सीएम ग्रिड की सड़कों के निर्माण को लेकर मंडलायुक्त सख्त, अफसरों को लगाई फटकार

सीएम ग्रिड योजना के तहत आगरा में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा में मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप ने सख्त तेवर दिखाए। टेढ़ी बगिया-कालिंदी विहार मार्ग पर जलभराव की समस्या के तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए और हादसा होने पर ठेकेदार से हर्जाना वसूलने की चेतावनी दी गई। बसई मंडी-इंदिरापुरम मार्ग पर निर्माण सामग्री के सैंपल फेल होने का मामला सामने आने पर संबंधित अधिकारी से कार्रवाई का हिसाब मांगा गया। मंडलायुक्त ने सभी कार्यस्थलों पर मैनपावर बढ़ाने, गुणवत्ता जांच और लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।

Aug 18, 2026 - 18:14
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सीएम ग्रिड की सड़कों के निर्माण को लेकर मंडलायुक्त सख्त, अफसरों को लगाई फटकार
मंडलायुक्त अधिकारियों के साथ सीएम ग्रिड योजना की समीक्षा करते हुए। साथ में हैं विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह।

मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप बोले-निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, हादसा हुआ तो ठेकेदार से वसूला जाएगा हर्जाना, घटिया निर्माण और जलभराव पर सख्त तेवर, सैंपल फेल होने पर कार्रवाई का मांगा हिसाब

आगरा। शहर में सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे सड़क और भूमिगत विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और निर्माण गुणवत्ता को लेकर मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाया। लघु सभागार में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ कर दिया कि निर्माण कार्यों में लापरवाही, घटिया सामग्री और जलभराव जैसी समस्याओं को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। कार्यस्थलों पर मैनपावर बढ़ाकर काम तेज करने और तय गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने चेतावनी दी कि निर्माण कार्य के दौरान जलभराव से यदि कोई हादसा होता है तो इसके लिए संबंधित ठेकेदार और अनुबंधित फर्म सीधे जिम्मेदार होगी। ऐसे मामलों में उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ नुकसान की भरपाई के लिए हर्जाना भी वसूला जाएगा।

टेढ़ी बगिया-कालिंदी विहार मार्ग पर जलभराव ने बढ़ाई चिंता

बैठक में नगर निगम आगरा द्वारा टेढ़ी बगिया से कालिंदी विहार होते हुए एनएच-19 सर्विस रोड तक कराए जा रहे समेकित विकास कार्य की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस मार्ग पर करीब 22 प्रतिशत भौतिक प्रगति हो चुकी है और यूटिलिटी डक्ट डालने का काम जारी है। बैठक में मौजूद विधायक धर्मपाल सिंह ने बारिश के दौरान इस मार्ग पर हो रहे जलभराव की समस्या को मंडलायुक्त के सामने रखा। इस पर मंडलायुक्त ने जलभराव का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण के दौरान जलभराव के कारण कोई दुर्घटना हुई तो संबंधित ठेकेदार और अनुबंधित फर्म पर कार्रवाई होगी और हर्जाना भी वसूला जाएगा। मैन सीवर और मैन वाटर लाइन डालने के काम में देरी को देखते हुए शासन स्तर पर समन्वय कर किसी दूसरी अनुबंधित फर्म से कार्य कराने के निर्देश भी दिए गए।

