क्रिप्टो में मुनाफे का झांसा देकर बुजुर्ग से लाखों की ठगी, मौत के बाद बैंक खातों की जांच में खुला साइबर फ्रॉड

आगरा में सोशल मीडिया के जरिए विदेशी क्रिप्टो मार्केट में निवेश का झांसा देकर एक बुजुर्ग से लाखों रुपये की ठगी की गई। पहले उनसे 9 लाख रुपये निवेश कराए गए, फिर कनवर्जन फीस के नाम पर 3.44 लाख और बैंक से रकम मिलने के नाम पर 3.65 लाख रुपये सिक्योरिटी फीस वसूली गई। बुजुर्ग की मौत के बाद बेटे ने बैंक खातों की जांच की तो साइबर ठगी का खुलासा हुआ। साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

Aug 11, 2026 - 16:15
 0
क्रिप्टो में मुनाफे का झांसा देकर बुजुर्ग से लाखों की ठगी, मौत के बाद बैंक खातों की जांच में खुला साइबर फ्रॉड

आगरा। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग से लाखों रुपये की ठगी कर ली। सोशल मीडिया के जरिए बुजुर्ग को विदेशी क्रिप्टो मार्केट में निवेश का लालच दिया गया। अलग-अलग फीस और सिक्योरिटी के नाम पर उनसे लाखों रुपये की रकम ऐंठ ली गई। बुजुर्ग की मौत के बाद जब उनके बेटे ने बैंक खातों की जांच की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। बताया गया है कि साइबर ठगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से बुजुर्ग से संपर्क किया। उन्हें विदेशी क्रिप्टो मार्केट में निवेश करने पर बेहतर रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया गया। ठगों की बातों में आकर बुजुर्ग ने शुरुआत में करीब नौ लाख रुपये निवेश कर दिए।

इसके बाद ठगों ने रकम निकालने के लिए नए-नए बहाने बनाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने बुजुर्ग से कहा कि निवेश की रकम को खाते में ट्रांसफर करने के लिए कनवर्जन फीस जमा करनी होगी। इस नाम पर उनसे करीब 3.44 लाख रुपये और वसूल लिए गए। ठगों की मांग यहीं नहीं रुकी। इसके बाद बैंक से रकम रिलीज कराने के नाम पर बुजुर्ग से 3.65 लाख रुपये सिक्योरिटी फीस के तौर पर जमा करा लिए गए। इस तरह अलग-अलग मदों में उनसे लाखों रुपये की रकम ठग ली गई।

बुजुर्ग को काफी समय तक उम्मीद रही कि निवेश की रकम और मुनाफा उन्हें वापस मिल जाएगा। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद उनके बेटे ने बैंक खातों और लेनदेन की जानकारी खंगाली तो कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए। जांच करने पर पता चला कि सोशल मीडिया के जरिए संपर्क करने वाले लोगों ने क्रिप्टो निवेश के नाम पर उनके पिता के साथ साइबर ठगी की थी।

मामले की जानकारी होने के बाद पीड़ित परिवार ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस बैंक खातों में हुए लेनदेन, जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई उनकी जानकारी, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। आरोपियों की तलाश के लिए साइबर टीम डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है।