रही है जिनकी कार्यशैली और संवेदनशीलता ने आमजन के दिलों में गहरी छाप छोड़ी है।

Apr 20, 2026 - 11:40
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आगरा को मिले नये डीएम: मनीष बंसल की एंट्री, संवेदनशीलता की छाप छोड़कर जा रहे हैं अरविंद मलप्पा बंगारी  
आगरा के निवर्तमान डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी और नवागत डीएम मनीष बंसल।

संवेदनशीलता के लिए याद रखे जाएंगे बंगारी

जिलाधिकारी के रूप में अरविंद मलप्पा बंगारी का कार्यकाल आगरा के लोगों के लिए लंबे समय तक यादगार रहेगा। उनकी सबसे बड़ी पहचान रही हर व्यक्ति तक आसान पहुंच और त्वरित न्याय। आम आदमी हो या प्रभावशाली व्यक्ति, हर कोई अपनी बात सीधे डीएम तक पहुंचाता रहा और इनका त्वरित समाधान भी होता रहा।

खेरागढ़ के खारी नदी हादसे में दिखाई इंसानियत

पिछले वर्ष खेरागढ़ क्षेत्र में देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान दर्जन भर युवकों के नदी में डूबने की दर्दनाक घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया था। कई दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी मौके पर ही डटे रहे थे।
परिजनों के आंसुओं और बेचैनी के बीच उनका वहां रहना प्रशासनिक कर्तव्य से कहीं बढ़कर मानवीय संवेदना का उदाहरण बन गया। इस हादसे के पीछे अवैध खनन से बने गहरे गड्ढे जिम्मेदार थे, जिसके बाद उन्होंने पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम बनाकर खनन माफिया पर करारा प्रहार भी किया।

किसानों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया डीएम बंगारी की त्वरित कार्रवाई का एक उदाहरण देते हुए बताते हैं कि शमसाबाद ब्लॊक के सभागार को एक बैठक के लिए वहां के कर्मचारी नहीं खोल रहे थे। उन्होंने डीएम से बात की तो उन्होंने तत्काल सभागार खुलवाया। सभागार के अंदर का नजारा देखकर वे दंग थे। वहां शराब और बीयर की खाली बोतलें पड़ी हुई थीं।

लवानियां बताते हैं कि उन्होंने डीएम को इस बारे में सूचना दी। डीएम बंगारी ने तुरंत मौके पर अधिकारी भेजकर जांच कराई। शिकायत सही मिलने पर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को चेतावनी जारी की। उनकी यह कार्रवाई प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही का स्पष्ट संदेश थी।

बाढ़ के दौरान मैदान में उतरकर किया काम

आगरा में आई बाढ़ के समय भी अरविंद मलप्पा बंगारी की कार्यशैली अलग नजर आई। उन्होंने दफ्तर में बैठकर आदेश देने के बजाय खुद मैदान में उतरकर हालात संभाले।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचने के लिए वे ट्रैक्टर पर सवार हुए और राहत कार्यों की निगरानी खुद की। पीड़ितों को तत्काल सहायता पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रही।

अब मनीष बंसल के सामने चुनौती

नए डीएम के रूप में मनीष बंसल के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी- निवर्तमान डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी द्वारा स्थापित जनविश्वास को बनाए रखना और उसे आगे बढ़ाना। सहारनपुर में उनके अनुभव को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वे आगरा में भी प्रशासनिक कसावट और जनसरोकारों का संतुलन बनाए रखेंगे।

SP_Singh AURGURU Editor