राहुल गांधी के सामने झुकी दिल्ली पुलिस, पेलेट गन मामले में एफआईआर दर्ज, धरना दे रहे थे राहुल गांधी
पैलेट गन मामले में दिल्ली पुलिस एफआईआर दर्ज करने को तैयार हो गई है। राहुल गांधी संसद मार्ग थाने में पिछले 5 घंटे से एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए थे। दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी मांग की मांग मान ली है। पुलिस अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रही है।
नई दिल्ली। पैलेट गन मामले में दिल्ली पुलिस एफआईआर दर्ज करने को तैयार हो गई है। राहुल गांधी संसद मार्ग थाने में पिछले 5 घंटे से एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए थे। दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी मांग की मांग मान ली है। पुलिस अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रही है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर दिल्ली के संसद मार्ग थाने के कैंपस में धरना दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उन्होंने शिकायत ले ली है और उन्हें बता दिया है कि क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रहा है।
राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी नुपुर प्रसाद से मुलाकात की। इसके बाद वह बाहर आए, उनके लिए कुर्सी लाई गई और वह वहीं धरने पर बैठ गए।
राहुल गांधी के साथ पैलेट गन से पीड़ित साहिल लाछोब और उनके परिवार वाले भी मौजूद हैं। 24 जुलाई को राहुल गांधी ने लाछोब के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किया था और पैलेट गन के इस्तेमाल की निशानी दिखाई थी।
कांग्रेस का कहना है कि सरकार बताए कि आखिर किसके आदेश पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। अमित शाह जवाब दें। इसी मांग को लेकर संसद में भी हंगामा हुआ। पूरा मानसून सत्र करीब -करीब धुल गया।
राहुल गांधी का कहना है कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी, वो नहीं हटेंगे। राहुल गांधी के धरने को देखते हुए संसद मार्ग को बंद कर दिया गया है। वहां बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुंचे हैं।
राहुल गांधी ने कहा, ''आज साहिल लाछोब के साथ, उनके साथ हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने संसद मार्ग के डीसीपी कार्यालय पहुंचा। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पैलेट गन से हमला किया। छर्रों से बुरी तरह घायल साहिल की एक आँख की रौशनी खतरे में है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ ऐसी बर्बरता कोई कानूनी कार्रवाई नहीं, एक गंभीर अपराध है। इस क्रूरता के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों को कोई सफाई नहीं दी, न प्रधानमंत्री ने उनसे माफ़ी मांगी।''
कांग्रेस नेता ने कहा, ''अब जब साहिल न्याय के लिए एफआईआर दर्ज कराना चाहता है तो वो भी नहीं करने दिया जा रहा। इस तरह संविधान और संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। अमित शाह न्याय से इतना क्यों घबरा रहे हैं? ये डर दिखा रहा है कि आप अपना अपराध कबूल कर रहे हैं। एफआईआर होगी, न्यायिक जांच होगी और ऊपर से नीचे तक जो भी इस बर्बरता के दोषी हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी।
कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहा, 'किसी भी नागरिक के लिए एफआईआर दर्ज करवाना उसका लोकतांत्रिक अधिकार है। वो इतने दिनों से भटक रहा है और उसकी एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है, इसलिए राहुल गांधी उसकी एफआईआर दर्ज करवाने के लिए यहां आए। आपको देखना चाहिए कि लोकतंत्र की कितनी हत्या हो रही है कि एक आम नागरिक के अधिकारों के लिए भी विपक्ष के नेता को एफआईआर दर्ज करवाने आना पड़ रहा है।'