हाथरस का बड़ा राजनीतिक परिवार बदल सकता है, आगरा से अलीगढ़ तक बदलेंगे चुनावी समीकरण
विधानसभा चुनाव से पहले आगरा, हाथरस और अलीगढ़ मंडल की राजनीति में संभावित बड़े दल-बदल की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक हाथरस का एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार समाजवादी पार्टी में शामिल होने की तैयारी कर रहा है। चर्चा है कि परिवार के तीन सदस्य आगरा, हाथरस और अलीगढ़ की अलग-अलग विधानसभा सीटों से सपा टिकट की दावेदारी कर सकते हैं। सादाबाद सीट को लेकर सबसे ज्यादा राजनीतिक हलचल बताई जा रही है। हालांकि परिवार और पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी में सियासी हलचल तेज, टिकट को लेकर अंदरखाने शुरू हुई जोड़-तोड़, एक ही परिवार के तीन चेहरों को तीन सीटों से उतारने की तैयारी की अटकलें
आगरा। विधानसभा चुनाव का समय जैसे-जैसे करीब आ रहा है, उत्तर प्रदेश की सियासत में दल-बदल और टिकट की दावेदारी का खेल भी तेज होता जा रहा है। आगरा और अलीगढ़ मंडल में भी आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक उलटफेर के संकेत मिलने लगे हैं। सियासी गलियारों में इन दिनों हाथरस के एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों के मुताबिक, यह परिवार समाजवादी पार्टी का दामन थामने की तैयारी में है और इसके साथ ही परिवार के तीन अलग-अलग सदस्यों को तीन विधानसभा सीटों से चुनाव मैदान में उतारने की रणनीति पर भी मंथन चल रहा है।
हालांकि अभी तक न तो परिवार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा हुई है और न ही समाजवादी पार्टी ने इस संभावित राजनीतिक कदम को लेकर सार्वजनिक तौर पर कोई संकेत दिया है। बावजूद इसके, अंदरखाने चल रही कथित राजनीतिक कवायद ने आगरा से लेकर हाथरस और अलीगढ़ तक सियासी चर्चाओं को तेज कर दिया है।
एक परिवार, तीन सीटें और ‘साइकिल’ पर सियासी सफर की तैयारी?
सूत्रों के अनुसार, जिस राजनीतिक परिवार को लेकर चर्चाएं चल रही हैं, उसका प्रभाव आगरा मंडल की राजनीति में लंबे समय से रहा है। परिवार के सदस्य विधायक से लेकर सांसद तक की भूमिका निभा चुके हैं। यही वजह है कि अगर यह परिवार वास्तव में समाजवादी पार्टी में शामिल होता है, तो इसे महज एक सामान्य दल-बदल के तौर पर नहीं देखा जाएगा। चर्चा यह भी है कि परिवार की ओर से आगरा, हाथरस और अलीगढ़ की तीन अलग-अलग विधानसभा सीटों पर दावेदारी की जा सकती है। यानी एक ही राजनीतिक घराने के तीन चेहरों के लिए तीन टिकट की मांग, यह अपने आप में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा संदेश माना जा रहा है।
सादाबाद पर सबसे ज्यादा नजर, लखनऊ तक पहुंची साइकिल की चर्चा
इस पूरे सियासी घटनाक्रम में सादाबाद विधानसभा सीट सबसे ज्यादा चर्चा में है। सूत्रों का दावा है कि परिवार के एक प्रमुख चेहरे के सादाबाद से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की संभावना को लेकर अंदरखाने बातचीत चल रही है। सियासी चर्चाओं में इसे इस तरह भी देखा जा रहा है कि यदि परिवार का यह चेहरा ‘साइकिल’ पर सवार होकर लखनऊ की राजनीतिक राह पकड़ता है, तो इसका सीधा असर हाथरस जिले के साथ-साथ आसपास की सीटों पर भी पड़ सकता है। सादाबाद की राजनीति में पहले से ही विभिन्न दलों के बीच मजबूत राजनीतिक मुकाबला रहा है। ऐसे में किसी प्रभावशाली राजनीतिक परिवार का अचानक पाला बदलना चुनावी समीकरणों को नए सिरे से प्रभावित कर सकता है।
आगरा और अलीगढ़ की सीटें भी रणनीति का हिस्सा?
चर्चा केवल हाथरस तक सीमित नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, परिवार की राजनीतिक रणनीति में आगरा और अलीगढ़ की एक-एक सीट भी शामिल हो सकती है। यदि तीनों सीटों पर परिवार के अलग-अलग सदस्य दावेदारी पेश करते हैं, तो समाजवादी पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर भी यह बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम बन सकता है। आगरा मंडल में इस परिवार की पुरानी राजनीतिक पकड़ और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए पार्टी नेतृत्व भी संभावित फायदे-नुकसान का आकलन कर सकता है। वहीं अलीगढ़ में भी किसी प्रभावशाली राजनीतिक घराने की एंट्री विपक्षी दलों के लिए नए समीकरण खड़े कर सकती है।
टिकट की राजनीति ने बढ़ाई बेचैनी
विधानसभा चुनाव से पहले टिकट की तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है। ऐसे में अलग-अलग दलों में टिकट के संभावित दावेदार अपने राजनीतिक विकल्प तलाश रहे हैं। यही वजह है कि दल-बदल की अटकलें भी तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि संबंधित परिवार अपनी मौजूदा राजनीतिक पहचान को बनाए रखता है या फिर समाजवादी पार्टी के साथ नया सियासी सफर शुरू करता है। अगर पार्टी परिवर्तन के साथ तीन सीटों पर टिकट की दावेदारी भी सामने आती है, तो यह केवल परिवार के राजनीतिक भविष्य का फैसला नहीं होगा, बल्कि संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे दावेदारों की रणनीति भी बदल सकती है।
नाम पर अभी पर्दा, लेकिन सियासी गलियारों में चर्चा तेज
सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि फिलहाल उस राजनीतिक परिवार और संभावित तीन चेहरों के नाम को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई खुलासा नहीं हुआ है। राजनीतिक गलियारों में नामों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जरूर चल रही हैं, लेकिन तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। इतना जरूर है कि सादाबाद से लखनऊ तक समाजवादी पार्टी की ‘साइकिल’ को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अगर यह कवायद वास्तव में जमीन पर उतरती है, तो इसका असर हाथरस की राजनीति से आगे बढ़कर आगरा और अलीगढ़ मंडल के चुनावी समीकरणों तक दिखाई दे सकता है।
अब बड़ा सवाल यही है कि कौन है वह राजनीतिक घराना, जिसके तीन चेहरों की नजर तीन सीटों पर है? क्या सादाबाद से शुरू होने वाली यह सियासी सवारी आगरा और अलीगढ़ तक पहुंचेगी? फिलहाल नाम पर पर्दा है, लेकिन सियासी अटकलों का बाजार गर्म है। आने वाले दिनों में इस राजनीतिक पहेली से पर्दा उठने के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।