बरेली के जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल पहुंचकर किया रक्तदान, समाज को दिया जीवन बचाने का संदेश
-आरके सिंह- बरेली। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सोमवार को जिला चिकित्सालय पहुंचकर स्वैच्छिक रक्तदान किया और समाज के सामने एक प्रेरक उदाहरण पेश किया। रक्तदान के बाद उन्होंने जनपदवासियों, विशेषकर युवाओं से अधिक से अधिक रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकती है। उनके इस कदम की विभिन्न सामाजिक और चिकित्सा संगठनों ने सराहना की।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने रक्तदान के उपरांत कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है। दुर्घटना पीड़ितों, थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों और प्रसूताओं के लिए समय पर उपलब्ध रक्त जीवनरक्षक साबित होता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को वर्ष में तीन से चार बार स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और इससे किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती। शरीर लगभग 48 घंटे में नए रक्त का निर्माण शुरू कर देता है। नियमित रक्तदान स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी माना जाता है तथा इससे मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी सहायता मिल सकती है।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे स्वेच्छा से रक्तदान कर अधिक से अधिक लोगों का जीवन बचाने में सहयोग करें और समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह सहित जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने भी लोगों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी के इस प्रेरणादायी कदम की महापौर डॉ. उमेश गौतम, आईएमए की पूर्व अध्यक्ष डॉ. आर.के. सिंह, डॉ. रवि खन्ना, महा रक्तदानी सरदार इकबाल सिंह वाले तथा ॐ सत्वा ट्रस्ट के सीएमडी संजीव पांडे सहित अनेक लोगों ने सराहना करते हुए उन्हें साधुवाद दिया।
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