जैन समाज ने देश की प्रगति और सुरक्षा में निभाई निर्णायक भूमिका: ‘वंडरफुल जैनिज्म-5’ में मुनिश्री ने युवाओं को बताए राष्ट्रनिर्माण के आयाम
आगरा। स्वतंत्रता दिवस पर निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला में आयोजित ‘वंडरफुल जैनिज्म-5’ के विशेष सत्र में जैन समाज के राष्ट्रनिर्माण से लेकर उद्योग, विज्ञान और राष्ट्रीय सुरक्षा तक के योगदान को सामने रखा गया। श्रमण मुनिश्री 108 समत्व सागर महाराज ने युवाओं को देश के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि 2047 के विकसित भारत की तस्वीर गढ़ने में नई पीढ़ी की भूमिका निर्णायक होगी। मुनिश्री 108 शील सागर महाराज और मुनिश्री 108 सुप्रभात सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में हुए इस सत्र में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए और उन्होंने ‘प्राउड टू बी अ जैन’ का उद्घोष किया।
2047 के विकसित भारत में युवाओं की भूमिका
मुनिश्री 108 समत्व सागर महाराज ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सहकारी संघवाद, लॉजिस्टिक्स सुधार और आधुनिक नीतियों के माध्यम से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। संविधान की बुनियाद रखने वाले राष्ट्रनायकों से लेकर वर्तमान नीति-निर्माताओं तक विकास की यात्रा एक निरंतर धारा है, जिसे आने वाली पीढ़ी को आगे बढ़ाना है।
विश्व स्तर पर जैन समाज का योगदान
सत्र में वर्ल्ड बैंक में आकिंचन जैन, विश्व स्वास्थ्य संगठन में वैज्ञानिक डॉ. सौरभ जैन और ग्लोबल स्टूडेंट नेटवर्क में कार्यरत डॉ. तनुश्री जैन सहित विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले जैन समाज के लोगों का उल्लेख किया गया।
औद्योगिक विकास में हीराचंद वालचंद दोषी, वालचंद हीराचंद और सेठ हुकुमचंद जैसे उद्यमियों के योगदान की चर्चा की गई। विमानन, जहाजरानी, ऑटोमोबाइल, कपड़ा और हीरा कारोबार के क्षेत्र में जैन समाज की उपलब्धियों को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया।
राष्ट्रीय सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम में जैन समाज के राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान को भी रेखांकित किया गया। 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी पराग जैन के रॉ और एविएशन रिसर्च सेंटर में महत्वपूर्ण दायित्वों का उल्लेख करते हुए ऑपरेशन सिंदूर और सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े उनके योगदान की चर्चा की गई।
थल सेना में लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, आगरा में तैनात डॉ. एवं लेफ्टिनेंट कर्नल रोहित जैन और अरिहंत जैन की सेवाओं का उल्लेख हुआ। नौसेना के वाइस एडमिरल अतुल कुमार जैन के ईस्टर्न फ्लीट और फ्रंटलाइन डिस्ट्रॉयर की कमान तथा गनरी-मिसाइल युद्धकौशल में योगदान की जानकारी दी गई।
वायुसेना में एयर मार्शल सिम्हाकुटी वर्धमान, एयर मार्शल संजीव जैन और ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान की सेवाओं का उल्लेख किया गया। अभिनंदन वर्धमान को 2019 के हवाई संघर्ष में कार्रवाई के लिए वीर चक्र से सम्मानित किए जाने की जानकारी भी दी गई।
शांति, अहिंसा के साथ राष्ट्रसेवा का संदेश
वक्ताओं ने कहा कि जैन दर्शन शांति, अहिंसा और करुणा का संदेश देता है, लेकिन राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी से भी विमुख नहीं करता। शिक्षा, आत्म-विकास, सामाजिक सेवा, उद्यमिता और राष्ट्रहित में सक्रिय योगदान को युवाओं के जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया।
पाद प्रक्षालन और बड़ी संख्या में समाजजन शामिल
मुनिश्री का पाद प्रक्षालन सतीश जैन और मयंक जैन साहूला परिवार ने किया। कार्यक्रम का संचालन सतेंद्र जैन साहूला ने किया।
इस अवसर पर श्रुत मंथन वर्षायोग समिति के मनोज जैन, रमेश जैन, प्रवीन जैन (पद्मावती), आनंद जैन, शैलेश जैन (लाला जी), मुकेश जैन, आशीष जैन, विवेक जैन, चक्रेश जैन, सतेंद्र जैन (साहूला), आशीष जैन (बाबा), सचिन जैन (तार), आशु (वीके), रोहित जैन, नितिन, सनी, अनिकेत, दीपक जैन तथा मीडिया प्रभारी राहुल जैन सहित समस्त मंडल और सकल जैन समाज के लोग मौजूद रहे।