नीतियों से लेकर नियुक्तियों तक बड़े फैसले!: रोहिलखंड विवि कार्य परिषद की बैठक में एआई पॉलिसी पास, एम.टेक फीस घटी, वेतन बढ़ा

-रमेश कुमार सिंह- बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय में आयोजित कार्य परिषद (एक्जीक्यूटिव काउंसिल) की बैठक में नीतिगत और प्रशासनिक स्तर पर कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी। कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जहां एक ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी 2026 को मंजूरी दी गई, वहीं छात्रों और शिक्षकों से जुड़े अहम निर्णयों ने विश्वविद्यालय की दिशा और दशा दोनों तय कर दी।

Mar 25, 2026 - 23:00
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नीतियों से लेकर नियुक्तियों तक बड़े फैसले!: रोहिलखंड विवि कार्य परिषद की बैठक में एआई पॉलिसी पास, एम.टेक फीस घटी, वेतन बढ़ा
महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय कार्य परिषद की बुधवार को हुई बैठक में मौजूद कुलपति प्रो. केपी सिंह और अन्य अधिकारी व सदस्य।

कुलपति की अध्यक्षता में बैठक, नए सदस्यों का स्वागत

कुलपति कार्यालय स्थित समिति कक्ष में आयोजित बैठक की शुरुआत नवनियुक्त सदस्यों घनश्याम खंडेलवाल, प्रोफेसर अजीत सिंह नैन, प्रोफेसर रजनी रंजन सिंह, प्रोफेसर अंजू अग्रवाल, प्रोफेसर हरिकेश सिंह, प्रोफेसर दुष्यंत कुमार एवं प्रोफेसर अनुपम मेहरोत्रा के स्वागत के साथ हुई।

शोक प्रस्ताव, पूर्व निर्णयों पर मुहर

बैठक में स्वर्गीय प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल (विधायक) के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया। इसके बाद 6 नवंबर 2025 को दीक्षांत समारोह के दृष्टिगत हुई विशेष कार्य परिषद बैठक में लिए गए निर्णयों को सदन के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से अनुमोदित कर दिया गया।

बड़े फैसले: प्रशासन से शिक्षा तक असर

विभागीय पदोन्नति को हरी झंडी- विश्वविद्यालय के 10 गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की विभागीय पदोन्नति के साथ ही दो शिक्षकों एवं सहायक पुस्तकालय अध्यक्ष को करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रोन्नति देने के निर्णय को मंजूरी दी गई।

एआई पॉलिसी 2026 पर मुहर- विश्वविद्यालय को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र बनाने के उद्देश्य से ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी 2026’ को सदन ने स्वीकृति प्रदान की।
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय में अटल सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पहले से संचालित है।

दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा की शुरुआत- यूजीसी कैटेगरी-1 का दर्जा मिलने के बाद विश्वविद्यालय ने सेंटर ऑफ डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन शुरू करने का निर्णय लिया।
इसके तहत संचालित होने वाले पाठ्यक्रमों के फीस स्ट्रक्चर की जानकारी भी सदन को दी गई।

एम.टेक फीस में राहत- छात्र हित में बड़ा फैसला लेते हुए एम.टेक की वार्षिक फीस ₹1,00,000 से घटाकर ₹80,000 कर दी गई। इस निर्णय से तकनीकी शिक्षा के इच्छुक छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।

शिक्षकों के वेतन में 5% बढ़ोतरी- संगठक कॉलेजों के शिक्षकों के वेतन में 5 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसे सदन ने सहर्ष स्वीकृति दी।

शोध उपाधि और नए नियम लागू- विभिन्न विषयों में सफल मौखिक परीक्षा के आधार पर 13 शोधार्थियों को शोध उपाधि प्रदान किए जाने की जानकारी सदन को दी गई।
साथ ही यूजीसी के नए नोटिफिकेशन के अनुसार शोध प्रबंध जमा करने के नियमों को भी मंजूरी दी गई।

बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में महामहिम कुलाधिपति के नॉमिनी प्रोफेसर अजीत सिंह नैन, कुलसचिव श्री हरीश चंद, वित्त अधिकारी श्री विनोद कुमार, प्रोफेसर विजय बहादुर सिंह यादव, प्रोफेसर अंजू अग्रवाल, प्रोफेसर उपेंद्र कुमार, प्रोफेसर विनय कुमार, प्रोफेसर विनय ऋषिवाल, प्रोफेसर दुष्यंत कुमार, प्रोफेसर हरिकेश सिंह, प्रोफेसर अनुपमा मेहरोत्रा, डॉ. संजीव कुमार सक्सेना, डॉ. रामकेवल, डॉ. विमल कुमार, डॉ. सौरभ वर्मा एवं डॉ. आशीष जैन सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

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SP_Singh AURGURU Editor