24 साल बाद लौटी दोस्ती की धड़कन: होली पब्लिक स्कूल में 2002 बैच का भावनाओं से भरा मिलन, यादों ने थाम ली वक्त की रफ्तार
आगरा। वक्त भले ही अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता रहा हो, लेकिन होली पब्लिक स्कूल, सिकंदरा में 2002 बैच के पूर्व छात्रों ने यह साबित कर दिया कि सच्ची दोस्ती और स्कूल की यादें कभी पुरानी नहीं होतीं। 24 वर्षों बाद जब एक ही छत के नीचे साथी जुटे, तो यह सिर्फ एक औपचारिक मिलन नहीं, बल्कि भावनाओं, यादों और अपनत्व का जीवंत उत्सव बन गया। इस प्री एलुमनाई मिलन समारोह ने बीते दौर को जैसे फिर से सांसें दे दीं, जहां हर चेहरा किसी कहानी, हर मुस्कान किसी याद और हर आलिंगन किसी अधूरी बात को पूरा करता नजर आया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और केक कटिंग के साथ हुआ, जिसमें स्कूल के निदेशक संजय तोमर और पूर्व शिक्षकों की मौजूदगी ने माहौल को और भी गरिमामय बना दिया। महाराष्ट्र, कर्नाटक, एनसीआर और आगरा सहित देश के विभिन्न हिस्सों से 80 से अधिक पूर्व छात्र इस अवसर पर पहुंचे। जैसे ही पुराने साथी आमने-सामने आए, औपचारिकताएं टूट गईं और गले मिलते ही सालों पुरानी दोस्ती फिर से जवान हो उठी। क्लासरूम की शरारतें, खेल के मैदान की जीत-हार और वार्षिक उत्सव की यादें जैसे पल भर में जीवंत हो गईं।
कार्यक्रम का सबसे भावुक पड़ाव रहा ‘मेमोरी लेन’ सेगमेंट, जहां हर किसी ने अपने स्कूल के दिनों की झलकियां साझा कीं। किसी ने पहली बेंच की पढ़ाई के किस्से सुनाए तो किसी ने आखिरी बेंच की मस्ती को याद कर ठहाके लगाए। कई पूर्व छात्र अपने पुराने रिपोर्ट कार्ड, ग्रुप फोटो और स्कूल डायरी साथ लाए, जिन्हें देखकर पूरा माहौल यादों के रंग में डूब गया। यह सिर्फ किस्सों का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि समय के उस दौर से फिर जुड़ने की एक सजीव कोशिश थी।
गुरु वंदन की परंपरा निभाते हुए स्कूल के निदेशक संजय तोमर के साथ पूर्व शिक्षकों- अनुराधा, नसरीन, रितु बिंद्रा, हर्षा, मयंक, संजय, हरीश, गरिमा और अरुण का सम्मान किया गया। पूर्व छात्रों ने भावुक होकर कहा कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, उसकी नींव इन्हीं शिक्षकों द्वारा दिए गए संस्कार, अनुशासन और शिक्षा में निहित है। शिक्षकों ने भी अपने विद्यार्थियों को इस ऊंचाई पर देखकर गर्व व्यक्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह के दौरान रील और वीडियो प्रस्तुति के जरिए स्कूल के सुनहरे पलों वार्षिक समारोह, खेल प्रतियोगिताएं, पिकनिक और विदाई समारोह की झलकियां दिखाई गईं। जैसे-जैसे ये दृश्य स्क्रीन पर चलते गए, कई आंखें नम हो गईं और हॉल तालियों और भावनाओं से गूंज उठा।
कार्यक्रम की संयोजक और राइफल शूटिंग की विश्व विजेता हिना विज ने बताया कि वर्ष 2027 में इस बैच के 25 वर्ष पूरे होंगे। इसी सिल्वर जुबली को ध्यान में रखते हुए 24 वर्ष पूरे होने के इस विशेष पड़ाव पर प्री एलुमनाई मीट आयोजित की गई, ताकि सभी साथी एक बार फिर जुड़ सकें और आगामी भव्य समारोह की रूपरेखा तैयार कर सकें।
माहौल को और जीवंत बनाने के लिए म्यूजिकल गेम्स, क्विज़ और ग्रुप एक्टिविटीज़ का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पुराने गीतों की धुन पर थिरकते कदम और साझा हंसी ने इस मिलन को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम की व्यवस्थाएं संयोजक सुमित तलवार, राहुल सिंघल, सौरभ लश्करी, सौरभ गोयल और प्रवीण राजपूत ने संभाली, जिनकी मेहनत से यह आयोजन सफल और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।