जैन बेटियों को मिली सफलता और सुरक्षा की सीख, ‘स्मार्ट गर्ल’ वर्कशॉप में मुनि समत्व सागर ने समझाया जीवन बदलने का सूत्र
आगरा। छीपीटोला स्थित निर्मल सेवा सदन में शनिवार को भारतीय जैन संघटना (बीजेएस) की ओर से श्रुत मंथन वर्षायोग समिति, छीपीटोला के सहयोग से जैन समाज की बेटियों के लिए निःशुल्क ‘स्मार्ट गर्ल’ वर्कशॉप का आयोजन किया गया। श्रमण मुनिश्री 108 समत्व सागर महाराज, श्रमण मुनि श्री 108 शील सागर महाराज और श्रमण मुनिश्री 108 सुप्रभात सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में बेटियों को जीवन में सफलता, आत्मविश्वास, सुरक्षा और सही दिशा चुनने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पदाधिकारियों ने आचार्य विराग सागर जी महाराज के चित्र का अनावरण और मुनिश्री का पाद प्रक्षालन कर किया। वर्कशॉप में जैन समाज की बालिकाओं ने उत्साह के साथ सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों को बदलते समय की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना और उन्हें अपने जीवन के फैसले आत्मविश्वास के साथ लेने के लिए सक्षम बनाना रहा।
गलतियों से सीखकर ही बदली जा सकती है जीवन की दिशा
मुनिश्री 108 समत्व सागर महाराज ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में होने वाली प्रत्येक घटना के पीछे कोई न कोई कारण होता है। यदि किसी कार्य का परिणाम मन के अनुरूप नहीं आता तो केवल परेशान होने के बजाय उसके कारण की तलाश करनी चाहिए। उन्होंने बालिकाओं से अपने जीवन को पीछे मुड़कर देखने और अपनी गलतियों को पहचानने की सीख दी।
उन्होंने कहा कि परीक्षा में अपेक्षित अंक नहीं आने या किसी काम के मन मुताबिक नहीं होने पर निराश होने के बजाय यह विचार करना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ। यदि सही कारण खोज लिया जाए तो जीवन की दिशा को बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी गलतियों से सीखते हैं, वे आगे बढ़ने का रास्ता तलाश लेते हैं।
मुनि श्री ने बालिकाओं से संवाद करते हुए रोजमर्रा के जीवन से जुड़े उदाहरण भी दिए। उन्होंने पूछा कि कितने लोग समय पर नहीं उठ पाने से परेशान हैं और कितने ऐसे हैं जो माता-पिता से अच्छा बोलना चाहते हैं, लेकिन कभी-कभी गुस्से या झुंझलाहट में ऐसे शब्द बोल जाते हैं, जिनका बाद में पछतावा होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में बदलाव के लिए सबसे पहले स्वयं की आदतों और व्यवहार को समझना जरूरी है।
बेटियों को सफलता के साथ सुरक्षा की भी जरूरत
दिल्ली से आईं विशेष ट्रेनर श्रीमती प्रिया जैन और ट्रेनर अंजना जैन ने वर्कशॉप के उद्देश्य और उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में बेटियों को केवल उड़ान भरने के लिए पंखों की जरूरत नहीं है, बल्कि जमीन से जुड़े रहने के लिए मजबूती भी आवश्यक है। ‘स्मार्ट गर्ल’ कार्यक्रम बेटियों को जीवन में सफल और सुरक्षित बनने के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं के माध्यम से बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, परिस्थितियों को समझने और जीवन की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना करने की क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जाता है।
बीजेएस और श्रुत मंथन समिति के पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में भारतीय जैन संघटना उत्तर प्रदेश के राज्य महामंत्री सुरेंद्र कुमार जैन, राज्य चेयरमैन एवं कार्यक्रम संयोजक अंकेश जैन, जिला अध्यक्ष शैलेंद्र जैन, ऑफिस कोऑर्डिनेटर कुमार मंगलम, राजीव जैन, दीपक जैन सहित BJS के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
श्रुत मंथन वर्षायोग समिति की ओर से मनोज जैन, रमेश जैन, प्रवीन जैन (पद्मावती), आनंद जैन, शैलेश जैन (लाला जी), मुकेश जैन, रमेश जैन, आशीष जैन, विवेक जैन, चक्रेश जैन, सतेंद्र जैन (साहुल), आशीष जैन (बाबा), राजीव जैन, सचिन जैन (तार), आशु (वी.के), रोहित जैन, नितिन, सनी, अनिकेत तथा मीडिया प्रभारी राहुल जैन मौजूद रहे। कार्यक्रम में समस्त मंडल एवं सकल जैन समाज के लोग भी उपस्थित रहे।