हूतियों की ट्रंप को धमकी,   'बाब अल-मंडेब बंद हुआ तो कोई महाशक्ति नहीं खोल पाएगी' ,   कहा- मुस्लिम राष्ट्रों के अधिकारों का सम्मान करें   

हूतियों के वरिष्ठ सदस्य ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहा है कि वे भड़काऊ फैसले लेने से बचें और मुस्लिम राष्ट्रों के अधिकारों का सम्मान करें। ऐसा ना करने पर उनको मुश्किल का सामना करना पड़ेगा।

Apr 19, 2026 - 21:00
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हूतियों की ट्रंप को धमकी,   'बाब अल-मंडेब बंद हुआ तो कोई महाशक्ति नहीं खोल पाएगी' ,   कहा- मुस्लिम राष्ट्रों के अधिकारों का सम्मान करें   

सना। यमन के हूतियों ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुस्लिम देशों पर आक्रामकता रोकने की अपील करते हुए हूती नेता ने कहा है कि अगर बाब अल-मंडेब बंद हुआ तो दुनिया की कोई महाशक्ति उसे नहीं खोल पाएगी। हूती प्रशासन के उप विदेश मंत्री हुसैन अल-एजी की ओर से यह चेतावनी आई है। ईरान और अमेरिका की लड़ाई के चलते होर्मुज स्ट्रेट पहले ही बंद है। ऐसे में अगर बाब अल-मंडेब में रुकावट आई तो दुनिया के सामने बड़ा संकट पैदा हो सकता है।

हुसैन अल-एजी ने शनिवार को अपने एक्स अकाउंट पर लिखा 'अगर सना (यमनी राजधानी) बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करने का फैसला करता है तो कोई भी इसे दोबारा नहीं खोल पाएगा। इसलिए ट्रंप और उनके सहयोगियों के लिए यही बेहतर होगा कि वे अपने उन कदमों को रोक दें, जो शांति बहाली में बाधा डालती हैं। उनसे आग्रह है कि वे दुनिया और मुस्लिम देशों के अधिकारों का सम्मान करें।'

यमन में हूती विद्रोहियों की बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दुनिया के लिए एक अलर्ट की तरह है। बाब अल-मंडेब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जो अदन की खाड़ी को लाल सागर से जोड़ता है। खाड़ी देशों से यूरोप और एशिया जाने वाले तेल का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।

समुद्री यातायात पर नजर रखने वाली वेबसाइटों के मुताबिक, बाब अल-मंडेब दुनियाभर में कच्चे तेल की आपूर्ति का करीब 5 प्रतिशत हिस्सा (40 लाख बैरल प्रतिदिन) इसी रास्ते से आता-जाता है। अगर बाब अल-मंडेब बंद हुआ तो दुनिया का तकरीबन 10 प्रतिशत व्यापार ठप हो जाएगा।

बाब अल-मंडेब लाल सागर और उसके आगे स्वेज नहर तक पहुंचने का मुख्य द्वार है, जिससे यूरोप और एशिया के बीच तेज और कम लागत वाला व्यापार होता है। मौजूदा समय में इसकी अहमियत और ज्यादा बढ़ी हुई है क्योंकि ईरान और अमेरिका की लड़ाई के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही रुकी हुई है।

अमेरिका और इजरायल के 28 फरवरी को ईरान पर किए हए हमले के बाद से पूरे क्षेत्र में समुद्री यातायत संकट में हैं। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को रोक रखा है तो अमेरिका ने पूरे इलाके की नाकेबंदी कर रखी है। इससे दुनियाभर में एनर्जी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसके चलते तेल और गैस के दाम बढ़ रहे हैं।