चीनी मांझे की बिक्री पर बरेली में पहली एफआईआर दर्ज, गन्ना राज्यमंत्री के भतीजे की गर्दन कटने के मामले में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज
-आरके सिंह- बरेली। प्रतिबंधित चीनी मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार के 15 वर्षीय भतीजे आदित्य वीर गंगवार की गर्दन गंभीर रूप से कटने के मामले में पुलिस ने पहली बार हत्या के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने माना है कि प्रतिबंधित चीनी मांझा किसी की भी जान ले सकता है। मामले में अज्ञात विक्रेता, उपयोगकर्ता और जिम्मेदार लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है, जबकि दो दिनों से शहरभर में छापेमारी अभियान भी चलाया जा रहा है।
बारादरी थाना पुलिस ने चीनी मांझे से हुई गंभीर घटना के बाद पहली बार हत्या के प्रयास के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। उप निरीक्षक अखिलेश उपाध्याय की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत अज्ञात व्यक्ति, प्रतिबंधित मांझे के विक्रेता और उपयोगकर्ता के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया गया है।
सुबह रनिंग के दौरान हुआ हादसा
एफआईआर के अनुसार, 15 जून की सुबह करीब सात बजे गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार के 15 वर्षीय भतीजे आदित्य वीर गंगवार, निवासी बीडीए कॉलोनी, त्रिवटीनाथ मंदिर के पास, गांधी उद्यान में दौड़ लगाने जा रहे थे। श्यामगंज फ्लाईओवर से उतरते समय सड़क पर फैले प्रतिबंधित चीनी मांझे की चपेट में आने से उनकी गर्दन, होंठ और कान तेज धारदार हथियार की तरह कट गए। गर्दन के पिछले हिस्से और निचले भाग पर गंभीर चोटें आईं, जिन्हें पुलिस ने जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली माना है।
खून से लाल हो गया अस्पताल का फर्श
घटना के तुरंत बाद गंभीर रूप से घायल आदित्य वीर को विकास भवन के सामने स्थित ईशान हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचते ही अधिक रक्तस्राव के कारण फर्श खून से लाल हो गया। चिकित्सक डॉ. कौशल कुमार ने तत्काल इलाज शुरू किया और परिजनों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार अस्पताल पहुंचे और घायल भतीजे का हालचाल जाना।
प्रतिबंध के बावजूद कैसे बिक रहा चीनी मांझा?
राज्यमंत्री संजय गंगवार ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी मांझे पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, तब भी इसका खुलेआम इस्तेमाल कैसे हो रहा है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस बोली- जानलेवा है चीनी मांझा
पुलिस का कहना है कि प्रतिबंधित चीनी मांझा बेहद खतरनाक है और इसके कारण किसी भी व्यक्ति की जान जा सकती है। इसी आधार पर इस मामले को साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि मानव जीवन को संकट में डालने वाला गंभीर अपराध मानते हुए हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है।
दो दिन से छापेमारी, पहली एफआईआर दर्ज
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि चीनी मांझे से हुई घटना के संबंध में बरेली में यह पहली एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। पिछले दो दिनों से विभिन्न क्षेत्रों में लगातार छापेमारी की जा रही है। हालांकि अभी तक प्रतिबंधित चीनी मांझा बरामद नहीं हो सका है।
उन्होंने बताया कि पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि प्रतिबंध के बावजूद चीनी मांझे की बिक्री और उपयोग कहां से हो रहा है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।