बसई मंडी-इंदिरापुरम मार्ग पर सैंपल फेल

बसई मंडी से इंदिरापुरम चौराहा मार्ग तक सड़क के समेकित विकास कार्य की प्रगति करीब 35 प्रतिशत बताई गई। अधिकारियों ने बताया कि इस मार्ग पर सीवर लाइन डाली जा चुकी है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने वाली थर्ड पार्टी एजेंसी ने बैठक में बताया कि सीवर लाइन डालने के दौरान इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री के लैब टेस्ट कराए गए थे। इनमें कुछ सैंपल फेल पाए गए थे, जिसकी रिपोर्ट नगर निगम को उपलब्ध करा दी गई थी। सैंपल फेल होने की जानकारी सामने आते ही मंडलायुक्त ने सीधे सवाल खड़ा किया कि संबंधित अधिकारी ने इस मामले में क्या कार्रवाई की? उन्होंने संबंधित अधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई अथवा कार्रवाई नहीं किए जाने की पूरी रिपोर्ट तलब की। नगर आयुक्त को निर्देश दिए गए कि यदि सैंपल फेल होने के बावजूद संबंधित अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

अमर होटल के पास नाला चौक, जलभराव की होगी जांच

बसई मंडी से अमर होटल तक चल रहे कार्य की समीक्षा के दौरान सीवर लाइन डालने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही निर्माण में गुणवत्ता मानकों से किसी तरह का समझौता नहीं करने को कहा गया। होटल अमर के पास बने नाले के चौक होने से ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या सामने आई। मंडलायुक्त ने सहायक नगर आयुक्त को जांच के निर्देश दिए कि क्या इस वर्ष नाले की सफाई कराई गई थी या नहीं। यदि सफाई नहीं हुई तो इसकी जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए।

रवि अस्पताल-राजामंडी तक सड़क जल्द होगी तैयार

बैठक में हरीपर्वत चौराहा से रवि अस्पताल और दिल्ली गेट से राजामंडी मेट्रो स्टेशन तक सड़क के समेकित विकास कार्य की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि रवि अस्पताल से राजामंडी मेट्रो स्टेशन तक सभी भूमिगत कार्य पूरे हो चुके हैं। आरसीसी सड़क का काम आगामी तीन से चार दिन में पूरा होने की उम्मीद है। वहीं दिल्ली गेट से हरीपर्वत चौराहा तक सीवर लाइन डालने का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन कनेक्शन का काम अभी बाकी है। मंडलायुक्त ने मैनपावर बढ़ाकर शेष काम को समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

सुभाष पार्क-मारुति स्टेट मार्ग पर भी बढ़ेगी रफ्तार

सुभाष पार्क से कोठी मीना बाजार रोड होते हुए मारुति स्टेट चौराहे तक चल रहे समेकित विकास कार्य की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने यहां भी निर्माण कार्य में तेजी लाने और पर्याप्त मैनपावर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में सीएम ग्रिड के तहत चल रहे सभी कार्यों को केवल कागजों पर आगे बढ़ाने के बजाय जमीनी स्तर पर तेजी से पूरा किया जाए।

थर्ड पार्टी जांच होगी, रिपोर्ट पर कार्रवाई भी दिखानी होगी

समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त ने सभी सीएम ग्रिड कार्यस्थलों पर मैनपावर बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की समय-समय पर थर्ड पार्टी से जांच कराई जाए। सिर्फ गुणवत्ता जांच कराना ही पर्याप्त नहीं होगा। जांच में यदि कोई कमी सामने आती है तो नगर निगम ने क्या कार्रवाई की और क्या सुधार कराया गया, इसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। मैन सीवर और मैन वाटर लाइन के कार्यों का तकनीकी मूल्यांकन कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि भविष्य में किसी तरह की तकनीकी समस्या सामने न आए।

अफसरों की भी होगी निगरानी

मंडलायुक्त ने अपर जिलाधिकारी नगर को निर्देश दिए कि वह शहर में सीएम ग्रिड के तहत चल रहे सभी कार्यों का नियमित निरीक्षण करते रहें। कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, जलभराव और निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर रखने को कहा गया। बैठक से साफ संदेश दिया गया कि सीएम ग्रिड के नाम पर सड़क खोदकर काम को लंबा खींचना, घटिया निर्माण करना या बारिश में लोगों को जलभराव और हादसे के खतरे में छोड़ना अब भारी पड़ेगा। निर्माण एजेंसियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।