दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति पहुंचे भारत, कल पीएम मोदी के साथ करेंगे बैठक, ऊर्जा संकट पर होगी चर्चा
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग अपने पहले भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस यात्रा को भारत-कोरिया स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को नई मजबूती देने वाला अहम कदम माना जा रहा है।
नई दिल्ली। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के भारत आगमन के साथ भारत और कोरिया के रिश्तों में एक अहम मोड़ आया है। उनका यह पहला भारत दौरा है, जिसे दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस दौरे की जानकारी दी और राष्ट्रपति ली का भारत में गर्मजोशी से स्वागत किया।
म्युंग सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करेंगे। म्युंग की इस यात्रा में मिडिल ईस्ट में युद्ध से पैदा हुई ग्लोबल एनर्जी मार्केट की अनिश्चितताओं के बीच सप्लाई चेन को स्थिर करने पर ध्यान दिया जा सकता है।
राष्ट्रपति ली जे म्युंग का राजधानी पहुंचने पर भारत सरकार के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने स्वागत किया। यह स्वागत दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों का संकेत माना जा रहा है। राष्ट्रपति ली की यह पहली भारत यात्रा है, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और रक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।
इस दौरे को भारत और दक्षिण कोरिया के बीच ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ को आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा और गति दे सकती है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करेंगे। योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, पिछले साल जी7 और जी20 शिखर सम्मेलनों के दौरान हुई बातचीत के बाद यह उनकी तीसरी आमने-सामने की बैठक होगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वाई सुंग-लैक ने गुरुवार को कहा कि समिट में शिपबिल्डिंग, मैरीटाइम इंडस्ट्री, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिफेंस जैसे क्षेत्र में आर्थिक सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ मिडिल ईस्ट की स्थिति से जुड़ी एनर्जी सप्लाई चेन की अनिश्चितताओं पर कोऑर्डिनेट करने पर फोकस रहने की उम्मीद है।
वह भारत में कोरियाई कंपनियों के ऑपरेशन का समर्थन करने और नए मौके तलाशने के लिए एक बिजनेस फोरम में भी शामिल हो सकते हैं। भारत कोरियाई इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमेकर्स के लिए एक अहम प्रोडक्शन हब और बड़ा कंज्यूमर मार्केट है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग मंगलवार को हनोई (वियतनाम) के सरकारी दौरे पर जाएंगे और बुधवार को वियतनाम के राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल सेक्रेटरी टो लैम के साथ बातचीत करेंगे। इस बातचीत में एनर्जी सप्लाई चेन और जरूरी मिनरल्स पर सहयोग एजेंडा में सबसे ऊपर रहने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति ली पहली बार वियतनाम के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। इस महीने की शुरुआत में टो लैम को वियतनाम का राष्ट्रपति चुना गया। नई सरकार के गठन के बाद किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का ये पहला दौरा होगा।
अगले दिन, ली वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग और नेशनल असेंबली के चेयरमैन ट्रान थान मान से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए एक बिजनेस फोरम में शामिल होंगे।
इस यात्रा के दौरान ली तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के साथ रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने और दक्षिण कोरिया की कूटनीतिक पहुंच को बढ़ाने की कोशिश करेंगे।