आगरा में तैनात रहे ड्रग इंस्पेक्टर निलंबित, दवा फर्मों की जांच में लापरवाही का आरोप

आगरा में तैनात रहे ड्रग इंस्पेक्टर कपिल शर्मा को मेडिकल एजेंसियों और दवा फर्मों की जांच में कथित लापरवाही के आरोप में शासन ने निलंबित कर दिया है। उन पर प्रभावी जांच और नियमानुसार अभियोजन कार्रवाई नहीं करने तथा सरकारी दायित्वों की अनदेखी के आरोप हैं। मामले की विभागीय अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी गई है और सहायक आयुक्त औषधि आगरा मंडल को जांच अधिकारी बनाया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय लखनऊ स्थित आयुक्त कार्यालय रहेगा।

Aug 8, 2026 - 17:02
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आगरा में तैनात रहे ड्रग इंस्पेक्टर निलंबित, दवा फर्मों की जांच में लापरवाही का आरोप

आगरा। आगरा में तैनात रहे ड्रग इंस्पेक्टर कपिल शर्मा के खिलाफ शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। उन पर आगरा कार्यकाल के दौरान मेडिकल एजेंसियों और दवा फर्मों की जांच में गंभीर लापरवाही बरतने और निर्धारित नियमों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं।

शासन की ओर से की गई कार्रवाई में आरोप है कि कपिल शर्मा ने अपने सरकारी दायित्वों का निर्वहन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया। मेडिकल एजेंसियों और दवा कारोबार से जुड़ी फर्मों की जांच के दौरान जहां प्रभावी निरीक्षण और नियमानुसार कार्रवाई अपेक्षित थी, वहां लापरवाही बरती गई। आरोपों के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आने वाली अनियमितताओं पर नियमों के अनुसार प्रभावी जांच और अभियोजन की कार्रवाई नहीं की गई। इसे शासन ने गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।

गंभीर कदाचार और दायित्वों की अनदेखी

कपिल शर्मा पर गंभीर कदाचार के साथ-साथ सरकारी जिम्मेदारियों की अनदेखी के आरोप लगाए गए हैं। दवा कारोबार की निगरानी और औषधि संबंधी नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करना ड्रग इंस्पेक्टर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में निरीक्षण और कार्रवाई में कथित लापरवाही को विभाग ने गंभीर मामला माना है।

विभागीय जांच शुरू

निलंबन के साथ ही मामले में विभागीय अनुशासनात्मक जांच भी शुरू कर दी गई है। शासन ने सहायक आयुक्त औषधि, आगरा मंडल को मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच के दौरान कपिल शर्मा के कार्यकाल में की गई जांचों, निरीक्षणों और उनके आधार पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की जा सकती है। विभागीय जांच में आरोपों से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। जांच के निष्कर्ष के आधार पर निलंबन के संबंध में आगामी निर्णय लिया जाएगा।

आयुक्त कार्यालय से संबद्ध रहेगा 

निलंबन अवधि के दौरान कपिल शर्मा का मुख्यालय लखनऊ स्थित आयुक्त कार्यालय से संबद्ध रहेगा। निलंबन के दौरान उन्हें निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत विभागीय कार्रवाई का सामना करना होगा। इस कार्रवाई के बाद औषधि विभाग में भी हड़कंप की स्थिति है। खासकर दवा फर्मों और मेडिकल एजेंसियों की जांच प्रक्रिया को लेकर विभागीय स्तर पर निगरानी और जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

दवा कारोबार की निगरानी में लापरवाही पर सख्त संदेश

ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ हुई यह कार्रवाई दवा कारोबार में नियमों के अनुपालन और सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर शासन की सख्ती का संकेत भी मानी जा रही है। अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट होगा कि किन मामलों में जांच या अभियोजन कार्रवाई में लापरवाही बरती गई और इसके लिए जिम्मेदारी किस स्तर तक तय होती है।