मुंह खोलना भी था मुश्किल, खाना व बोलना हो गया था दूभर, एसएन में जटिल सर्जरी से मरीज को मिली नई जिंदगी

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में TMJ एंकिलोसिस से पीड़ित मरीज की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। बीमारी के कारण मरीज का मुंह बिल्कुल नहीं खुल पा रहा था। ऑपरेशन के बाद अब उसका मुंह सामान्य रूप से खुल रहा है और दांतों की बाइट भी सही हो गई है। मरीज अब आसानी से खाना खा पा रहा है। प्लास्टिक सर्जरी और एनेस्थीसिया विभाग की विशेषज्ञ टीम के समन्वय से यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफल हुआ।

Aug 21, 2026 - 18:23
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मुंह खोलना भी था मुश्किल, खाना व बोलना हो गया था दूभर, एसएन में जटिल सर्जरी से मरीज को मिली नई जिंदगी
सर्जरी करने वाले चिकित्सकों की टीम।

आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज) के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने एक जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। लंबे समय से टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट (टीएमजे) एंकिलोसिस से जूझ रहे एक मरीज का सफल ऑपरेशन किया गया। बीमारी के कारण मरीज का मुंह लगभग पूरी तरह बंद हो गया था और वह सामान्य तरीके से मुंह खोल तक नहीं पा रहा था।

सर्जरी के बाद अब मरीज का मुंह सामान्य रूप से खुल पा रहा है। इसके साथ ही उसके दांतों की बाइट यानी Occlusion भी सही स्थिति में आ गई है। इससे मरीज अब पहले की तुलना में आसानी से भोजन चबा और खा पा रहा है। सफल उपचार के बाद मरीज और उसके परिजनों में खुशी का माहौल है। उन्होंने चिकित्सकों और मेडिकल कॉलेज की पूरी टीम का आभार जताया।

बेहद चुनौतीपूर्ण थी सर्जरी

एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन प्रो. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि टीएमजे एंकिलोसिस के मामलों में सर्जरी बेहद जटिल होती है। इसमें जबड़े के जोड़ की गंभीर समस्या के कारण मरीज के मुंह को खोलना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे मामलों में सर्जरी के दौरान कई चिकित्सकीय पहलुओं का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के बेहतर समन्वय और कुशल तकनीकी प्रयासों के कारण यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज में आधुनिक तकनीक और अनुभवी चिकित्सकों की मदद से जटिल सर्जरी की सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्लास्टिक सर्जरी और एनेस्थीसिया टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस जटिल सर्जरी को प्लास्टिक सर्जरी विभाग की टीम ने अंजाम दिया। सर्जिकल टीम में डॉ. पुनीत भारद्वाज, डॉ. श्री प्रिया पीपी, डॉ. प्रीति भारद्वाज, डॉ. आकाश, डॉ. अभिषेक पंकज और डॉ. अर्पिता शामिल रहे। वहीं, ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया विभाग की टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. अमृता, डॉ. विकास और डॉ. पीयूषा ने जटिल एनेस्थीसिया प्रबंधन संभाला। सर्जिकल और एनेस्थीसिया टीम के बीच बेहतर तालमेल के चलते मरीज की सर्जरी सुरक्षित तरीके से पूरी हो सकी।

मुंह बंद रहने से खाना और बोलना भी था मुश्किल

चिकित्सकों के अनुसार टीएमजे एंकिलोसिस में जबड़े का जोड़ असामान्य रूप से आपस में जुड़ जाता है। इसके कारण मरीज के लिए मुंह खोलना बेहद मुश्किल या कई मामलों में लगभग असंभव हो जाता है। मुंह न खुल पाने के कारण मरीज को भोजन चबाने और खाने में परेशानी होती है। इसके अलावा बोलने और मुंह की साफ-सफाई यानी ओरल हाइजीन बनाए रखना भी कठिन हो जाता है। लंबे समय तक यह समस्या मरीज के दैनिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

ऐसे मामलों में सर्जरी के दौरान जबड़े के प्रभावित जोड़ को ठीक करना और उसकी कार्यक्षमता को बहाल करना काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। यही वजह है कि टीएमजे एंकिलोसिस की सर्जरी को मैक्सिलोफेशियल, प्लास्टिक और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की जटिल प्रक्रियाओं में शामिल किया जाता है।

सफल सर्जरी से मरीज को मिली राहत

ऑपरेशन के बाद मरीज के मुंह की गतिशीलता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब वह मुंह खोल पा रहा है और दांतों की बाइट भी सही हो गई है। इससे उसके लिए खाना-पीना और दैनिक गतिविधियां आसान हो गई हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज में इस तरह की जटिल सर्जरी की सफलता संस्थान में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को दर्शाती है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार भविष्य में भी मरीजों को जटिल प्लास्टिक, मैक्सिलोफेशियल और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।