आईवीएफ और एम्ब्रियोलॉजी पर कल से मंथन, आगरा में जुटेंगे देश-विदेश के 800 से अधिक विशेषज्ञ

आगरा में 7 से 9 अगस्त तक आयोजित होने वाली ACE 2026 इंटरनेशनल कांग्रेस में देश-विदेश के 800 से अधिक एम्ब्रियोलॉजिस्ट, आईवीएफ विशेषज्ञ और प्रजनन चिकित्सा से जुड़े चिकित्सक भाग लेंगे। सम्मेलन से पहले 7 अगस्त को प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप्स आयोजित होंगी, जिनमें आधुनिक IVF तकनीकों, एम्ब्रियोलॉजी, माइक्रोमैनिपुलेशन, स्पर्म सेलेक्शन, विट्रिफिकेशन और एआरटी से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे। आयोजन का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा देना है।

Aug 6, 2026 - 22:24
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आईवीएफ और एम्ब्रियोलॉजी पर कल से मंथन, आगरा में जुटेंगे देश-विदेश के 800 से अधिक विशेषज्ञ
कांफ्रेस में भाग लेने के लिए आए विदेशी मेहमान।

7 से 9 अगस्त तक आईटीसी मुगल में होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप्स में आईवीएफ और एम्ब्रियोलॉजी की अत्याधुनिक तकनीकों का मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

आगरा। आगरा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के चिकित्सा सम्मेलन का साक्षी बनने जा रहा है। एकेडमी ऑफ क्लीनिकल एम्ब्रियोलॉजिस्ट, इंडिया (एसीई) द्वारा आयोजित 14वीं "ACE 2026" इंटरनेशनल कांग्रेस का आयोजन 7 से 9 अगस्त 2026 तक आईटीसी मुगल, आगरा में किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों से 800 से अधिक एम्ब्रियोलॉजिस्ट, आईवीएफ विशेषज्ञ, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, प्रजनन चिकित्सा विशेषज्ञ तथा वैज्ञानिक भाग लेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आधुनिक प्रजनन चिकित्सा, इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन और आर्टिफिशियल रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध, तकनीकी नवाचार और चिकित्सकीय चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श करना है, ताकि निःसंतान दंपतियों के उपचार को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

7 अगस्त को होगा प्री-कॉन्फ्रेंस स्किल डे

सम्मेलन की शुरुआत 7 अगस्त को विशेष प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप्स से होगी। आयोजन सचिव डॉ. केशव मल्होत्रा ने बताया कि इस दिन को पूरी तरह प्रैक्टिकल और स्किल-बेस्ड ट्रेनिंग के लिए समर्पित किया गया है। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाली फुल-डे वर्कशॉप्स में प्रतिभागियों को अत्याधुनिक तकनीकों का लाइव प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें प्रमुख विषय होंगे ब्लास्टोसिस्ट एनिग्मा: फ्रॉम मॉर्फोलॉजी टू प्रेडिक्टिव मॉडलिंग, माइक्रोमैनिपुलेशन मास्टरी एंड सीक्रेट्स (लाइव डेमो सहित), विट्रिफिकेशन टेक्निक्स, स्पर्म सेलेक्शन मास्टरक्लास, क्रायो क्राइसिस: ट्रबलशूटिंग इन विट्रिफिकेशन, बायोप्सी वैलिडेशन लैब। इन सत्रों में प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि अत्याधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा।

लैब जैसी परिस्थितियों में मिलेगा प्रशिक्षण

डॉ. केशव मल्होत्रा ने बताया कि कार्यशालाओं को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि प्रतिभागी वास्तविक लैब जैसी परिस्थितियों में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। इससे उनकी तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और वे आईवीएफ व एआरटी प्रक्रियाओं में आने वाली जटिल चुनौतियों का बेहतर समाधान कर सकेंगे।

दोपहर बाद जटिल विषयों पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

प्री-कॉन्फ्रेंस के दूसरे चरण में विशेषज्ञ एम्ब्रियो विजुअलाइजेशन की ऑप्टिक्स, टेस्टिकुलर स्पर्म की खोज, अरेस्टेड एम्ब्रियो डेवलपमेंट, आईवीएफ लैब की गुणवत्ता और सफलता बढ़ाने की आधुनिक तकनीकें विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इन सत्रों में प्रतिभागियों को नवीनतम वैज्ञानिक शोध, केस स्टडी और व्यावहारिक अनुभव साझा किए जाएंगे।

अनुभव और कौशल दोनों पर रहेगा फोकस

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नरेन्द्र मल्होत्रा और डॉ. जयदीप मल्होत्री ने बताया कि ACE 2026 का उद्देश्य केवल वैज्ञानिक व्याख्यान आयोजित करना नहीं है, बल्कि प्रतिभागियों को ऐसा व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है जिससे वे अपने संस्थानों और आईवीएफ लैब में आधुनिक तकनीकों को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान तेजी से बदल रहा है और प्रजनन चिकित्सा में नई तकनीकों का समावेश लगातार हो रहा है। ऐसे में इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन चिकित्सकों, वैज्ञानिकों और एम्ब्रियोलॉजिस्ट के लिए ज्ञान और अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण मंच साबित होते हैं।

वैज्ञानिक शोध और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

एसीई 2026 के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञ आईवीएफ सफलता दर बढ़ाने, भ्रूण विकास, आनुवंशिक परीक्षण, क्रायोप्रिजर्वेशन तथा भविष्य की उभरती तकनीकों पर भी विचार साझा करेंगे। सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों की मौजूदगी से युवा चिकित्सकों और एम्ब्रियोलॉजिस्ट को वैश्विक स्तर की जानकारी और नेटवर्किंग का अवसर मिलेगा।

आगरा को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय पहचान का अवसर

इस प्रतिष्ठित आयोजन से आगरा को मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि एसीई 2026 न केवल वैज्ञानिक चर्चाओं का मंच बनेगा, बल्कि भारत में प्रजनन चिकित्सा और आईवीएफ सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।