ईरान के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र में इजरायल को कहा,  हत्यारा,  अमेरिका पर भी साधा निशाना,  बोले-  हम आतंकवादी नहीं

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने के दौरान अमेरिका और इजरायल पर जमकर निशाना साधा। पेजेश्कियन ने कहा कि अमेरिका ने निर्दोष लोगों पर हमले किए। इजरायल ने आतंकवादी कृत्य किए हैं। उन्होंने मीनाब में स्कूल पर हुए हमले की तस्वीर भी दिखाई।

Sep 23, 2026 - 20:15
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ईरान के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र में इजरायल को कहा,  हत्यारा,  अमेरिका पर भी साधा निशाना,  बोले-  हम आतंकवादी नहीं

न्यूयॉर्क। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अमेरिका और इजरायल के हमलों, अपने देश के हालात, गाजा संघर्ष पर विस्तार से बात रखी। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आतंकवादी वाले बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि ईरान आतंकवादी नहीं, बल्कि आतंकवाद का पीड़ित है। हमारे शीर्ष नेता को मार दिया गया। बच्चों के स्कूल पर बम गिराया गया। निर्दोष लोगों की हत्याएं की गई। इजरायल ने मेरे शपथग्रहण के दिन ईरान पर हमला कर हमास के नेता इस्माइल हानिया की हत्या कर दी। वह आतंकवाद फैला रहा है।

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय कानून अमेरिका और इजरायल को रोक नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी उनकी आलोचना कहता है, वो उस पर आतंकवादी होने का ठप्पा लगा देते हैं। ईरान ने पिछले 200 वर्षों में किसी भी देश पर हमला नहीं किया है। लेकिन हमारे ऊपर लगातार हमले हो रहे हैं। ऐसे में ईरान अपनी रक्षा करने को बाध्य है। हम अपने लोगों की हर कीमत पर रक्षा करेंगे। ईरान में लोग हर रात अपने देश के समर्थन में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन, इजरायल और अमेरिका के समर्थक हिंसा फैला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि खुद की रक्षा के लिए ईरान को मजबूत होना पड़ेगा। हमें अपनी रक्षा को इतना मजबूत करना होगा, कि कोई भी हमले की हिमाकत न कर सके। अपने देश की रक्षा के लिए हमे किसी देश की मंजूरी की जरूरत नहीं है। उन्होंने हमारे शांतिपूर्ण कार्यों के लिए बने परमाणु संयंत्रों पर हमले किए। हमारे फूड सिक्योरिटी को नुकसान पहुंचाया। हम अपना सिर कभी नहीं झुकाएंगे। हम साफ करते हैं कि कोई परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे। शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए परमाणु तकनीक पर आगे बढ़ेंगे। ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि हम अपने पड़ोसियों को सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में नहीं देखते हैं।

पेजेश्कियन ने ईरान के इस दावे को फिर से दोहराया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ईरान को शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक का "जन्मसिद्ध" अधिकार है। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, "हम अपना सिर नहीं झुकाएंगे और उस अधिकार को नहीं छोड़ेंगे जो स्वाभाविक रूप से हमारा है।" उन्होंने आगे कहा, "हम साफ तौर पर कहते हैं: कोई परमाणु हथियार नहीं और शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक पर कोई पाबंदी नहीं।"

उन्होंने कहा, "हम अपनी सुरक्षा दूसरों की असुरक्षा में नहीं ढूंढते।" उन्होंने कहा, "ईरान की सुरक्षा के लिए हमारे डिफेंस सिस्टम इस तरह बनाए गए हैं कि कोई यह न सोच सके कि ईरानी शहरों पर बमबारी का कोई जवाब नहीं दिया जाएगा।" उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत बचाव के लिए है, "लेकिन हम साफ तौर पर कहते हैं: अपने देश की रक्षा के लिए हम किसी की इजाज़त या मंजूरी नहीं लेते।"

ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों का सामना करने के बाद उनके देश ने "पूरी ताकत" से अपना बचाव किया। अमेरिका और इज़राइल के पास आधुनिक तकनीक और उन्नत हथियार हैं। पेजेश्कियन ने कहा, "हमारे देश पर हुए कायरतापूर्ण हमलों और आक्रामकता का शिकार हमारे निर्दोष लोग बने, और हमने पूरी ताकत से अपना बचाव किया।" पेजेश्कियन का कहना है कि ईरान ने अमेरिकी हमलों का जवाब तो दिया, लेकिन साथ ही कहा कि "हमने आम नागरिकों की आबादी को निशाना नहीं बनाया।" उन्होंने कहा, "वे आस-पास के इलाकों में आए और हमारे विश्वविद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों, अस्पतालों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया - यह सब अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।"

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमलों की शुरुआत की थी। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों सहित दर्जनों वरिष्ठ नेता और अधिकारी मारे गए थे। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को तबाह किया है। इन हमलों के कारण ईरान व्यापक तबाही का सामना कर रहा है। अमेरिका अब भी ईरान की नौसैनिक घेराबंदी किए हुए है।