शादी की ड्रोन फोटोग्राफी से एयरफोर्स की उड़ानों पर खतरा, बरेली में सुरक्षा को लेकर प्रशासन और वायुसेना ने किया मंथन
-आरके सिंह- बरेली। बरेली एयरफोर्स स्टेशन के आसपास शादी और पार्टियों की वीडियोग्राफी के लिए उड़ाए जाने वाले ड्रोन अब वायुसेना के विमानों की उड़ान सुरक्षा के लिए चिंता का कारण बन गए हैं। खासकर नवंबर-दिसंबर में ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए प्रशासन और वायुसेना ने प्रभावी निगरानी और रोकथाम के उपायों पर गहन मंथन किया। इसके साथ ही पक्षियों की बढ़ती गतिविधि, अनधिकृत और मानक से ऊंचे निर्माण, जलभराव, कूड़ा डंपिंग, खुले में मीट की दुकानें, बंदरों-कुत्तों की बढ़ती संख्या और अनधिकृत वेंडरों समेत कई ऐसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जो एयरफोर्स क्षेत्र की सुरक्षा और विमानों की उड़ान के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।
मंडलायुक्त सभागार में मंगलवार को एयरफोर्स के हवाई क्षेत्र में पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वायुसेना के सुरक्षा अधिकारियों ने विमान संचालन के दौरान संभावित खतरों की जानकारी दी और इनके प्रभावी निस्तारण के लिए सुरक्षात्मक उपायों पर चर्चा की गई। प्रशासन ने संबंधित विभागों को एयरफोर्स स्टेशन के आसपास सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
नवंबर-दिसंबर में ड्रोन उड़ाने की बढ़ती समस्या
बैठक में वायुसेना अधिकारियों ने बताया कि एयरफोर्स स्टेशन के आसपास चावड़, भूड़ा, नैनीताल हाईवे और दिल्ली हाईवे के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पक्षियों की गतिविधियां देखी जाती हैं। पक्षियों के विमानों के उड़ान मार्ग में आने से गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसके अलावा नवंबर और दिसंबर में शादी और पार्टियों की वीडियोग्राफी के लिए निजी तौर पर ड्रोन उड़ाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे अनधिकृत ड्रोन विमानों की उड़ान सुरक्षा के लिए संभावित खतरा पैदा कर सकते हैं।
वायुसेना के सुरक्षा प्रतिनिधियों ने बताया कि बर्ड एक्टिविटी, अनधिकृत निर्माण और ड्रोन सहित कई कारणों से वायुयानों की उड़ान प्रभावित होने का जोखिम रहता है। बैठक में इन सभी समस्याओं के समाधान और सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
मानक से ऊंचे निर्माण पर भी रोक के निर्देश
एयरफोर्स स्टेशन के आसपास निर्धारित मानकों के विपरीत ऊंचे भवनों के निर्माण का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। बताया गया कि कई स्थानों पर लोगों ने निर्धारित मानकों से अधिक ऊंचाई के मकान बना लिए हैं। इसे देखते हुए बरेली विकास प्राधिकरण की अनुमति के बिना एयरफोर्स क्षेत्र के आसपास निर्माण कार्य पर रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एयरफोर्स क्षेत्र के निकट बने हाईराइज भवनों की सूची उपलब्ध कराने को भी कहा गया, ताकि निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
चावड़ और करमपुर चौधरी में जलभराव दूर कराने के निर्देश
बैठक में एयरफोर्स क्षेत्र के आसपास जलभराव और जल निकासी की समस्या पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से ग्राम चावड़ में पानी के जमाव और निकासी की समस्या का जल्द समाधान कराने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने चावड़ में आरआरसी सेंटर के लिए उपयुक्त स्थान निर्धारित कर इसकी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।
करमपुर चौधरी में पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था कराने के भी निर्देश दिए गए। एयरफोर्स स्टेशन के आसपास सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने और सफाई कर्मियों के माध्यम से नियमित एवं प्रभावी सफाई सुनिश्चित कराने को कहा गया।
17.50 लाख टन कूड़े का निस्तारण
बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में कुल करीब 21.50 लाख टन कूड़ा था, जिसमें से करीब 17.50 लाख टन कूड़े का निस्तारण किया जा चुका है। शेष कूड़े के निस्तारण का कार्य भी जारी है।
उन्होंने बताया कि सथरापुर में एक नया मैनेजमेंट प्लांट तैयार हो रहा है। इसके शुरू होने के बाद कचरा प्रबंधन की स्थिति में और सुधार आने की उम्मीद है।
बंदरों-कुत्तों की संख्या पर भी चिंता
एयरफोर्स क्षेत्र के आसपास बंदरों और कुत्तों की बढ़ती संख्या का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। प्रशासन ने नगर निगम को इन्हें पकड़ने के लिए एक्शन प्लान तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र में इनसे उत्पन्न होने वाली समस्याओं को नियंत्रित किया जा सके।
इसके अलावा एयरफोर्स क्षेत्र के आसपास पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और अनधिकृत वेंडरों की दुकानें हटाने के भी निर्देश दिए गए।
10 किलोमीटर के दायरे में खुले में मीट बिक्री पर रोक
एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि एयरफोर्स क्षेत्र के 10 किलोमीटर के दायरे में मीट आदि की दुकानें खुले में संचालित न हों। मीट से संबंधित अवशेषों का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि पक्षियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने में मदद मिल सके।
दुर्घटना की स्थिति से निपटने को होगी मॉक ड्रिल
बैठक में किसी संभावित दुर्घटना की स्थिति में प्रशासन और एयरफोर्स की संयुक्त प्रतिक्रिया व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि प्रशासन और एयरफोर्स स्टाफ द्वारा संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रबंधन की व्यवस्था को परखना होगा।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर जिलाधिकारी सिटी अविनाश त्रिपाठी, उपाध्यक्ष बरेली विकास प्राधिकरण सौम्या पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारेख सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
वायुसेना की ओर से एयर कमांडर, एयरफोर्स स्टेशन बरेली सी.यू.वी.आर.ए.ओ., स्टेशन एयरोस्पेस सेफ्टी अधिकारी विंग कमांडर मानिक भल्ला, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ग्रुप कैप्टन कर्मकार, प्रशासनिक सुरक्षा निरीक्षण अधिकारी पूर्वी श्रीवास्तव तथा बरेली एयरपोर्ट के प्रतिनिधि सहित संबंधित अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।